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क्रिप्टो ठगी के दबाव में 25 वर्षीय युवक की मौत, तमिलनाडु में FQL नेटवर्क के 21 आरोपी गिरफ्तार

Roopa
By Roopa
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चेन्नई। तमिलनाडु में कथित बहुस्तरीय विपणन और क्रिप्टोकरेंसी कारोबार से जुड़ी धोखाधड़ी ने गंभीर रूप ले लिया है। FQL Investment Trading, FQL Exchange App और VG Investment Group Syndicate के नाम से चलाए जा रहे कथित निवेश नेटवर्क में लोगों से बड़ी रकम लगवाने वाले 25 वर्षीय A Raja की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि निवेशकों की रकम वापस करने के दबाव के बीच उसने आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, Raja ने कई लोगों को इस योजना में निवेश के लिए प्रेरित किया था। जब निवेशक अपनी रकम निकाल नहीं सके तो उन्होंने उससे पैसे लौटाने का दबाव बनाया।

पुलिस के मुताबिक, कथित घोटाले का संचालन पिछले करीब सात महीनों से Madurai, Dindigul, Virudhunagar और Sivagangai सहित तमिलनाडु के कई इलाकों में किया जा रहा था। स्थानीय एजेंट लोगों को असामान्य रूप से अधिक दैनिक लाभ का भरोसा देते थे। निवेशकों से कहा जाता था कि क्रिप्टोकरेंसी कारोबार के जरिए उनकी रकम केवल 40 से 45 दिनों में दोगुनी हो सकती है।

रकम जमा होने के बाद निकासी पर लगी रोक

जांच के अनुसार, निवेशकों से नकद, G-Pay और UPI के माध्यम से रकम ली जाती थी। आरोप है कि जमा धन के एक हिस्से को Tether यानी USDT में बदला जाता था और FQL तथा VG से जुड़े क्रिप्टो वॉलेट में भेजा जाता था। शुरुआत में निवेशकों को उनके खातों में बढ़ती रकम दिखाई जाती थी, लेकिन बाद में जब उन्होंने पैसा निकालने की कोशिश की तो कथित तौर पर निकासी नहीं हो सकी।

कुछ निवेशकों के अनुसार, उनके खाते की शेष राशि तक पहुंच बंद हो गई और रकम निकालने के लिए अतिरिक्त भुगतान की मांग की गई। इसके बाद कथित आवेदन भी बंद हो गया, जिससे निवेशकों के लिए अपने पैसे वापस लेना और मुश्किल हो गया।

निवेशकों के दबाव में आया नाम

Raja पर आरोप है कि उसने कई लोगों को इस योजना में पैसा लगाने के लिए राजी किया था। जब निवेशकों को अपनी रकम वापस नहीं मिली तो उन्होंने Raja से निवेश की गई राशि लौटाने की मांग शुरू कर दी। कथित तौर पर लगातार बढ़ते दबाव के बीच Dindigul जिले में उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद कथित रूप से रकम गंवाने वाले कई परिवार Raja के घर पहुंचे। उन्हें उम्मीद थी कि निवेशकों की जमा राशि या उससे संबंधित कोई रकम उसके पास हो सकती है। हालांकि, पुलिस की जांच में ही यह स्पष्ट होगा कि Raja की भूमिका क्या थी और निवेशकों से प्राप्त रकम की वास्तविक कड़ी कहां तक जाती है।

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Madurai में बड़ी संख्या में शिकायतें

कथित घोटाले के सामने आने के बाद Madurai में बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। Melur और Alanganallur समेत आसपास के इलाकों के पीड़ितों ने अधिकारियों से संपर्क किया है। Madurai District Collectorate में शिकायतें प्राप्त कर निवेशकों की जानकारी और उनके द्वारा लगाई गई रकम का विवरण दर्ज किया जा रहा है।

पीड़ितों की मुख्य मांग रकम वापस कराने और FQL तथा उससे जुड़े लोगों के खिलाफ व्यापक जांच की है। अब तक सामने आई शिकायतों के आधार पर पुलिस ने अनुमान लगाया है कि लोगों को कम से कम ₹25 करोड़ का नुकसान हुआ हो सकता है। हालांकि, यह अंतिम आधिकारिक नुकसान का आंकड़ा नहीं है और शिकायतों की जांच पूरी होने के बाद वास्तविक राशि स्पष्ट हो सकती है।

छह मामले, 21 आरोपी गिरफ्तार

कथित घोटाले को लेकर अब तक छह मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें तीन मामले Madurai में और एक-एक Dindigul, Virudhunagar तथा Sivagangai में दर्ज हुआ है। पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें कथित नेटवर्क का मुख्य संचालक और उसके साथ जुड़े अन्य लोग शामिल हैं।

जांच के दौरान आरोपियों से जुड़े 13 बैंक खाते भी फ्रीज किए गए हैं। पुलिस इन खातों के जरिए हुए लेनदेन की जांच कर रही है, ताकि निवेशकों से प्राप्त रकम के प्रवाह और उसके अंतिम लाभार्थियों का पता लगाया जा सके।

आर्थिक अपराध शाखा करेगी विस्तृत जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए तमिलनाडु पुलिस ने सभी छह मामलों की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी है। इसके पीछे बड़ी संख्या में पीड़ितों, कथित वित्तीय नुकसान, क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन और संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को प्रमुख कारण बताया गया है।

जांच में USDT और Binance से जुड़े वॉलेट की गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। अब पुलिस का फोकस कथित नेटवर्क के पूरे वित्तीय ढांचे, स्थानीय एजेंटों, बैंक खातों, क्रिप्टो वॉलेट और विदेशों से जुड़े संभावित लेनदेन पर है। जांच आगे बढ़ने के साथ यह सामने आ सकता है कि इस नेटवर्क के पीछे कौन लोग थे, कितनी रकम जुटाई गई और निवेशकों का पैसा आखिर किन खातों और डिजिटल वॉलेट तक पहुंचा।

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