गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में विश्वास का फायदा उठाकर कथित तौर पर ₹1.16 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक कार चालक ने अपने मालिक से मकान निर्माण के नाम पर तीन वर्षों के दौरान किस्तों में बड़ी रकम हासिल की और बाद में हस्ताक्षरित चेक का कथित दुरुपयोग कर बैंक खाते से भी लाखों रुपये निकाल लिए। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी। पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद न्यायालय के आदेश पर शाहपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला शाहपुर थाना क्षेत्र के मेडिकल रोड स्थित बशारतपुर की भोला जी पुरम कॉलोनी का है। पीड़ित बाबूराम प्रसाद ने न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि देवेंद्र सिंह कई वर्षों तक उनके यहां कार चालक के रूप में कार्य करता था। इस दौरान दोनों के बीच विश्वास का संबंध बन गया। इसी भरोसे का लाभ उठाते हुए आरोपी ने कथित तौर पर मकान निर्माण के लिए आर्थिक सहायता की मांग शुरू की और अलग-अलग समय पर बड़ी रकम लेता रहा।
शिकायत के अनुसार, पिछले लगभग तीन वर्षों में देवेंद्र सिंह ने बैंक खातों के माध्यम से करीब ₹96.96 लाख अपने खाते में ट्रांसफर कराए। इसके अतिरिक्त उसने लगभग ₹20 लाख नकद भी लिए। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने लगातार यह भरोसा दिलाया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद वह पूरी राशि वापस कर देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि देवेंद्र सिंह ने मालिक के हस्ताक्षरित कुछ चेक कथित तौर पर चोरी कर लिए और उनका दुरुपयोग करते हुए बैंक खाते से लाखों रुपये और निकाल लिए। पीड़ित का कहना है कि उन्हें इस कथित अनियमितता की जानकारी बाद में बैंक लेनदेन और खातों का मिलान करने पर हुई। इसके बाद उन्होंने आरोपी से जवाब मांगा और पूरी राशि लौटाने को कहा।
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पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने अपने रुपये वापस मांगने के लिए दबाव बनाया, तो देवेंद्र सिंह ने कथित तौर पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने कहा कि रुपये भूल जाएं, अन्यथा वाहन से कुचलवाकर उनकी हत्या करवा देगा। इस कथित धमकी के बाद पीड़ित ने स्वयं को असुरक्षित महसूस करते हुए पुलिस से संपर्क किया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली।
अदालत ने उपलब्ध तथ्यों का संज्ञान लेते हुए शाहपुर थाना पुलिस को मामला दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान बैंक खातों में हुए लेनदेन, चेक से संबंधित रिकॉर्ड, भुगतान के दस्तावेज और अन्य वित्तीय साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित रूप से ट्रांसफर की गई राशि किन खातों में गई और उसका आगे किस प्रकार उपयोग किया गया।
जांच एजेंसियां बैंक स्टेटमेंट, चेक की प्रतियां, हस्ताक्षर का सत्यापन और अन्य दस्तावेजों का मिलान कर रही हैं। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित बैंक अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है या धन के लेनदेन में अतिरिक्त खातों का उपयोग पाया जाता है, तो जांच का दायरा भी बढ़ाया जा सकता है।
यह मामला विश्वास के आधार पर किए गए वित्तीय लेनदेन में सावधानी बरतने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी धनराशि का लेनदेन हमेशा लिखित समझौते, स्पष्ट अभिलेख और बैंकिंग माध्यमों से ही किया जाना चाहिए। हस्ताक्षरित चेक या अन्य वित्तीय दस्तावेज बिना पर्याप्त सुरक्षा के किसी के पास नहीं छोड़ने चाहिए। फिलहाल पुलिस मामले के सभी वित्तीय और दस्तावेजी पहलुओं की जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
