पुणे। केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस ने पुणे की अदालत में 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में पुलिस ने हत्या की कथित साजिश, आरोपियों की गतिविधियों और डिजिटल साक्ष्यों से जुड़े कई दावे किए हैं। जांच के मुताबिक, केतन अपनी कथित प्रेमिका सिया गोयल के जन्मदिन पर उसे खास सरप्राइज देने की तैयारी कर रहा था। उसने अपनी पीठ पर सिया के नाम का टैटू बनवाया था। पुलिस का दावा है कि जिस जन्मदिन पर केतन यह तोहफा देने वाला था, उससे कुछ ही समय पहले उसकी कथित तौर पर हत्या कर दी गई।
चार्जशीट के मुताबिक, सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे पर आरोप है कि उन्होंने केतन और सिया की शादी रोकने के लिए कथित तौर पर हत्या की साजिश रची। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वारदात को दुर्घटना का रूप देने की तैयारी भी की थी। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि घटना से पहले लोहगढ़ किले के आसपास रेकी की गई थी।
पुलिस का दावा है कि 31 मई को केतन को ट्रेकिंग के बहाने लोहगढ़ ले जाया गया था। इस दौरान घटनास्थल की तस्वीरें भी खींची गईं। चार्जशीट में 14 जून की एक कथित नाकाम कोशिश का भी जिक्र है। पुलिस के मुताबिक, उस दिन केतन को खाई में धकेलने का प्रयास किया गया, लेकिन वह बच गया। इसके बाद कथित योजना में बदलाव किया गया और दोबारा उसे ऐसी जगह ले जाने की तैयारी हुई, जहां घटना को हादसा बताया जा सके।
जांच में फर्जी Instagram अकाउंट भी एक अहम कड़ी के तौर पर सामने आया है। चार्जशीट के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर एक महिला के नाम से फर्जी पहचान बनाई और उसके जरिए केतन से बातचीत कर उसका भरोसा हासिल करने की कोशिश की। पुलिस का आरोप है कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल उसे प्रभावित करने और योजनाबद्ध तरीके से एक निश्चित स्थान तक पहुंचाने के लिए किया गया।
चार्जशीट में आरोपियों की कथित इंटरनेट गतिविधियों का भी उल्लेख है। पुलिस के अनुसार, हत्या की योजना से पहले इंटरनेट पर जहरीले मशरूम, किसी को मारने के तरीके, लोहगढ़ और लोगों को नियंत्रित करने से जुड़े संदिग्ध शब्दों की खोज की गई थी। इन सर्च को पुलिस ने जांच में कथित साजिश से जोड़कर देखा है।
Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise
महाबलेश्वर की जगह लोहगढ़ ले जाने की योजना
पुलिस के मुताबिक, केतन की प्री-वेडिंग यात्रा की योजना थी। आरोप है कि सिया ने उसका पासपोर्ट फाड़ दिया, जिससे यह यात्रा रद्द हो गई। इसके बाद कथित तौर पर महाबलेश्वर के बजाय केतन को जन्मदिन के सरप्राइज के बहाने लोहगढ़ ले जाने की योजना बनाई गई।
चार्जशीट के अनुसार, 18 जून को केतन को कथित तौर पर तय स्थान पर ले जाया गया और पहाड़ी से नीचे धक्का दिया गया। पुलिस का दावा है कि सिया ने उसके पैर पर लात मारी या उसे धक्का दिया, जिसके बाद वह खाई में गिर गया। पुलिस के मुताबिक, बाद में घटना को पैर फिसलने से हुई दुर्घटना के तौर पर पेश करने की कोशिश की गई।
डिजिटल सबूत मिटाने का भी आरोप
पुलिस का आरोप है कि वारदात के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर डिजिटल साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। जांच में कॉल लॉग, चैट हिस्ट्री, सोशल मीडिया अकाउंट और वेब सर्च डेटा हटाए जाने की बात कही गई है। कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया फर्जी Instagram अकाउंट भी बाद में हटा दिया गया।
चार्जशीट में यह भी दावा है कि घटना के बाद चेतन चौधरी ने रितेश हांगे से मुलाकात की और उसे कथित वारदात की जानकारी दी। पुलिस ने यह भी कहा है कि शुरुआती योजना में कथित तौर पर कॉन्ट्रैक्ट किलर की मदद लेने की कोशिश की गई थी, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हुआ। इसके बाद हत्या की कथित साजिश को दूसरे तरीके से अंजाम देने का आरोप है।
तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) हत्या, 61(2) आपराधिक साजिश, 238 सबूत मिटाने और 3(5) साझा मंशा के तहत आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C) और 66(D) भी लगाई गई हैं।
हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोप अभी अभियोजन पक्ष के दावे हैं। इन पर अंतिम फैसला अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और सुनवाई के बाद होगा। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान यह तय होगा कि कथित साजिश में प्रत्येक आरोपी की भूमिका क्या थी और लगाए गए आरोपों को अभियोजन पक्ष किस हद तक साबित कर पाता है।
