ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पॉश विंडसर हिल्स इलाके के एक किराए के डुप्लेक्स से कथित तौर पर करीब ₹100 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क संचालित किए जाने का खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रांच और साइबर विंग की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह ने बॉलीवुड फिल्म के सट्टेबाजी नेटवर्क की तर्ज पर फ्लैट में पूरा सेटअप तैयार कर रखा था और ‘100पैनल’ नाम की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन सट्टा और जुआ खिलाया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, गिरोह के तार दुबई और श्रीलंका तक जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि आरोपी व्हाट्सऐप के जरिए विदेश में मौजूद सट्टेबाजों से सीधे संपर्क में थे। कथित तौर पर ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ी रकम को अलग-अलग बैंक खातों के जरिए स्थानांतरित किया जा रहा था। पुलिस अब इन लेनदेन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान मुरार निवासी सोहित करेर (22), दतिया निवासी दिनेश रायकवार (28), मुरार निवासी शांतनु श्रीवास (20), गोला का मंदिर निवासी सुमित कुशवाह (26) और मुरार निवासी दीपक आर्य (34) के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, आम सूचना के आधार पर विंडसर हिल्स स्थित डुप्लेक्स पर निगरानी के बाद क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की टीम ने छापा मारा। कार्रवाई के दौरान पांचों आरोपियों को मौके से पकड़ लिया गया। जांच में सामने आया कि फ्लैट के भीतर कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंकिंग दस्तावेजों के जरिए कथित तौर पर ऑनलाइन लेनदेन और सट्टेबाजी का संचालन किया जा रहा था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम और क्रेडिट कार्ड समेत अन्य सामग्री बरामद की है। पुलिस इन उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि नेटवर्क में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल संपर्कों का पता लगाया जा सके।
Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise
पूछताछ में आरोपियों के कमीशन पर काम करने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी खुद पूरे नेटवर्क के संचालक नहीं बल्कि कथित तौर पर अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर रहे थे। ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ी रकम को विभिन्न खातों में भेजने और आगे स्थानांतरित करने में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि पूछताछ के दौरान नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन के बारे में और जानकारी सामने आ सकती है।
जांच के दायरे में अब उस डुप्लेक्स का मकान मालिक भी है, जहां से कथित नेटवर्क संचालित हो रहा था। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतने बड़े स्तर पर गतिविधियां चलने के बावजूद मकान के किराएदारों का पुलिस सत्यापन हुआ था या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मकान मालिक को परिसर में चल रही कथित गतिविधियों की जानकारी थी या नहीं।
पुलिस ने लोगों को अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और अन्य बैंकिंग साधन किसी अनजान व्यक्ति को उपलब्ध नहीं कराने की चेतावनी दी है। जांच एजेंसियों के अनुसार, साइबर अपराध में ऐसे खातों और सिम का इस्तेमाल रकम को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। किसी व्यक्ति के बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर अपराध में पाए जाने पर खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियों, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है। दुबई और श्रीलंका से जुड़े संपर्कों की भूमिका तथा नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान के लिए भी जांच जारी है।
