उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजने का भरोसा देकर रकम लेने का आरोप; लोन और वीजा प्रक्रिया के नाम पर युवक का बैंक खाता खुलवाया, पासबुक, चेकबुक, हस्ताक्षरित चेक और एटीएम अपने पास रखने का दावा

UK स्टडी वीजा का झांसा, 21 लाख की कथित ठगी; बैंक खाता खुलवाकर दस्तावेज भी रखे, सात पर केस

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By Roopa
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मिलक। यूके में उच्च शिक्षा के लिए स्टडी वीजा दिलाने के नाम पर 21 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। ग्राम नया गांव जालिफ नगला निवासी अकील अहमद की शिकायत पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि वीजा और लोन की प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर उनके बेटे आकिब के नाम बैंक खाता खुलवाया गया। इसके बाद पासबुक, चेकबुक, हस्ताक्षरित चेक और एटीएम कथित तौर पर अपने पास रख लिए गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बैंक खाते का निजी कामों में इस्तेमाल किया गया और रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराई गई।

अकील अहमद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका बेटा आकिब यूके जाकर उच्च शिक्षा हासिल करना चाहता था। इसके लिए उसे स्टडी वीजा की जरूरत थी। इसी सिलसिले में उनकी मुलाकात चिंचोली निवासी गुरमुख सिंह से हुई। आरोप है कि गुरमुख सिंह ने आकिब का यूके स्टडी वीजा लगवाने और पूरी प्रक्रिया कराने के लिए करीब 21 लाख रुपये खर्च होने की बात कही।

शिकायत के मुताबिक, वीजा प्रक्रिया के साथ लोन फाइल तैयार कराने की बात कहकर आकिब के नाम से बैंक खाता खुलवाया गया। आरोप है कि खाता खुलने के बाद उसकी पासबुक, चेकबुक, हस्ताक्षरित चेक और एटीएम आरोपियों ने अपने पास रख लिए। पीड़ित पक्ष का दावा है कि इसके बाद बैंक खाते से जुड़े साधनों का इस्तेमाल आरोपियों ने अपनी जरूरतों के लिए किया और खाते में मौजूद या उससे जुड़ी रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराया गया।

अकील अहमद के अनुसार, उन्होंने बेटे की विदेश में पढ़ाई और वीजा प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद में आरोपियों पर भरोसा किया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि तय रकम लेने के बावजूद आकिब का यूके स्टडी वीजा नहीं लगवाया गया। इसके बाद जब रकम वापस मांगी गई तो कथित तौर पर उसे भी वापस नहीं किया गया। लगातार रकम वापस नहीं मिलने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

पुलिस ने मामले में गुरमुख सिंह समेत सात लोगों को नामजद किया है। नामजद आरोपियों में बलविंदर सिंह, सुरजीत सिंह, करन सिंह, सिमरनजीत कौर, किरणदीप कौर और हरदीप सिंह भी शामिल हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपों की जांच शुरू कर दी है।

जांच के दौरान पुलिस बैंक खाते से जुड़े रिकॉर्ड और लेन-देन का विवरण खंगाल रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि आकिब के नाम से खाता किस प्रक्रिया के तहत खुलवाया गया था और उसके संचालन में आरोपियों की क्या भूमिका रही। पुलिस अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई रकम, बैंकिंग दस्तावेजों और शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए 21 लाख रुपये के आरोप की भी जांच करेगी।

मामले में बैंक खाते से जुड़े दस्तावेजों और साधनों का कथित तौर पर आरोपियों के पास रहना भी जांच का अहम बिंदु है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पासबुक, चेकबुक, हस्ताक्षरित चेक और एटीएम किसके कब्जे में रहे तथा इनका इस्तेमाल कब और किस उद्देश्य से किया गया। बैंक रिकॉर्ड से लेन-देन की पुष्टि होने के बाद कथित ठगी और रकम के इस्तेमाल की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, पूरा मामला बेटे को यूके भेजकर उच्च शिक्षा दिलाने के भरोसे से शुरू हुआ था। आरोप है कि वीजा प्रक्रिया के नाम पर रकम लेने और बैंक खाता खुलवाने के बाद भी न तो विदेश जाने की प्रक्रिया पूरी हुई और न ही रकम वापस की गई। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। फिलहाल सात नामजद लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच जारी है।

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