मुंबई: मुंबई के प्रतिष्ठित क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (CCI) की कैंटीन का भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विशेष खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत किए गए निरीक्षण में रसोई में गंभीर स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा संबंधी कई उल्लंघन पाए गए। जांच के दौरान कॉकरोच का संक्रमण, फफूंद लगी सब्जियां, एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया में कई गंभीर खामियां सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
यह कार्रवाई 27 जुलाई को ग्रेटर मुंबई के विभिन्न क्लबों की कैंटीनों में चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान की गई। निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार, भोजन तैयार करने और कचरा निस्तारण वाले क्षेत्रों में कॉकरोच और मक्खियों का सक्रिय संक्रमण पाया गया, जिससे खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आईं।
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निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने फफूंद लगी सब्जियां, अत्यधिक पके हुए मशरूम तथा एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री भी रसोई में रखी हुई पाई। इसके अलावा कोल्ड स्टोरेज में रखे खाद्य पदार्थों पर संघनित (कंडेन्सेट) पानी टपकता मिला, जबकि जाम नालियां और खराब साफ-सफाई ने स्वच्छता व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर किया।
इन गंभीर अनियमितताओं के आधार पर खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32(3) तथा खाद्य व्यवसाय लाइसेंस एवं पंजीकरण विनियम, 2011 के विनियम 2.1.8(4) के तहत कैंटीन का FSSAI लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
जांच में यह भी पाया गया कि कैंटीन में अनिवार्य FIFO (First In, First Out) और FEFO (First Expired, First Out) इन्वेंट्री प्रबंधन प्रणाली का पालन नहीं किया जा रहा था। कई खाद्य उत्पादों पर आवश्यक लेबल भी नहीं लगे थे, जिससे उनकी भंडारण अवधि और उपयोग की स्थिति का सत्यापन संभव नहीं था।
निरीक्षण टीम ने क्रॉस-कंटैमिनेशन के जोखिम को बढ़ाने वाली कई अन्य खामियां भी दर्ज कीं। भोजन के संपर्क में आने वाले बर्तनों को धोने के दौरान सीधे फर्श पर रखा जा रहा था। शाकाहारी और मांसाहारी भोजन तैयार करने के क्षेत्रों को अलग नहीं किया गया था तथा रंग-कोड वाले चॉपिंग बोर्ड का भी उपयोग नहीं किया जा रहा था, जो खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि खाद्य संपर्क उपकरणों, रसोई के फर्श और ड्रेनेज लाइनों पर ग्रीस, गाद, गंदगी और रुका हुआ पानी जमा था। निरीक्षकों ने यह भी पाया कि रसोई के काउंटरों की सफाई के लिए झाड़ू का उपयोग किया जा रहा था, जिसे खाद्य संदूषण का गंभीर जोखिम माना गया।
अधिकारियों के अनुसार, 27 जुलाई को चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया उन पांच प्रतिष्ठानों में शामिल था, जिनके खाद्य लाइसेंस निलंबित किए गए। ग्रेटर मुंबई में कुल सात क्लब कैंटीनों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से पांच में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी गंभीर उल्लंघन पाए गए।
खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने कहा कि यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। जिन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उन्हें सभी कमियों को दूर कर निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के बाद ही लाइसेंस बहाली के लिए आवेदन करना होगा।
प्राधिकरण ने दोहराया कि सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए स्वच्छ रसोई बनाए रखना, कीट संक्रमण पर नियंत्रण रखना, खाद्य पदार्थों का उचित भंडारण एवं लेबलिंग सुनिश्चित करना, शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य तैयारी क्षेत्रों को अलग रखना तथा निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
