अशोक खरात मामले में 130 से अधिक फर्जी बैंक खातों और ₹63 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन की जांच करते अधिकारी।

बैंक पहुंचने पर खुला साइबर फ्रॉड का राज, खाताधारक के खाते से उड़े 93,110 रुपये

Team The420
3 Min Read

महराजगंज: उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के सोनौली कस्बे में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है, जहां एक बैंक खाताधारक के खाते से 93 हजार 110 रुपये बिना उसकी जानकारी के ट्रांसफर कर लिए गए। इस घटना ने एक बार फिर बैंकिंग सुरक्षा और साइबर अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित ने पुलिस को शिकायत देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, सोनौली नगर पंचायत के गांधीनगर निवासी सूरज कुमार गुप्ता का पंजाब नेशनल बैंक की सोनौली कस्बे स्थित शाखा में खाता है। पीड़ित का कहना है कि 30 मार्च को उसके खाते से 93,110 रुपये एटीएम के माध्यम से ट्रांसफर कर लिए गए। सबसे हैरानी की बात यह रही कि खाते से रकम निकल जाने के बावजूद उसे किसी प्रकार का मैसेज या अलर्ट प्राप्त नहीं हुआ। इसी कारण उसे इस लेनदेन की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी।

सूरज कुमार गुप्ता को इस घटना की जानकारी तब हुई जब वह मंगलवार को बैंक पहुंचा और भुगतान संबंधी जानकारी ली। बैंक से खाते का विवरण मिलने पर उसे पता चला कि उसके खाते से बड़ी राशि निकल चुकी है। इसके बाद उसने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सोनौली पुलिस को लिखित शिकायत दी और धनराशि की रिकवरी के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

FutureCrime Summit 2026: Registrations to Open Soon for India’s Biggest Cybercrime Conference

पीड़ित का कहना है कि उसने किसी को अपना एटीएम कार्ड, पिन या बैंकिंग जानकारी साझा नहीं की थी। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि साइबर ठगों ने किसी तकनीकी तरीके या धोखाधड़ीपूर्ण माध्यम से खाते तक पहुंच बनाई और रकम उड़ा ली। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ठगी एटीएम क्लोनिंग, कार्ड डिटेल्स की चोरी या किसी अन्य साइबर फ्रॉड तकनीक के जरिए की गई।

सोनौली कोतवाल महेंद्र मिश्रा ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर साइबर टीम मामले की जांच कर रही है। पुलिस बैंकिंग लेनदेन, तकनीकी डेटा और संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल में जुटी है, ताकि धनराशि के ट्रांसफर के तरीके और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके।

यह घटना आम लोगों के लिए भी एक चेतावनी है कि बैंक खातों की नियमित निगरानी, मोबाइल अलर्ट सेवा की पुष्टि और संदिग्ध लेनदेन पर तुरंत शिकायत करना बेहद जरूरी है। साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

हमसे जुड़ें

Share This Article