सऊदी अरब को 48 F-35 लड़ाकू विमान बेचने की प्रस्तावित योजना के बीच अमेरिकी खुफिया विश्लेषकों ने चीन की संभावित तकनीकी पहुंच को लेकर चिंता जताई है।

फर्जी आईएएस मामले में जांचकर्ताओं पर ही आरोप, फरियादियों और आरोपियों से रकम मांगने की शिकायत

Team The420
4 Min Read

भोपाल। बाग सेवनिया थाना क्षेत्र में फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर लोगों से कथित धोखाधड़ी के मामले की जांच कर रहे दो पुलिसकर्मी अब खुद जांच के घेरे में आ गए हैं। दोनों पर आरोप है कि वे जांच और कार्रवाई का दबाव बनाकर फरियादियों और आरोपियों से रकम मांग रहे थे। फर्जी आईएएस मामले की जांच के दौरान भी इसी तरह रकम मांगने की शिकायत सामने आने के बाद दोनों को थाने से हटाकर लाइन अटैच कर दिया गया है। विभागीय स्तर पर दोनों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।

बाग सेवनिया थाने में तैनात एएसआई और हवलदार अलग-अलग धोखाधड़ी के मामलों की जांच कर रहे थे। शिकायतों के अनुसार, जांच के दौरान दोनों पुलिसकर्मियों की ओर से कार्रवाई का दबाव बनाया जाता था। इसके बाद कथित तौर पर रकम की मांग किए जाने की शिकायतें सामने आईं। फर्जी आईएएस मामले में भी इसी तरह की शिकायत मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया।

FCRF Launches India-Focused BFSI Compliance Certification for Emerging Governance Professionals

शिकायतों की जांच के शुरुआती स्तर पर दोनों पुलिसकर्मियों को थाने की जिम्मेदारियों से हटाकर लाइन अटैच किया गया है। इसके साथ ही विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि दोनों ने किन मामलों में शिकायतकर्ताओं या आरोपियों से संपर्क किया था, उनसे किस तरह की बातचीत हुई और क्या जांच के दौरान किसी पक्ष पर अनुचित दबाव बनाया गया था।

फर्जी आईएएस का मामला

बाग सेवनिया थाना क्षेत्र में सामने आए फर्जी आईएएस मामले में एक महिला पर खुद को आईएएस अधिकारी बताकर लोगों से धोखाधड़ी करने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक, उसने अपनी कथित फर्जी पहचान और पद का इस्तेमाल कर लोगों को प्रभावित किया और मध्य प्रदेश पर्यटन के होटल व रिसॉर्ट लीज पर दिलाने का भरोसा देकर उनसे रकम ली। आरोप है कि इस तरीके से कई लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे मोटी रकम हासिल की गई।

मामले में महिला के भाई की भूमिका भी सामने आने का दावा किया गया है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया और लोगों को सरकारी पद से जुड़े प्रभाव का भरोसा दिलाकर रकम हासिल की। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू की थी।

इसी मामले की जांच के दौरान अब जांच कर रहे पुलिसकर्मियों पर ही रकम मांगने के आरोप सामने आने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ताओं और आरोपियों दोनों से पैसे मांगने के आरोपों की जांच की जा रही है। हालांकि, विभागीय जांच पूरी होने तक पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।

जांच में रिकॉर्ड और संपर्कों की होगी पड़ताल

विभागीय जांच के दौरान संबंधित मामलों की केस डायरी, शिकायतों और जांच से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की जा सकती है। इसके अलावा शिकायतकर्ताओं और आरोपियों के बयान भी लिए जाने की संभावना है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों ने तय प्रक्रिया का पालन किया था या नहीं।

वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर मामले की निष्पक्ष जांच का रास्ता साफ किया है। विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पूरा मामला शिकायतों, उपलब्ध रिकॉर्ड और जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।

हमसे जुड़ें

Share This Article