चंद्रपुर (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में फेसबुक रील्स पर निवेश के नाम पर दिखाए गए आकर्षक विज्ञापन के झांसे में आकर एक सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक से ₹9.46 लाख की कथित साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और डिजिटल नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, वरोरा तहसील के बोर्डा गांव निवासी बलवंत घडले ने अपनी शिकायत में बताया कि अक्टूबर 2025 में फेसबुक रील्स देखते समय उन्हें अधिक रिटर्न का दावा करने वाला एक निवेश विज्ञापन दिखाई दिया। संबंधित लिंक पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करने के बाद उनसे “अयान प्रणव” नाम बताने वाले व्यक्ति ने संपर्क किया।
शिकायत के अनुसार, शुरुआत में सदस्यता शुल्क के नाम पर ₹22,020 जमा कराने को कहा गया। इसके बाद अधिक मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग चरणों में पहले ₹44,200 और फिर ₹8.80 लाख आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से विभिन्न बैंक खातों में जमा कराए गए।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने “9 Pro” नामक कथित निवेश ऐप के माध्यम से बढ़ता हुआ निवेश और मुनाफा दिखाकर शिकायतकर्ता का विश्वास जीता। हालांकि, नवंबर 2025 में जब उन्होंने अपनी निवेश राशि निकालने का प्रयास किया तो लेनदेन विफल हो गया। बाद में ऐप में खाते की पूरी शेष राशि शून्य दिखाई देने पर उन्हें ठगी का संदेह हुआ।
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घटना के बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। अपेक्षित कार्रवाई न होने पर उन्होंने वरोरा पुलिस थाने में शिकायत दी, जिसके आधार पर पुलिस ने औपचारिक प्राथमिकी दर्ज की।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66(C) और 66(D) के तहत मामला दर्ज किया है। ये धाराएं पहचान की चोरी और कंप्यूटर संसाधनों के माध्यम से प्रतिरूपण कर धोखाधड़ी से संबंधित हैं।
जांच एजेंसियां उन बैंक खातों की पड़ताल कर रही हैं, जिनमें धनराशि जमा कराई गई। साथ ही कथित फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के डिजिटल ढांचे, उससे जुड़े व्यक्तियों और धन के प्रवाह का भी विश्लेषण किया जा रहा है। यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी किसी बड़े संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का हिस्सा हैं या नहीं।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर अधिक या सुनिश्चित रिटर्न का दावा करने वाले निवेश प्रस्तावों से सतर्क रहना चाहिए। किसी भी निवेश से पहले संबंधित कंपनी या प्लेटफॉर्म की प्रामाणिकता की जांच करें, संदिग्ध लिंक पर व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा न करें और बिना सत्यापन के किसी अज्ञात खाते में धनराशि हस्तांतरित करने से बचें।
