नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने भारत और इंग्लैंड के बीच चल रहे क्रिकेट मैच पर कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी संचालित करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट भी शामिल है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी और सभी आरोपियों को कानून के तहत निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार प्राप्त है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जतिन टंडन, योगेश गोयल, अनमोल, शिखर अग्रवाल और मोहित ढिंगरा के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि आरोपी पश्चिमी दिल्ली के कीर्ति नगर क्षेत्र स्थित एक मकान से भारत-इंग्लैंड क्रिकेट मैच पर कथित तौर पर लाइव ऑनलाइन सट्टेबाजी का संचालन कर रहे थे।
पुलिस का कहना है कि मामले का खुलासा गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई के दौरान हुआ। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने 16 जुलाई को संबंधित परिसर में छापा मारा। अधिकारियों के अनुसार, मौके पर पांचों आरोपी कथित रूप से ऑनलाइन सट्टेबाजी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए। पुलिस का दावा है कि छापेमारी के दौरान आरोपियों ने लैपटॉप और मोबाइल फोन बंद कर डिजिटल साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने तत्काल उन्हें हिरासत में लेकर उपकरण जब्त कर लिए।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 28 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में इन उपकरणों पर कथित लाइव सट्टेबाजी से संबंधित डिजिटल इंटरफेस और रिकॉर्ड मिलने का दावा किया गया है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को विस्तृत डिजिटल फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी कथित रूप से अधिक आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से इस नेटवर्क से जुड़े थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि यह कथित सट्टेबाजी नेटवर्क कितने समय से संचालित हो रहा था, इसके अन्य संचालक और लाभार्थी कौन हैं तथा अवैध कमाई का धन किन बैंक खातों, डिजिटल भुगतान माध्यमों या अन्य वित्तीय चैनलों के जरिए स्थानांतरित किया जाता था।
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जांच के तहत पुलिस बैंक खातों, डिजिटल भुगतान रिकॉर्ड, मोबाइल संचार, चैट, कॉल विवरण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य आरोपियों, सहयोगियों या किसी बड़े संगठित नेटवर्क की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
Future Crime Research Foundation से जुड़े साइबर एवं वित्तीय अपराध विशेषज्ञों के अनुसार, ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क अक्सर डिजिटल भुगतान, म्यूल बैंक खातों, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कर अपने वित्तीय लेनदेन और गतिविधियों को छिपाने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों में डिजिटल फोरेंसिक, बैंकिंग रिकॉर्ड, भुगतान ट्रेल और इलेक्ट्रॉनिक संचार का विश्लेषण पूरे नेटवर्क तथा धन के प्रवाह का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि गिरफ्तारी या पुलिस के आरोप मात्र से किसी व्यक्ति का अपराध सिद्ध नहीं हो जाता। अभियोजन पक्ष को न्यायालय में डिजिटल, दस्तावेजी और अन्य स्वीकार्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध करने होंगे, जबकि सभी आरोपियों को कानून के अनुसार निष्पक्ष सुनवाई और अपना पक्ष रखने का अधिकार प्राप्त है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। यदि विवेचना के दौरान अतिरिक्त डिजिटल साक्ष्य, अवैध वित्तीय लेनदेन या व्यापक सट्टेबाजी नेटवर्क के संबंध सामने आते हैं, तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच एजेंसियां कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क की संरचना, वित्तीय गतिविधियों और उससे जुड़े सभी व्यक्तियों की भूमिका की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं।
