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नोएडा WhatsApp ट्रेडिंग फ्रॉड: फर्जी निवेश सलाहकारों ने दो लोगों से ठगे ₹54 लाख, साइबर एक्सपर्ट ने दी सतर्क रहने की सलाह

Roopa
By Roopa
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नोएडा (उत्तर प्रदेश): साइबर ठगों ने शेयर बाजार में अधिक मुनाफे का लालच देकर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के दो लोगों से करीब ₹54 लाख की ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताकर पीड़ितों को व्हाट्सऐप ट्रेडिंग ग्रुप में जोड़ा और फर्जी मोबाइल ऐप के जरिए निवेश का झांसा देकर रकम हड़प ली।

साइबर अपराधियों ने पहले पीड़ितों का विश्वास जीतने के लिए कम समय में ज्यादा रिटर्न का दावा किया। इसके बाद उन्हें एक नकली ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया गया, जिसमें निवेश की रकम और मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाया गया। जब पीड़ितों ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांगने शुरू कर दिए।

व्हाट्सऐप ग्रुप से शुरू हुआ ठगी का नेटवर्क

जांच के अनुसार, नोएडा के एक निजी कंपनी कर्मचारी को जुलाई 2025 में व्हाट्सऐप के जरिए कुछ लोगों ने संपर्क किया। आरोपियों ने खुद को शेयर बाजार विशेषज्ञ बताया और बेहतर रिटर्न का दावा करते हुए उसे एक निवेश ग्रुप से जोड़ दिया।

इसके बाद पीड़ित को एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया गया। शुरुआत में ऐप पर छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाया गया, जिससे पीड़ित को भरोसा हो गया। धीरे-धीरे उसने बड़ी रकम निवेश कर दी और करीब ₹33 लाख गंवा दिए।

इसी तरह ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक महिला को भी फर्जी ट्रेडिंग ग्रुप में शामिल कर ठगी की गई। आरोपियों ने उसे शेयर बाजार में बड़ा लाभ मिलने का भरोसा दिया और नकली ऐप के माध्यम से करीब ₹21 लाख की धोखाधड़ी कर ली।

रकम निकालने की कोशिश पर शुरू हुई ब्लैकमेलिंग

पीड़ितों ने जब ऐप पर दिखाई जा रही अपनी मूल रकम और कथित मुनाफे को वापस निकालने की कोशिश की तो ठगों ने नई शर्तें लगा दीं। आरोपियों ने टैक्स, प्रोसेसिंग चार्ज और अन्य भुगतान के नाम पर और पैसे की मांग की।

जब पीड़ितों ने अतिरिक्त रकम देने से इनकार किया तो साइबर अपराधियों ने निवेश खाते को फ्रीज करने और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। इसके बाद आरोपियों ने सभी संपर्क बंद कर दिए।

बाद में पीड़ितों को पता चला कि वे एक सुनियोजित साइबर ठगी गिरोह के जाल में फंस चुके हैं।

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साइबर विशेषज्ञ ने बताया ठगी का तरीका

प्रसिद्ध साइबर क्राइम विशेषज्ञ और पूर्व IPS अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने कहा कि ऑनलाइन निवेश ठगी में अपराधी सोशल इंजीनियरिंग तकनीक का इस्तेमाल कर पीड़ितों का भरोसा जीतते हैं। शुरुआत में फर्जी मुनाफा दिखाकर निवेश बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाता है और बाद में रकम निकालने के नाम पर अतिरिक्त भुगतान की मांग की जाती है।

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को व्हाट्सऐप, टेलीग्राम या सोशल मीडिया पर मिलने वाले अनजान निवेश प्रस्तावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। शेयर बाजार में बिना जोखिम के कम समय में असामान्य मुनाफे का दावा साइबर ठगी का बड़ा संकेत हो सकता है।

फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म से रहें सावधान

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ठग अब फर्जी ट्रेडिंग ऐप, नकली निवेश सलाहकार और सोशल मीडिया ग्रुप के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे मामलों में शुरुआती छोटा रिटर्न दिखाकर पीड़ित को बड़ा निवेश करने के लिए तैयार किया जाता है।

निवेश से पहले किसी भी ऐप या प्लेटफॉर्म की वैधता की जांच करना जरूरी है। निवेशकों को केवल पंजीकृत और आधिकारिक प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही लेनदेन करना चाहिए।

साइबर धोखाधड़ी होने पर पीड़ितों को तुरंत बैंक को सूचना देकर भुगतान रोकने की कोशिश करनी चाहिए और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

साइबर पुलिस ऐसे फर्जी निवेश नेटवर्क की जांच कर रही है। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश में जल्द अमीर बनने के लालच से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।

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