धनबाद। नौकरी और सरकारी विभागों में पद दिलाने के नाम पर कथित तौर पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ धनबाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। धनबाद थाना की पुलिस ने जोड़ाफाटक रोड स्थित शक्ति अपार्टमेंट निवासी पंकज कुमार गुप्ता को आईएसएम गेट के पास से पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया है कि पंकज अपने भाई यश कुमार गुप्ता और मां पूनम गुप्ता के साथ मिलकर अब तक करीब 15 लोगों से लगभग 56 लाख रुपये की कथित ठगी कर चुका है।
मामले में 22 सितंबर को झरिया भागा के भूतगढ़िया निवासी कुमारी रेणु की शिकायत पर धनबाद थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसमें पंकज के अलावा उसके भाई यश और मां पूनम को आरोपी बनाया गया है। रेणु ने आरोप लगाया कि आईसीडीएस विभाग में प्रमोशन दिलाने के नाम पर तीनों ने उनसे 15 लाख रुपये लिए थे। जब लंबे समय तक प्रमोशन नहीं मिला और उन्होंने रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने कथित तौर पर उनके साथ बदसलूकी की।
पुलिस जांच के अनुसार, जिस समय रेणु से कथित ठगी की गई, उस समय पंकज एसएनएमएमसीएच में अनुबंध पर काम करता था। उसके भाई यश के धनबाद के एक प्रतिष्ठित स्कूल में वरिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत होने की जानकारी भी सामने आई है। आरोप है कि पंकज ने रेणु का भरोसा जीतने के लिए तत्कालीन प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह के हस्ताक्षर वाला फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी दिया था।
रेणु के परिवार ने आरोप लगाया कि रकम गंवाने के सदमे का उनके पति संजय कुमार सिंह के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ा और उन्हें हार्ट अटैक आया। इलाज के लिए पैसे की व्यवस्था करने में परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस के मुताबिक, पंकज और उसके सहयोगियों पर केवल नौकरी के नाम पर ठगी के आरोप नहीं हैं। आरोपियों ने आईएसएम, पीएमसीएच, बीसीसीएल, आंगनबाड़ी और अन्य विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से रकम लेने का कथित तौर पर काम किया। पंकज पलामू में दो मामलों, बैंक मोड़ में एक मामले और धनबाद थाना के एक अन्य मामले में भी वांछित बताया गया है। पुलिस उसके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।
जांच में सामने आए मामलों में झरिया राजबाड़ी रोड निवासी पूजा सिंघल से सहायक प्रोटोकॉल पदाधिकारी बनाने का झांसा देकर 6.50 लाख रुपये लेने का आरोप है। डाल्टनगंज निवासी इंद्रेश कुमार तिवारी से नौकरी के नाम पर 5.30 लाख और पलामू निवासी शिवाकांत तिवारी से 4.50 लाख रुपये लेने की शिकायत सामने आई है। भोजपुर जिले के उदय शंकर राय से बीसीसीएल में नौकरी दिलाने के नाम पर 4.20 लाख रुपये लेने का आरोप है।
Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise
इसके अलावा झरिया स्टेशन रोड निवासी राजकिशोर चौरसिया से जमीन बिक्री के नाम पर पांच लाख रुपये लेने, चौथाईकुल्ही निवासी डोलू मोदक के साथ जमीन का कथित फर्जी एकरारनामा कर पांच लाख रुपये की ठगी करने और बगोदर गोपालडीह निवासी प्रमोद कुमार ठाकुर से नौकरी के नाम पर 1.55 लाख रुपये लेने का आरोप है। झरिया निवासी किशन कुमार पांडेय से आईएसएम में नौकरी दिलाने के नाम पर सात लाख और सरायढेला निवासी देव दत्ता से मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नौकरी दिलाने के नाम पर 2.50 लाख रुपये लेने की शिकायत भी पुलिस के सामने आई है।
बैंक मोड़ के हरि गोपाल मजूमदार रोड निवासी अमित कुमार ने दोनों भाइयों पर अपना फ्लैट कथित तौर पर पांच साल से कब्जे में रखने का आरोप लगाया है। पुलिस इन सभी शिकायतों और मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, पंकज कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों से अपने संबंध बताकर लोगों का भरोसा जीतता था। पलामू के दो युवकों को प्रभावित करने के लिए उसने झारखंड की एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को अपनी बुआ और पूर्व में राज्य में महत्वपूर्ण विभाग संभाल चुके एक मंत्री को अपना मामा बताया था। आरोप है कि इन नामों का इस्तेमाल पहले विश्वास कायम करने और बाद में नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने के लिए किया जाता था।
पंकज के पिता उदय कुमार गुप्ता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि उनके दोनों बेटे और पत्नी मिलकर ठगी का गिरोह चला रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर पंकज ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उनकी हड्डी टूट गई। पिता के मुताबिक, पंकज घर का सामान निकालकर बेच रहा था। उन्होंने यह भी बताया कि एक छिनतई की घटना के दौरान हुई मारपीट में पंकज का अंगूठा कट गया था।
धनबाद पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ धनबाद के अलावा पलामू और गिरिडीह में भी मामले सामने आए हैं। पुलिस इन मामलों की जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तथा कथित ठगी की रकम के लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।
