ईरान-अमेरिका तनाव के बीच सक्रिय फर्जी नेटवर्क; शिपिंग कंपनियों को ईरानी अधिकारियों बनकर भेजे जा रहे मैसेज, बिटकॉइन और टेथर में टोल वसूली का झांसा

“होर्मुज में क्रिप्टो स्कैम का साया: सुरक्षित मार्ग के नाम पर जहाजों से मांगी जा रही बिटकॉइन, समुद्री व्यापार पर नया साइबर खतरा”

Roopa
By Roopa
5 Min Read

नई दिल्ली। दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) एक नए तरह के साइबर और वित्तीय अपराध के केंद्र में आ गया है। समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि इस संवेदनशील क्षेत्र में फंसे जहाजों को अब फर्जी संदेशों के जरिए क्रिप्टोकरेंसी स्कैम का शिकार बनाया जा रहा है, जिसमें सुरक्षित मार्ग देने के बदले बिटकॉइन और टेथर जैसी डिजिटल करेंसी की मांग की जा रही है।

ग्रीस की समुद्री सुरक्षा कंपनी MARISKS के अनुसार, यह एक संगठित धोखाधड़ी नेटवर्क है, जो खुद को ईरानी अधिकारियों या संबंधित एजेंसियों का प्रतिनिधि बताकर शिपिंग कंपनियों से संपर्क कर रहा है। इन फर्जी संदेशों में दावा किया जा रहा है कि यदि जहाज मालिक “टोल शुल्क” के रूप में क्रिप्टोकरेंसी का भुगतान करते हैं, तो उनके जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित निकलने दिया जाएगा।

MARISKS ने स्पष्ट किया है कि ये सभी संदेश पूरी तरह से फर्जी हैं और किसी भी आधिकारिक ईरानी या सरकारी संस्था से इनका कोई संबंध नहीं है।

क्रिप्टो के नाम पर नया समुद्री स्कैम मॉडल

जानकारों के मुताबिक, यह स्कैम वैश्विक समुद्री व्यापार की मौजूदा अनिश्चित स्थिति का फायदा उठाकर तैयार किया गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के कुल कच्चे तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा संभालता है, और यहां से हर दिन दर्जनों टैंकर गुजरते हैं।

फर्जी मैसेज भेजने वाले गिरोह शिपिंग कंपनियों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश करते हैं कि भुगतान करने पर जहाज को किसी भी तरह की जांच, रोक या खतरे से बचाया जाएगा। भुगतान सीधे बिटकॉइन या टेथर वॉलेट में मांगा जाता है, जिससे लेन-देन को ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता है।

तनाव और अफवाहों का फायदा उठा रहे अपराधी

रिपोर्ट्स के अनुसार, पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री मार्गों पर बढ़ती अनिश्चितता ने इस स्कैम को और अधिक सक्रिय बना दिया है। कुछ समय पहले यह चर्चा भी सामने आई थी कि ईरान इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स लागू कर सकता है, और भुगतान क्रिप्टो या विदेशी मुद्रा में लिया जा सकता है।

यही अफवाह अब साइबर अपराधियों के लिए एक हथियार बन गई है। वे इसी जानकारी को आधार बनाकर शिपिंग कंपनियों को भ्रमित कर रहे हैं और तुरंत भुगतान का दबाव बना रहे हैं।

हजारों नाविक और सैकड़ों जहाज प्रभावित

मौजूदा स्थिति में लगभग 200 से 300 जहाज इस क्षेत्र में फंसे होने की रिपोर्ट है, जिन पर करीब 20,000 नाविक सवार हैं। ऐसे में किसी भी तरह की गलत सूचना या फर्जी अलर्ट गंभीर आर्थिक और सुरक्षा संकट पैदा कर सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्कैम सिर्फ डिजिटल धोखाधड़ी नहीं, बल्कि समुद्री लॉजिस्टिक्स और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के लिए भी खतरा बन सकता है।

FutureCrime Summit 2026: Registrations to Open Soon for India’s Biggest Cybercrime Conference

फर्जी नेटवर्क और साइबर रणनीति

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क केवल एक साधारण स्कैम नहीं है, बल्कि एक संगठित साइबर अपराध तंत्र का हिस्सा हो सकता है। इसमें सोशल इंजीनियरिंग, फर्जी पहचान और क्रिप्टो ट्रांजैक्शन को मिलाकर एक जटिल मॉडल तैयार किया गया है।

इस तरह के स्कैम में अपराधी खुद को आधिकारिक संस्थाओं से जोड़कर भरोसा जीतते हैं, और फिर वित्तीय लेन-देन को तुरंत डिजिटल वॉलेट में ट्रांसफर करवा लेते हैं।

हमले और संदिग्ध घटनाएं बढ़ीं

रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि हाल ही में इस क्षेत्र में कुछ जहाजों पर हमले और संदिग्ध गतिविधियां दर्ज की गई हैं, जिससे सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं। हालांकि इन घटनाओं और क्रिप्टो स्कैम के बीच सीधा संबंध अभी जांच के दायरे में है।

विशेषज्ञों की चेतावनी

समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के स्कैम आने वाले समय में और भी बढ़ सकते हैं, खासकर तब जब क्रिप्टोकरेंसी लेन-देन वैश्विक व्यापार का हिस्सा बनता जा रहा है।

अधिकारियों ने शिपिंग कंपनियों को सलाह दी है कि वे किसी भी अनधिकृत संदेश या पेमेंट रिक्वेस्ट पर भरोसा न करें और सभी संचार केवल आधिकारिक चैनलों के माध्यम से ही सत्यापित करें।

फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।

हमसे जुड़ें

Share This Article