मुर्शिदाबाद। पंजाब में वर्ष 2025 में सामने आए ₹8 करोड़ के कथित साइबर फ्रॉड मामले की जांच अब पश्चिम बंगाल तक पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार सुबह मुर्शिदाबाद जिले के सागरदिघी थाना क्षेत्र के काबिलपुर गांव में छापेमारी की। कार्रवाई कथित तौर पर मामले से जुड़े सोहेल राणा के आवास पर की गई। टीम के पहुंचने से पहले केंद्रीय अर्धसैनिक बलों ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली थी।
करीब छह सदस्यीय ED टीम सुबह राणा के घर पहुंची और कई घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, राणा का नाम पंजाब में दर्ज वर्ष 2025 के एक कथित साइबर धोखाधड़ी मामले की जांच के दौरान सामने आया है। इस मामले में करीब ₹8 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। राणा पिछले चार महीने से फरार बताया जा रहा है, जिसके चलते एजेंसी उसके संभावित ठिकानों और उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।
छापेमारी के दौरान राणा के परिवार के सदस्यों और अन्य रिश्तेदारों से भी कई घंटे तक पूछताछ की गई। ED अधिकारियों ने कथित तौर पर साइबर फ्रॉड से जुड़े लेनदेन, संपर्कों और अन्य संभावित कड़ियों के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश की। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित धोखाधड़ी की रकम का प्रवाह किन खातों या माध्यमों से हुआ और उसमें राणा की क्या भूमिका रही।
जांच एजेंसी ने केवल मुर्शिदाबाद में ही कार्रवाई नहीं की। इसी मामले से जुड़े बताए जा रहे कई अन्य ठिकानों पर मालदा और कोलकाता में भी एक साथ छापेमारी की गई। अलग-अलग स्थानों पर की गई इस कार्रवाई से संकेत मिलता है कि जांच का दायरा एक आरोपी या एक स्थान तक सीमित नहीं है और एजेंसी कथित साइबर फ्रॉड से जुड़े वित्तीय तथा संपर्क नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise
तलाशी के दौरान अधिकारियों ने उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की। हालांकि, छापेमारी के दौरान किसी खास दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नकदी या अन्य संपत्ति की बरामदगी के बारे में तत्काल कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई। इसी तरह, कार्रवाई के दौरान किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या हिरासत की भी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं हुई है।
राणा के करीब चार महीने से फरार होने के कारण उसके परिवार और परिचितों से पूछताछ को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि फरार रहने के दौरान वह किन लोगों के संपर्क में था और क्या कथित साइबर फ्रॉड से जुड़े अन्य लोग भी उसके संपर्क में रहे हैं। जांच में उसके संभावित वित्तीय लेनदेन और अन्य गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।
साइबर फ्रॉड के मामलों में जांच एजेंसियां आमतौर पर ठगी की रकम के प्रवाह, बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और आरोपियों के बीच संपर्कों की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास करती हैं। पंजाब से शुरू हुई इस जांच में पश्चिम बंगाल के कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई से एजेंसी द्वारा संभावित अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच किए जाने के संकेत मिले हैं।
फिलहाल सोहेल राणा फरार बताया जा रहा है। मुर्शिदाबाद के काबिलपुर में उसके आवास पर कार्रवाई के साथ मालदा और कोलकाता में की गई छापेमारी के बाद जांच एजेंसी कथित साइबर फ्रॉड से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटा रही है। आगे की कार्रवाई तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण पर निर्भर करेगी।
