गया की कंपनी पर ₹85 करोड़ के बैंक ऋण में से ₹58 करोड़ कथित तौर पर दूसरी जगह लगाने का आरोप; गिरवी रखी पांच संपत्तियों को कम कीमत पर बेचने और खरीदारों के बेनामी होने का भी संदेह

₹40 करोड़ का HashPe क्रिप्टो घोटाला! ED ने दो को दबोचा, निवेशकों की रकम शेल कंपनियों में घुमाने का आरोप

Roopa
By Roopa
6 Min Read

चेन्नई। करीब ₹40 करोड़ के HashPe क्रिप्टो निवेश घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी ने 1 सितंबर को चेन्नई, कोयंबटूर और कोलकाता में 11 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान धनशोधन से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इमरान बाशा और हितेश कुमार के रूप में हुई है।

ED के मुताबिक, मामले की जांच पुडुचेरी साइबर अपराध पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी। प्राथमिकी में अज्ञात लोगों के खिलाफ HashPe से जुड़े कथित क्रिप्टो निवेश धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। जांच आगे बढ़ने पर एजेंसी को कथित तौर पर हितेश कुमार, इमरान बाशा और सैयद उस्मान उर्फ बाबू की भूमिका का पता चला। आरोप है कि इन लोगों ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ‘HashPe’ नाम से एक निवेश योजना संचालित की और इसे क्रिप्टोकरेंसी कारोबार से जुड़ा मंच बताया।

क्रिप्टो कारोबार के नाम पर निवेश का लालच

जांच एजेंसी के अनुसार, आम लोगों को ‘TCX’ नाम की कथित क्रिप्टोकरेंसी में कारोबार के जरिए आकर्षक रिटर्न का भरोसा दिया गया। निवेशकों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की गई कि मंच के जरिए क्रिप्टोकरेंसी कारोबार में पैसा लगाकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है।

निवेश योजना को बड़े स्तर पर प्रचारित करने के लिए भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। आरोप है कि बॉलीवुड की कुछ हस्तियों को भी प्रचार गतिविधियों से जोड़ा गया। इसके साथ सोशल मीडिया पर व्यापक प्रचार अभियान चलाकर लोगों को निवेश के लिए आकर्षित किया गया। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य HashPe को एक भरोसेमंद और लाभदायक क्रिप्टो निवेश मंच के रूप में पेश करना बताया गया है।

टोकन की कीमत बढ़ाकर निवेश बढ़ाने का आरोप

ED का आरोप है कि निवेशकों को और अधिक रकम लगाने के लिए HashPe टोकन की कथित कीमत को कृत्रिम तरीके से बढ़ाया गया। इससे निवेशकों को लगातार बढ़ते मूल्य और संभावित मुनाफे का भरोसा हुआ और उन्होंने मंच पर अतिरिक्त धनराशि लगाई।

एजेंसी के अनुसार, जब पर्याप्त रकम जुटा ली गई, तो निवेशकों के लिए धन निकासी की सुविधा कथित तौर पर रोक दी गई। इसके बाद निवेशकों से प्राप्त रकम को अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया। जांच में आरोपियों, उनके सहयोगियों और रिश्तेदारों से जुड़े खातों के साथ-साथ कथित शेल कंपनियों के खातों में रकम भेजे जाने की जानकारी सामने आई।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

बैंक खातों की जांच में ₹40 करोड़ का पता

ED ने बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर दावा किया है कि इस पूरी गतिविधि के जरिए करीब ₹40 करोड़ जुटाए गए। एजेंसी के मुताबिक, निवेशकों से प्राप्त रकम को विभिन्न बैंक खातों और कारोबारी संस्थाओं के बीच स्थानांतरित कर उसकी परतें बनाई गईं, ताकि धन के वास्तविक स्रोत और इस्तेमाल को छिपाया जा सके।

जांच एजेंसी का कहना है कि रकम का एक बड़ा हिस्सा इमरान बाशा और हितेश कुमार के व्यक्तिगत बैंक खातों में पहुंचा। इसके अलावा उनके तथा परिवार के सदस्यों से जुड़ी कारोबारी संस्थाओं के खातों में भी धन स्थानांतरित किए जाने का आरोप है। ED के अनुसार, अपराध से हासिल रकम का इस्तेमाल कथित तौर पर आलीशान जीवनशैली बनाए रखने और अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया।

11 ठिकानों पर तलाशी, डिजिटल साक्ष्य बरामद

धनशोधन मामले में 1 सितंबर को चेन्नई, कोयंबटूर और कोलकाता में कुल 11 ठिकानों पर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान एजेंसी ने ऐसे दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए, जिनका संबंध कथित निवेश धोखाधड़ी और धनशोधन गतिविधियों से होने का संदेह है।

ED अब इन दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों से मिले डेटा का विश्लेषण कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम किन-किन खातों में पहुंची और उसे किन माध्यमों से आगे स्थानांतरित किया गया।

PMLA के तहत गिरफ्तारी, अदालत ने दी पांच दिन की हिरासत

इमरान बाशा और हितेश कुमार को धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 19 के तहत 3 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। दोनों को धनशोधन मामलों की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां अदालत ने ED को दोनों की पांच दिन की हिरासत मंजूर की।

हिरासत के दौरान एजेंसी आरोपियों से HashPe निवेश योजना, कथित TCX क्रिप्टोकरेंसी, बैंक खातों, शेल कंपनियों, संपत्तियों और निवेशकों से जुटाई गई रकम के लेनदेन के बारे में पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कथित अपराध से हासिल रकम से कितनी संपत्ति बनाई गई। मामले में आगे की जांच जारी है।

हमसे जुड़ें

Share This Article