मुंबई रेलवे स्टेशन पर सोने के सिक्के बेचने के बहाने अस्पताल संचालिका को बेहोश कर ₹20 लाख ठगने के मामले में लखनऊ पुलिस जांच कर रही है।

सोने के सिक्के बेचने का झांसा, अस्पताल संचालिका को रेलवे स्टेशन पर बेहोश कर उड़ा लिए ₹20 लाख

Team The420
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लखनऊ। शहर की तालकटोरा थाना क्षेत्र की रहने वाली अस्पताल संचालिका विद्यावती के साथ सोने के सिक्के बेचने के नाम पर ₹20 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। घटना की शिकायत विद्यावती ने पहले मुंबई के कल्याणपुर रेलवे स्टेशन की जीआरपी में दर्ज कराई, बाद में यह मामला लखनऊ के तालकटोरा थाने में स्थानांतरित कर दिया गया।

तालकटोरा निवासी विद्यावती आलमनगर के सरीपुरा में बजरंग अस्पताल की संचालिका हैं। उन्होंने बताया कि जून 2025 में वह गर्भाशय के कैंसर के इलाज के लिए अपने परिचित नौशाद के साथ मुंबई गई थीं। 20 जुलाई 2025 को उन्हें एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को दीपक बताया और नासिक के जंगल में सोने के सिक्के मिलने का दावा किया।

दीपक ने बताया कि 40 लाख रुपये में सिक्के बेचे जा सकते हैं, लेकिन बाद में सौदा 20 लाख रुपये में तय हुआ। विद्यावती ने इलाज के खर्च के लिए सिक्के खरीदने की सहमति दे दी। आरोपी दीपक ने उन्हें 27 जनवरी को मुंबई बुलाया और कल्याणपुर रेलवे स्टेशन पर सिक्के देने के लिए कहा। 29 जनवरी को विद्यावती और नौशाद घर लौटने के लिए ट्रेन में बैठे।

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कल्याणपुर स्टेशन पर दीपक अपने साथी राजू के साथ उसी ट्रेन में चढ़ा। दोनों आरोपियों ने विद्यावती और उनके परिचित को हलवा खिलाकर बेहोश कर दिया और मौके से 20 लाख रुपये लेकर फरार हो गए। विद्यावती को होश आने पर ठगी का पता चला।

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। लखनऊ पुलिस ने कहा कि जब भी ठगी के सबूत हाथ आएंगे, तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि इस तरह की धोखाधड़ी में जालसाज अक्सर लोगों को भरोसे में लेकर व्यक्तिगत नुकसान पहुंचाते हैं।

यह मामला सिर्फ आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पीड़िता के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे जालसाज अक्सर लोगों को लालच देकर फंसाते हैं और उन्हें भ्रमित करते हैं, ताकि वे शिकार बन सकें।

इस तरह के मामलों में सावधानी बेहद जरूरी है। पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या प्रस्ताव पर तुरंत विश्वास न करें, खासकर ऑनलाइन या फोन कॉल के माध्यम से किए गए लेन-देन में।

इस घटना ने शहर में लोगों की सुरक्षा और सतर्कता पर भी सवाल खड़ा किया है। अस्पताल संचालिका ने अपनी सतर्कता और तत्काल शिकायत दर्ज करने की वजह से आगे की बड़ी परेशानी से बचाव किया।

साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पूरे प्रयास कर रही है। इस मामले ने सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने की भी जरूरत बताई है, ताकि लोग निवेश और लेन-देन में धोखाधड़ी से बच सकें।

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