अदिलाबाद में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ₹3 लाख की कथित ठगी के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ₹3 लाख की ठगी, तीन गिरफ्तार; पैसे वापस मांगने पर धमकी का आरोप

Team The420
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अदिलाबाद: तेलंगाना के अदिलाबाद जिले में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर ₹3 लाख की ठगी करने के मामले में मावला पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक बेरोजगार युवक को विदेश में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे रकम ली थी। नौकरी का वादा पूरा नहीं होने पर जब परिवार ने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने कथित तौर पर धमकी दी। मामले में एक अन्य आरोपी के फरार होने की जानकारी सामने आई है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मावला निवासी मोहम्मद खाजा मोईउद्दीन, 28, गोरेमिया, 62, और बाले श्रीनिवास, 47, के रूप में हुई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में फरार आरोपी की तलाश जारी है।

नौकरी का झांसा देकर ली रकम

पुलिस के अनुसार, मामला मावला मंडल के कैलाशनगर इलाके की रहने वाली लावण्या की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके भाई राहुल को विदेश में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। नौकरी की व्यवस्था करने के नाम पर आरोपियों ने कथित तौर पर राहुल से ₹3 लाख लिए।

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परिवार को उम्मीद थी कि रकम देने के बाद विदेश में रोजगार की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और युवक को तय नौकरी मिल जाएगी। हालांकि, आरोपियों की ओर से किया गया वादा पूरा नहीं हुआ। काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं मिलने पर परिवार ने रकम वापस मांगनी शुरू की।

पैसे लौटाने की मांग पर धमकी का आरोप

शिकायत में लावण्या ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने और उनके परिवार ने दी गई रकम वापस करने की मांग की, तो आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और मावला पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की।

पुलिस ने आरोपों की जांच के बाद तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया और पूछताछ की। इसके बाद उन्हें मामले में गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विदेश में नौकरी दिलाने का वादा करने के पीछे आरोपियों की वास्तविक योजना क्या थी और क्या उन्होंने इसी तरीके से अन्य बेरोजगार युवाओं से भी रकम ली है।

फरार आरोपी की तलाश जारी

मामले में एक अन्य आरोपी के फरार होने की जानकारी पुलिस ने दी है। जांच एजेंसी उसकी तलाश कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित ठगी में कुल कितने लोग शामिल थे और रकम का इस्तेमाल कहां किया गया।

जांच के दौरान पुलिस शिकायतकर्ता और आरोपी पक्ष के बीच हुई बातचीत तथा लेनदेन से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल कर सकती है। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाली ठगी के मामलों में आमतौर पर फर्जी नियुक्ति पत्र, विदेश भेजने की प्रक्रिया, वीजा या एजेंसी के नाम पर रकम मांगी जाती है। हालांकि, इस मामले में पुलिस ने अभी तक ऐसी किसी विशिष्ट प्रक्रिया या दस्तावेज के इस्तेमाल की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

विदेशी नौकरी के नाम पर बढ़ता जोखिम

विदेश में नौकरी पाने की इच्छा रखने वाले बेरोजगार युवाओं को ऐसे मामलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। नौकरी का प्रस्ताव मिलने के बाद संबंधित कंपनी, भर्ती एजेंसी, रोजगार अनुबंध और विदेश में नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना महत्वपूर्ण है। केवल फोन पर किए गए वादे या किसी व्यक्ति की पहचान के आधार पर बड़ी रकम देना जोखिम भरा हो सकता है।

मावला पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच का अगला चरण फरार आरोपी तक पहुंचने और पूरे नेटवर्क की भूमिका स्पष्ट करने पर केंद्रित है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ₹3 लाख की कथित ठगी किसी एक पीड़ित तक सीमित थी या आरोपियों ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर अन्य युवाओं को भी निशाना बनाया। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।

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