अरांई। बीसी में निवेश कर अच्छा मुनाफा कमाने और जमा रकम पर 2% मासिक ब्याज देने का झांसा देकर 21 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले में पुलिस ने करीब तीन साल से फरार चल रहे आरोपी को जयपुर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी इस मामले में वांछित था। पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस के मुताबिक, बोराड़ा निवासी 33 वर्षीय पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2020 में आरोपियों ने उससे संपर्क किया था। उन्होंने कथित तौर पर बताया कि किशनगढ़ में उनका बिजनेस प्लान बीसी चल रहा है, जिसमें रकम निवेश करने पर अच्छा मुनाफा मिलेगा। साथ ही जमा राशि पर कम से कम 2% मासिक ब्याज देने का भरोसा दिलाया गया।
आरोपियों की बात पर विश्वास कर पीड़ित ने 25 अगस्त 2020 से 25 जुलाई 2022 के बीच अलग-अलग समय पर रकम दी। पुलिस के अनुसार, उसने 16 लाख रुपये आरोपियों के बैंक खातों में जमा किए, जबकि 5 लाख रुपये नकद दिए। इस तरह कुल 21 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
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तय समय बीतने के बाद जब पीड़ित को न तो निवेश की रकम वापस मिली और न ही वादे के मुताबिक ब्याज मिला, तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की, लेकिन मामला दर्ज होने के बाद आरोपी कथित तौर पर फरार हो गए।
जांच के दौरान पुलिस ने मामले में शामिल दो आरोपियों को पहले गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, तीसरा आरोपी करीब तीन साल से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। पुलिस ने उसे वांछित आरोपियों की सूची में रखा था और उसकी तलाश लगातार जारी थी।
पुलिस टीम को आरोपी के जयपुर में होने की जानकारी मिलने के बाद वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। पुलिस अब मामले में ठगी की रकम के लेनदेन और आरोपियों की भूमिका से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि बीसी में निवेश और मासिक ब्याज का झांसा देकर कितने अन्य लोगों से रकम ली गई थी। साथ ही बैंक खातों में जमा रकम और नकद भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।
