लखनऊ: आलमबाग के कृष्णानगर क्षेत्र में एक महिला ने समृद्धि इन्फ्रा डेवलपर्स कंपनी के प्रबंध निदेशक (CMD) रंजीत सिंह पर 50 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि कंपनी ने निवेशकों को जाफर खेड़ा स्थित हाईवे सिटी परियोजना में प्लॉट दिलाने का वादा किया, लेकिन अब तक वास्तविक कब्जा नहीं दिया। उल्टा शेष रकम जमा कराने के लिए नोटिस भेजकर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है।
मवैया निवासी अनीता मिश्रा ने बताया कि उन्होंने अपने और अपने रिश्तेदारों के नाम कई प्लॉट बुक कराए थे। कंपनी ने प्लॉट का रेट 300 रुपये प्रति वर्ग फीट तय किया था। इसके बाद सभी निवेशकों ने मिलकर कुल 50 लाख रुपये जमा किए।
“हमने दो आवासीय भूखंडों की रजिस्ट्री भी करवा ली थी, लेकिन डेवलपर्स कंपनी ने अब तक प्लॉट का भौतिक कब्जा नहीं दिया,” पीड़िता ने कहा। उन्होंने इस मामले में नामजद शिकायत पुलिस उपायुक्त से दर्ज कराई।
कृष्णानगर थाना प्रभारी ने पुष्टि की कि शिकायत मिलने के बाद CMD के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच में यह पाया गया कि निवेशकों के जमा किए गए धन के बावजूद प्लॉट की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई थी।
निवेशकों पर नोटिस और मानसिक दबाव
पीड़िता ने आरोप लगाया कि कंपनी बार-बार शेष रकम जमा कराने के लिए नोटिस भेजकर उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रही है।
निवेशक कह रहे हैं कि जमा राशि लेने के बाद भी कंपनी ने परियोजना की सही जानकारी साझा नहीं की। स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए CMD के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली। पुलिस ने कहा कि मामला गंभीर है और इसे जल्द सुलझाने के लिए जांच जारी है।
लखनऊ में रियल एस्टेट ठगी की बढ़ती समस्या
यह मामला लखनऊ में रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ती ठगी की चिंता को और बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों को हमेशा कंपनी की कानूनी और वित्तीय स्थिति की जांच करने के बाद ही किसी परियोजना में निवेश करना चाहिए।
पिछले कुछ वर्षों में कई कंपनियों ने निवेशकों से बड़ी रकम लेकर परियोजनाओं को पूरा नहीं किया, जिससे लोगों को आर्थिक और मानसिक नुकसान हुआ। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई के साथ निवेशकों की सतर्कता भी जरूरी है।
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पुलिस और प्रशासन की भूमिका
स्थानीय पुलिस ने बताया कि जांच में सभी दस्तावेज, रजिस्ट्री और बैंक ट्रांजैक्शन की पड़ताल की जा रही है। CMD के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तेज़ की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि निवेशकों को जागरूक करना और कंपनियों की परियोजनाओं पर निगरानी बढ़ाना इस तरह की ठगी रोकने के लिए जरूरी है।
निवेशक समुदाय की प्रतिक्रिया
पीड़ित अनीता मिश्रा ने कहा, “हमें लगता है हमारी रकम सुरक्षित नहीं थी। अब उम्मीद है कि प्रशासन और पुलिस हमारी मदद करेंगे और जल्द प्लॉट का कब्जा दिलाएंगे।”
स्थानीय रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक हमेशा कंपनी की पिछली परियोजनाओं और कानूनी स्थिति की जांच करें। किसी भी निवेश के पहले पूरी जानकारी और रजिस्ट्री की पुष्टि करना अनिवार्य है।
सावधानी और कानूनी चेतावनी
कंपनी और CMD के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद प्रशासन ने निवेशकों से अपील की है कि किसी भी प्रोजेक्ट में बिना पूरी जांच के पैसा न लगाएं। स्थानीय रियल एस्टेट बाजार में ऐसे मामलों को रोकने के लिए पुलिस, प्रशासन और निवेशक समुदाय को मिलकर काम करना होगा।
जागरूकता और समय पर कानूनी कार्रवाई ही ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय साबित होती है।
