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GST बकाया निपटाने का झांसा, मुंबई में अधिकारी से ₹7.99 करोड़ की ठगी

Team The420
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मुंबई। कंपनी के करीब ₹11 करोड़ के लंबित जीएसटी बकाये को निपटाने में मदद करने का झांसा देकर एक अधिकारी से कथित तौर पर ₹7.99 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स पुलिस थाने में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों में हिरेन उर्फ रोमी भगत और उसके सहयोगियों के नाम शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

कंपनी बंद होने के बाद बढ़ी देनदारी

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, दादर निवासी 50 वर्षीय अमित टिपनिस एक कंपनी में प्रबंधक के पद पर काम कर चुके हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान वर्ष 2020 में कंपनी का कारोबार बंद हो गया था। इसके बाद कंपनी से जुड़ी करीब ₹11 करोड़ की देनदारियां टिपनिस के सामने आ गई थीं। इसी दौरान सितंबर 2023 में अधिवक्ता प्रकाश निचानी के जरिए उनकी मुलाकात हिरेन भगत और आकाश गुप्ता से हुई।

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आरोप है कि दोनों ने जीएसटी से जुड़े मामलों को सुलझाने और कंपनी की देनदारियों से राहत दिलाने में मदद करने का भरोसा दिया। उन्होंने कथित तौर पर टिपनिस को कंपनी के प्रभारी सचिन अधिकारी के खिलाफ गुवाहाटी में शिकायत करने की सलाह भी दी।

गिरफ्तारी के बाद सहयोगी ने संभाला संपर्क

पुलिस के अनुसार, जनवरी 2024 में भगत किसी अन्य मामले में गिरफ्तार हो गया। इसके बाद आकाश गुप्ता कथित तौर पर टिपनिस के संपर्क में रहा और अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराने के लिए कहने लगा। गुप्ता ने कथित तौर पर जीएसटी विभाग में अपने संपर्क होने का दावा किया और कहा कि भुगतान नहीं करने पर बैंक खाते फ्रीज कराए जा सकते हैं।

शिकायत के मुताबिक, बाद में वाशी स्थित टिपनिस का बैंक खाता जीएसटी अधिकारियों ने फ्रीज कर दिया। इससे कथित तौर पर आरोपियों के दावों पर उनका भरोसा और बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने आरोपियों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में बड़ी रकम स्थानांतरित कर दी।

करीब ₹8 करोड़ खातों में भेजे

आरोप है कि जीएसटी विवाद सुलझने और खाते बहाल होने की उम्मीद में टिपनिस ने करीब ₹8 करोड़ अलग-अलग बताए गए खातों में भेज दिए। इसके अतिरिक्त चार्टर्ड अकाउंटेंट पूजन परमार को कथित तौर पर ₹5 लाख फीस के रूप में दिए गए। हालांकि रकम लेने के बाद भी कंपनी की देनदारी या जीएसटी से जुड़ी समस्या का समाधान नहीं हुआ।

शिकायतकर्ता के अनुसार, अगस्त 2024 से वह लगातार आरोपियों के संपर्क में रहे और मामले के समाधान की जानकारी मांगते रहे, लेकिन उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली। लंबे समय तक आश्वासन मिलने के बावजूद जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने आरोपियों से सीधे संपर्क कर रकम और मामले की स्थिति को लेकर सवाल उठाए।

मुलाकात के दौरान धमकाने का आरोप

मार्च में वर्ली में टिपनिस की आरोपियों से मुलाकात हुई। शिकायत के अनुसार, इस दौरान हिरेन भगत ने कथित तौर पर उन्हें धमकाया। इसके बाद टिपनिस ने बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में बैंक खातों में भेजी गई रकम, कथित लेनदेन, आरोपियों के बीच संपर्क और जीएसटी विभाग में संबंध होने के दावों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ₹7.99 करोड़ की रकम आखिर किन खातों में पहुंची और उसका आगे किस तरह इस्तेमाल किया गया। फिलहाल मामले में किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।

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