लखनऊ। लखनऊ में जमीन और प्लॉट के नाम पर लोगों से कथित धोखाधड़ी के मामले में वांछित ₹50 हजार के इनामी आरोपी को उत्तर प्रदेश विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने महाराष्ट्र के ठाणे से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर लखनऊ के अलग-अलग थानों में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और धमकी समेत 32 मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से लखनऊ से बाहर रहकर ठाणे में छिपा हुआ था और वहां भी संपत्ति से जुड़े कारोबार में सक्रिय था।
एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ निगोहां थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज था। इसी मामले में उसकी तलाश की जा रही थी। सूचना मिलने के बाद एसटीएफ की टीम ने ठाणे के मीरा रोड ईस्ट इलाके में स्थित एक आवासीय परिसर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और ₹3,050 नकद बरामद होने की बात कही गई है।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने शुरुआती दौर में अलग-अलग कंपनियों से जुड़े काम किए थे। एसटीएफ के अनुसार, पूछताछ में उसने वाराणसी में एक नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी के एजेंट के रूप में काम करने और बाद में प्लास्टिक उत्पादों से जुड़ी एक कंपनी में दलाल के तौर पर काम करने की जानकारी दी। जांच एजेंसी का दावा है कि उसने पहले के काम के दौरान भी करीब ₹1 करोड़ की कथित धोखाधड़ी से रकम जुटाने की बात कही।
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लखनऊ आने के बाद आरोपी ने करीब एक साल तक काम करने के बाद खुद की कंपनी शुरू की और उसका निदेशक बन गया। एसटीएफ के अनुसार, इसके बाद उसने जमीन और प्लॉट से जुड़ा कारोबार शुरू किया। आरोप है कि वह किसानों से जमीन खरीदता था, उसके लेआउट तैयार कर ग्राहकों को प्लॉट देने की पेशकश करता था। ग्राहकों से रकम लेने के बाद कथित तौर पर उन्हें प्लॉट का कब्जा नहीं दिया गया। इस तरह की शिकायतें सामने आने के बाद लखनऊ के कई थानों में उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए।
जांच एजेंसी के अनुसार, मामलों की संख्या बढ़ने के बाद आरोपी लखनऊ छोड़कर महाराष्ट्र चला गया। वह ठाणे में एक परिचित के साथ रह रहा था और वहां भी संपत्ति के कारोबार से जुड़ा हुआ था। लंबे समय तक ठिकाना बदलकर रहने के कारण उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। सूचना मिलने पर एसटीएफ ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और ठाणे में उसकी मौजूदगी की पुष्टि के बाद कार्रवाई की।
एसटीएफ ने आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड में कुल 32 मामलों का उल्लेख किया है। ये मामले हजरतगंज, चिनहट, सुशांत गोल्फ सिटी, आशियाना, निगोहां और मोहनलालगंज समेत लखनऊ के अलग-अलग थानों में दर्ज बताए गए हैं। इनमें बड़ी संख्या में भारतीय दंड संहिता की धारा 406 और 420 के तहत दर्ज पुराने मामले शामिल हैं। इसके अलावा जालसाजी, आपराधिक धमकी और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं से जुड़े मामले भी रिकॉर्ड में बताए गए हैं।
एसटीएफ अब आरोपी को संबंधित अदालत में पेश करने और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए ट्रांजिट रिमांड लेने की कार्रवाई कर रही है। रिमांड मिलने के बाद उसे लखनऊ लाकर संबंधित मामलों की जांच आगे बढ़ाई जाएगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश करेंगी कि प्लॉट और जमीन के नाम पर कितने लोगों से रकम ली गई और कथित लेनदेन से जुड़ी कुल रकम कितनी है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित विवेचना और अदालत की प्रक्रिया के आधार पर होगी।
