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मुंबई ATM कैश-ट्रैपिंग गैंग का भंडाफोड़: प्लास्टिक स्ट्रिप से रोकते थे नकदी, भांडुप में तीन आरोपी गिरफ्तार

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By Roopa
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मुंबई: मुंबई पुलिस ने भांडुप इलाके में ATM कैश-ट्रैपिंग फ्रॉड का खुलासा करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह ATM के कैश डिस्पेंसर स्लॉट में प्लास्टिक की पतली पट्टी लगाकर नकदी को बाहर आने से रोक देता था और बाद में मशीन में फंसे पैसे निकाल लेता था। गिरफ्तार आरोपियों में कथित मास्टरमाइंड और उसकी मदद करने वाली दो महिलाएं शामिल हैं।

मामला तब सामने आया जब कई ग्राहकों ने शिकायत की कि उनके बैंक खातों से पैसे तो कट गए, लेकिन ATM से नकदी बाहर नहीं आई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ATM खराब होने का भ्रम पैदा कर ग्राहकों के चले जाने का इंतजार करते थे और उसके बाद फंसी हुई रकम निकाल लेते थे।

जांच की शुरुआत भांडुप स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के 37 वर्षीय शाखा प्रबंधक की शिकायत के बाद हुई। शिकायत में बताया गया कि सचदेव कॉम्प्लेक्स स्थित बैंक ATM में पांच अलग-अलग ग्राहकों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सफल डेबिट ट्रांजैक्शन के बावजूद उन्हें नकदी प्राप्त नहीं हुई।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

CCTV फुटेज से सामने आया ठगी का तरीका

जांच के दौरान पुलिस ने ATM में लगे CCTV कैमरों की लगातार दो दिनों की फुटेज खंगाली। इसमें गिरोह के काम करने का तरीका सामने आया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ग्राहकों से पहले ATM के अंदर पहुंचते थे और कैश डिस्पेंसर स्लॉट में एक पतली ग्रे रंग की प्लास्टिक स्ट्रिप लगा देते थे। इसके बाद जब ग्राहक पैसे निकालने की कोशिश करते थे तो नोट मशीन के अंदर ही फंस जाते थे और बाहर नहीं निकलते थे।

ग्राहक ATM को खराब समझकर वहां से चले जाते थे। इसके बाद आरोपी दोबारा ATM में पहुंचकर डिस्पेंसर स्लॉट में फंसी हुई नकदी निकाल लेते थे।

पुलिस ने बताया कि CCTV फुटेज में मुख्य आरोपी को अलग-अलग समय पर अन्य साथियों की मदद से इस वारदात को अंजाम देते हुए देखा गया।

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मुख्य आरोपी गिरफ्तार, ₹1.29 लाख की संपत्ति बरामद

CCTV फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर भांडुप पुलिस ने कथित मास्टरमाइंड 21 वर्षीय मोहम्मद जियाद उर्फ अयान इरशाद अहमद को गिरफ्तार किया।

आगे की जांच में पुलिस ने दो अन्य आरोपियों की पहचान की, जिनमें 45 वर्षीय अरीफा अजीम दुकानदार और 24 वर्षीय नमिरा अजीम दुकानदार शामिल हैं। दोनों को जांच जारी रहने के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किया गया है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब ₹1.29 लाख की संपत्ति बरामद की है। इसमें लगभग ₹80,000 कीमत की बाइक, ATM ठगी में इस्तेमाल की गई ग्रे प्लास्टिक स्ट्रिप, ₹10,000 कीमत का मोबाइल फोन और ₹39,500 नकद शामिल हैं।

ATM इस्तेमाल करने वालों को पुलिस की सलाह

पुलिस ने लोगों से ATM का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि यदि खाते से पैसे कट जाएं लेकिन ATM से नकदी नहीं मिले तो ग्राहक तुरंत बैंक और पुलिस को इसकी जानकारी दें।

पुलिस ने ग्राहकों को सलाह दी है कि ATM से लेनदेन के बाद यह जरूर जांच लें कि नकदी वास्तव में बाहर आई है या नहीं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की अनदेखी न करें और तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।

इस कार्रवाई को मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में अंजाम दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या आरोपी पहले भी अन्य ATM में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि गिरोह ने कितने ATM को निशाना बनाया और क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं।

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