डैलस। अमेरिका के डैलस में ‘We Buy Ugly Houses’ फ्रेंचाइजी के पूर्व मालिक चार्ल्स कैरियर को वायर फ्रॉड के मामले में 15 साल की संघीय जेल की सजा सुनाई गई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 67 वर्षीय कैरियर ने 2018 से 2024 के बीच 80 से ज्यादा निवेशकों से 3.9 करोड़ डॉलर यानी करीब ₹3,300 करोड़ की रकम कथित तौर पर हासिल की थी। अदालत ने उसे पीड़ितों को 2.4 करोड़ डॉलर यानी लगभग ₹2,000 करोड़ से अधिक की क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश दिया है।
कैरियर ने अक्टूबर में वायर फ्रॉड के आरोप में अपना अपराध स्वीकार किया था। इसके अलावा, डैलस काउंटी में दायर तीन अलग-अलग मुकदमों में भी उसे निवेशकों को 32 लाख डॉलर से अधिक यानी करीब ₹27 करोड़ का भुगतान करना पड़ा। संघीय अभियोजन पक्ष के मुताबिक, कैरियर ने निवेशकों को पुराने मकान खरीदने, उनकी मरम्मत कराने और बाद में उन्हें किराये पर देने या मुनाफे पर बेचने के लिए पैसा लगाने के लिए तैयार किया था। रियल एस्टेट के इस कारोबार को आम तौर पर ‘हाउस फ्लिपिंग’ कहा जाता है।
इस कथित योजना में निवेशकों से कहा जाता था कि वे कैरियर को ऋण के रूप में रकम दें। बदले में उन्हें ब्याज भुगतान का भरोसा दिया जाता था। साथ ही यह आश्वासन भी दिया जाता था कि जिस संपत्ति के लिए पैसा लिया गया है, वह कानूनी रूप से उनके ऋण को सुरक्षित करती है। इसका मतलब था कि अगर कैरियर रकम वापस नहीं कर पाता तो निवेशक संबंधित संपत्ति बेचकर अपना पैसा वापस हासिल कर सकते थे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वास्तविकता में कई मामलों में निवेशकों के हितों को सुरक्षित करने वाली कानूनी प्रक्रिया पूरी ही नहीं की गई। कुछ मामलों में कैरियर ने निवेशकों के नाम ऐसे दस्तावेज नहीं तैयार किए, जिनसे उन्हें संपत्ति बेचकर अपना पैसा वापस लेने का वैध अधिकार मिलता।
जांच में यह भी आरोप सामने आया कि जिन मामलों में सही कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए, वहां भी संबंधित संपत्तियों के हिस्से पहले ही कई अन्य निवेशकों के नाम किए जा चुके थे। कुछ संपत्तियां ऐसी भी थीं जिन्हें निवेशकों ने अपने ऋण की सुरक्षा मान रखा था, लेकिन कैरियर उन्हें पहले ही बेच चुका था। इस तरह एक ही संपत्ति या उसके हिस्से से कई निवेशकों के दावों का टकराव पैदा हो गया।
अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि निवेशकों से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल निजी क्रेडिट कार्ड का कर्ज चुकाने और असंबंधित कारोबारी खर्चों में भी किया गया। वहीं, कुछ निवेशकों को ब्याज का भुगतान करने के लिए बाद में आए निवेशकों की रकम इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप है। इससे कथित योजना कुछ समय तक चलती रही और निवेशकों को अपने निवेश पर नियमित रिटर्न मिलता हुआ दिखाई दिया।
Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, अक्टूबर 2024 तक कैरियर का कारोबार गंभीर वित्तीय संकट में फंस गया था। जब वह निवेशकों को ब्याज का भुगतान जारी नहीं रख सका, तो कुछ निवेशकों ने अपने ऋण की कानूनी सुरक्षा की जांच शुरू की। इसी दौरान कई लोगों को पता चला कि उनके निवेश के पीछे बताई गई संपत्तियां वास्तव में उनके ऋण की वैध सुरक्षा नहीं थीं।
कैरियर की कंपनी C&C Residential Properties, HomeVestors of America की फ्रेंचाइजी थी। यही कंपनी ‘We Buy Ugly Houses’ ब्रांड का संचालन करती है। डैलस में इस ब्रांड के पीले रंग के विज्ञापन और गुफावासी के प्रतीक वाले होर्डिंग लंबे समय से दिखाई देते रहे हैं।
हाल के वर्षों में इस ब्रांड से जुड़ी कुछ फ्रेंचाइजी की कारोबारी गतिविधियों पर भी सवाल उठे हैं। एक जांच में ऐसे मामलों का उल्लेख किया गया था, जिनमें कुछ फ्रेंचाइजी पर मानसिक रूप से कमजोर बुजुर्गों से कथित तौर पर काफी कम कीमत पर मकान खरीदने के आरोप लगे। कंपनी ने तब कहा था कि ऐसे मामले उसके कुल लेनदेन और फ्रेंचाइजी की गतिविधियों का बहुत छोटा हिस्सा हैं।
कैरियर की फ्रेंचाइजी का नाम 2025 में तब सामने आया, जब कुछ निवेशकों ने उसके खिलाफ मुकदमे दायर करना शुरू किया। उन मुकदमों में HomeVestors ने कैरियर की कथित गतिविधियों के लिए अपनी जिम्मेदारी से इनकार किया था। HomeVestors और कैरियर दोनों को पक्षकार बनाने वाला एक मामला डैलस काउंटी में दिसंबर में सुनवाई के लिए निर्धारित है।
संघीय अदालत की सजा के बाद भी मामले से जुड़े दीवानी विवाद जारी हैं। इस बीच अभियोजन पक्ष ने कहा है कि कैरियर की कथित धोखाधड़ी से प्रभावित निवेशकों को क्षतिपूर्ति दिलाना मामले की प्रमुख कार्रवाई का हिस्सा है। 15 साल की जेल की सजा और अरबों रुपये की क्षतिपूर्ति का आदेश रियल एस्टेट निवेश के नाम पर चलाए गए इस मामले के वित्तीय प्रभाव को दर्शाता है।
