कोल्लम और तिरुवनंतपुरम में कंपनी के मुख्यालय और मालिक-भागीदारों के आवास समेत तीन परिसरों की तलाशी; यूको बैंक से लिए गए ₹17.5 करोड़ से अधिक के ऋण में कथित अनियमितता की जांच, बैंक की देनदारी करीब ₹19.56 करोड़ पहुंचने का दावा

बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में अराफा गोल्ड एंड डायमंड के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

Roopa
By Roopa
4 Min Read

कोच्चि। केरल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत शुक्रवार को अराफा गोल्ड एंड डायमंड के परिसरों और कंपनी के मालिक तथा भागीदारों के आवासों पर तलाशी ली। जांच एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक, कोल्लम और तिरुवनंतपुरम में कुल तीन स्थानों पर यह कार्रवाई की गई। मामला कथित तौर पर कंपनी द्वारा बैंक से लिए गए ऋण और बाद में गिरवी रखी गई संपत्तियों से जुड़ी अनियमितताओं की जांच से संबंधित है।

ईडी के अनुसार, तलाशी कोल्लम स्थित कंपनी के मुख्यालय के अलावा तिरुवनंतपुरम में मालिक और भागीदारों से जुड़े आवासीय परिसरों में की गई। एजेंसी ने इस कार्रवाई के दौरान कथित ऋण धोखाधड़ी से संबंधित दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच की। मामले में कंपनी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

जांच एजेंसी ने हाल में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के आधार पर धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने अगस्त 2025 में कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। ईडी अब इसी मामले में कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन और उससे जुड़े लेनदेन की पड़ताल कर रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, अराफा गोल्ड एंड डायमंड ने वर्ष 2022 में यूको बैंक से ₹17.5 करोड़ से अधिक का ऋण लिया था। यह ऋण सोने के निर्माण और उससे जुड़ी अन्य कारोबारी गतिविधियों के लिए लिया गया था। ऋण हासिल करने के लिए कंपनी की ओर से संपत्तियों को बैंक के पास जमानत के तौर पर रखा गया था।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

ईडी के अनुसार, बाद में इन संपत्तियों को कथित तौर पर इस तरह गिरवी रखा गया या उनके संबंध में ऐसी गतिविधियां की गईं, जिन्हें बैंक ऋण से जुड़ी धोखाधड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। जांच एजेंसी का कहना है कि इससे यूको बैंक की देनदारी बढ़कर करीब ₹19.56 करोड़ हो गई। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

तलाशी के दौरान एजेंसी ने कंपनी के कारोबारी संचालन और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी जांच की। अधिकारियों ने बताया कि कंपनी की कई आभूषण दुकानें अब बंद हो चुकी हैं। एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि ऋण से प्राप्त धन का इस्तेमाल किन कारोबारी गतिविधियों में किया गया और बैंक के समक्ष रखी गई संपत्तियों से संबंधित लेनदेन किस प्रकार हुए।

ईडी की कार्रवाई ऐसे मामलों में की जाने वाली धनशोधन जांच का हिस्सा है, जिसमें किसी बैंक ऋण में कथित धोखाधड़ी या वित्तीय अनियमितता से जुड़े अपराध से अर्जित धन की आवाजाही का पता लगाया जाता है। पीएमएलए के तहत जांच के दौरान एजेंसी संदिग्ध लेनदेन, संपत्तियों और उनसे जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर सकती है।

मामले में सीबीआई की मूल जांच कथित बैंक धोखाधड़ी पर केंद्रित है, जबकि ईडी का मामला उससे जुड़े कथित धनशोधन पहलुओं की जांच से संबंधित है। शुक्रवार की तलाशी के बाद आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन के आधार पर तय की जाएगी। कंपनी और मामले से जुड़े अन्य पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद जांच के तथ्यों की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

हमसे जुड़ें

Share This Article