कोलकाता में बिजनेस निवेश और फर्जी लोन रिकवरी के नाम पर दो अलग-अलग वित्तीय धोखाधड़ी मामलों की जांच शुरू हुई है।

रियल एस्टेट कंपनी की फर्जी रसीद से ₹11.55 करोड़ की ठगी का आरोप: 10 लोगों पर एफआईआर

Roopa
By Roopa
5 Min Read

लखनऊ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रियल एस्टेट निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीजीआई क्षेत्र के साउथ सिटी निवासी हेमंत कुमार राय ने अपनी कंपनी के कुछ एजेंटों पर फर्जी रसीदों के जरिए करीब 100 लोगों से ₹11.55 करोड़ रुपये लेने और रकम हड़पने का आरोप लगाया है। अदालत के आदेश के बाद गोमतीनगर पुलिस ने मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब फर्जी दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और कथित निवेश की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है।

शिकायतकर्ता हेमंत कुमार राय की गोमतीनगर के विवेकखंड में श्रेया इंफ्रा एंड मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड नाम से रियल एस्टेट कंपनी संचालित है। आरोप है कि कंपनी में काम करने वाले कुछ एजेंटों ने निवेशकों को कंपनी में पैसा लगाने और बेहतर मुनाफा मिलने का भरोसा दिया। इसके बाद कथित रूप से कंपनी के नाम पर फर्जी रसीदें तैयार कर निवेशकों से बड़ी रकम वसूली गई। पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद आरोपियों की भूमिका और उनके बीच हुए वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है।

एफआईआर में चंदन कुमार निवासी सीवान, बिहार, रिभा जायसवाल निवासी रामनगर भूठी, वाराणसी, आशीष कुमार यादव निवासी बदलापुर, जौनपुर, मलवथ श्रींशा निवासी करीमनगर, तेलंगाना, विभव पांडेय निवासी कुंडा, प्रतापगढ़, शोभनाथ निवासी वाराणसी, आलोक कुमार और सुनील कुमार निवासी यमुनानगर, प्रयागराज, अमित कुमार निवासी गोमतीनगर, लखनऊ तथा मुस्कान गुलिस्ता निवासी यमुना विहार कॉलोनी, नई दिल्ली को आरोपी बनाया गया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी एजेंटों ने पहले कंपनी में विश्वास हासिल किया और इसके बाद कंपनी के नाम से फर्जी रसीदें छपवाकर लोगों से निवेश के नाम पर रकम लेना शुरू किया। आरोप है कि करीब 100 लोगों को रियल एस्टेट में निवेश करने पर अच्छा रिटर्न मिलने का लालच दिया गया और उनसे कुल ₹11.55 करोड़ रुपये एकत्र किए गए। निवेशकों ने जब अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की और कंपनी कार्यालय पहुंचकर रसीदें दिखाईं, तब हेमंत राय को कथित धोखाधड़ी की जानकारी हुई।

Registration Begins for FutureCrime Summit 2026, India’s Largest Cybercrime Conference

हेमंत राय का आरोप है कि जब उन्होंने एजेंटों से इस संबंध में पूछताछ की तो उन्होंने दावा किया कि पूरी रकम कंपनी में निवेश की गई है। आरोप है कि इसके बाद रिकॉर्ड में कथित रूप से बदलाव कर उन्हें भ्रमित करने का प्रयास किया गया। जांच के दौरान शिकायतकर्ता को पता चला कि निवेशकों से ली गई रकम कंपनी के आधिकारिक खातों में जमा नहीं हुई थी।

आरोप है कि बाद में जब कुछ एजेंटों ने कंपनी छोड़ दी, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। शिकायत के मुताबिक, एजेंटों ने कथित रूप से यह रकम नई दिल्ली स्थित मुस्कान गुलिस्ता की कंपनी में निवेश कर दी थी। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि रकम किस माध्यम से ट्रांसफर की गई, किन खातों में गई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस मामले की जानकारी पहले गोमतीनगर पुलिस को दी थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें अदालत का सहारा लेना पड़ा। अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपों की जांच साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है और सभी संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जाएगी।

पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, कंपनी रिकॉर्ड, निवेशकों से ली गई रकम, फर्जी रसीदों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित ठगी से जुड़ी रकम का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति या कंपनी की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि रियल एस्टेट या किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले कंपनी की वैधता, दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड की पूरी जांच जरूर करें।

हमसे जुड़ें

Share This Article