लॉस एंजिलिस: दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म और टेलीविजन पुरस्कार समारोहों में शामिल गोल्डन ग्लोब्स एक बार फिर बड़े कानूनी विवाद में घिर गया है। हॉलीवुड फॉरेन प्रेस एसोसिएशन (HFPA) के पूर्व सदस्यों ने अमेरिकी मीडिया कंपनी Penske Media Corporation (PMC) और अन्य संबंधित पक्षों के खिलाफ कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में धोखाधड़ी, अनुचित प्रतिस्पर्धा और एकाधिकार स्थापित करने की साजिश का आरोप लगाते हुए कम से कम 150 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब ₹1,290 करोड़) के हर्जाने की मांग की है। मुकदमे में दावा किया गया है कि गोल्डन ग्लोब्स के अधिग्रहण के लिए योजनाबद्ध तरीके से संस्था की साख और बाजार मूल्य को कमजोर किया गया।
दायर मुकदमे के अनुसार, Penske Media और उसके मालिक जे पेंस्के ने कथित तौर पर होल्डिंग कंपनी Eldridge Industries और उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉड बोहली के साथ मिलकर ऐसी रणनीति अपनाई, जिससे गोल्डन ग्लोब्स के खिलाफ उद्योग में विरोध और बहिष्कार का माहौल बना। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस अभियान का उद्देश्य पुरस्कार समारोह का मूल्य कम करना था ताकि बाद में उसका अधिग्रहण अपेक्षाकृत कम कीमत पर किया जा सके।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2023 में हुए अधिग्रहण के दौरान HFPA के बोर्ड से महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बोर्ड को यह नहीं बताया गया कि Penske Media इस सौदे में प्रत्यक्ष रूप से शामिल है। उनका दावा है कि यदि बोर्ड को वास्तविक स्थिति की जानकारी होती तो वह इस प्रस्ताव को कभी मंजूरी नहीं देता। मुकदमे में यह भी कहा गया है कि अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान संगठन के नेतृत्व को प्रभावित कर निर्णय अपने पक्ष में कराया गया।
Penske Media मनोरंजन जगत की कई प्रमुख प्रकाशनों और मीडिया ब्रांडों का स्वामित्व रखती है, जिनमें Variety, Deadline, The Hollywood Reporter, Rolling Stone और Billboard शामिल हैं। कंपनी की सहायक इकाई Dick Clark Productions कई प्रतिष्ठित अवॉर्ड समारोहों का संचालन करती है और वर्तमान में गोल्डन ग्लोब्स के संचालन में भी उसकी हिस्सेदारी है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इतने बड़े मीडिया नेटवर्क के माध्यम से मनोरंजन उद्योग में अत्यधिक प्रभाव स्थापित करने का प्रयास किया गया।
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पूर्व HFPA सदस्यों ने अदालत में कहा है कि अधिग्रहण के दौरान उन्हें आजीवन गोल्डन ग्लोब्स समारोह में प्रवेश, मतदान अधिकार और अन्य विशेष सुविधाएं देने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि बाद में इन सुविधाओं पर ऐसी शर्तें लगा दी गईं जिन्हें पूरा करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था। उनके अनुसार यह भी सौदे का हिस्सा रही कथित भ्रामक रणनीति थी।
वहीं गोल्डन ग्लोब्स के वर्तमान प्रबंधन ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह मुकदमा पूर्व HFPA की ओर से किया गया एक और “बेतुका और तर्कहीन” प्रयास है। प्रबंधन का कहना है कि गोल्डन ग्लोब फाउंडेशन एक स्वतंत्र गैर-लाभकारी संस्था है और उसे केवल पुरस्कार समारोह के टिकट हासिल करने के उद्देश्य से कानूनी विवाद में घसीटना अनुचित है। बयान में यह भी कहा गया कि पूर्व HFPA पहले से ही नैतिक विफलताओं, पारदर्शिता की कमी और भेदभाव जैसे आरोपों का सामना करता रहा है।
गौरतलब है कि वर्ष 2021 में प्रकाशित एक जांच रिपोर्ट में सामने आया था कि HFPA में लंबे समय तक केवल एक अश्वेत सदस्य था। इसके बाद संस्था की विविधता और पारदर्शिता को लेकर व्यापक आलोचना हुई और कई फिल्म स्टूडियो तथा कलाकारों ने गोल्डन ग्लोब्स का बहिष्कार किया। वर्ष 2022 में NBC ने पुरस्कार समारोह का प्रसारण भी नहीं किया था। बाद में वर्ष 2023 में संगठन का पुनर्गठन हुआ और उसके बाद गोल्डन ग्लोब्स का प्रसारण CBS पर शुरू हुआ।
मुकदमे में कैलिफोर्निया के गैर-लाभकारी संस्थाओं से जुड़े कानूनों के कथित दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि गोल्डन ग्लोब फाउंडेशन का इस्तेमाल अधिग्रहण का मूल्य कम करने और लाभकारी व्यावसायिक संरचना को मजबूत करने के लिए किया गया। हालांकि प्रतिवादी पक्ष ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए अदालत में उनका मजबूती से जवाब देने की बात कही है।
अब यह मामला अमेरिकी संघीय अदालत में विचाराधीन है। यदि अदालत प्रारंभिक आरोपों को सुनवाई योग्य मानती है, तो गोल्डन ग्लोब्स के 2023 अधिग्रहण, उससे जुड़े व्यावसायिक समझौतों, मीडिया प्रतिस्पर्धा और हॉलीवुड मनोरंजन उद्योग में संभावित एकाधिकार के आरोपों की विस्तृत न्यायिक जांच हो सकती है। मामले के परिणाम पर वैश्विक मनोरंजन उद्योग और मीडिया क्षेत्र की भी करीबी नजर बनी हुई है।
