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अहमदाबाद में साइबर ठगी के 6 नए तरीके, किसी का बैंक खाता खाली तो किसी की गेमिंग ID पर कब्जा; ₹26.63 लाख की चपत

Roopa
By Roopa
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अहमदाबाद। साइबर ठगों ने अहमदाबाद में छह अलग-अलग लोगों को छह अलग-अलग तरीकों से निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी की। कहीं फर्जी Google Pay भुगतान संदेश भेजकर भरोसा जीता गया, तो कहीं गैस कनेक्शन काटने की धमकी देकर बैंक कार्ड की जानकारी हासिल की गई। एक मामले में स्क्रीन शेयर करवाकर BGMI गेमिंग अकाउंट पर कब्जा कर लिया गया, जबकि दूसरे में फर्जी कस्टमर केयर नंबर के जरिए APK फाइल भेजकर बैंक खाते से रकम निकाल ली गई। छह मामलों में दर्ज शिकायतों के मुताबिक कुल ₹26.63 लाख की ठगी हुई है। मामलों की जांच साइबर क्राइम सेल कर रही है।

पहले मामले में थलतेज के हरिद्वार बंगलोज निवासी चांदनीबेन पटेल के पिता हेबटपुर में क्रिकेट ग्राउंड किराये पर देते हैं। कुछ दिन पहले महिला के पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने दावा किया कि वह उनके पिता के क्रिकेट ग्राउंड का किराया चुकाना चाहता है और इसके लिए उनके बैंक खाते में भुगतान करेगा। इसके बाद आरोपी ने ₹10 हजार के भुगतान का फर्जी Google Pay संदेश भेजा। संदेश देखकर महिला को लेनदेन सही लगा।

आरोपी ने बाद में अस्पताल में भर्ती अपने भाई को पैसे भेजने में परेशानी होने का बहाना बनाया और महिला से कहा कि वह उसके खाते में ₹90 हजार भेजेगा। भरोसा करके चांदनीबेन ने अलग-अलग लेनदेन में कुल ₹55 हजार आरोपी को ट्रांसफर कर दिए। जब रकम वापस नहीं आई और फोन करने वाले ने संपर्क बंद कर दिया तो उन्होंने जांच की। तब पता चला कि पहले भेजा गया Google Pay भुगतान संदेश भी कथित तौर पर फर्जी था।

दूसरे मामले में अंबावाड़ी के पुष्कर-7 अपार्टमेंट निवासी मयूरभाई शाह को Adani Gas के नाम से एक संदेश मिला। इसमें दावा किया गया कि उनका गैस बिल अपडेट नहीं हुआ है और रात 9:30 बजे तक भुगतान नहीं करने पर कनेक्शन काट दिया जाएगा। घबराकर उन्होंने संदेश में दिए नंबर पर संपर्क किया। सामने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर भुगतान के लिए लिंक भेजने की बात कही और डेबिट कार्ड की जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उनके बैंक खाते से ₹1.63 लाख निकाल लिए गए।

रानीप इलाके की जेवी पार्क सोसायटी निवासी डॉक्टर जिग्नेश नायक को गेमिंग के दौरान निशाना बनाया गया। वह BGMI खेल रहे थे, तभी एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। आरोपी ने कथित तौर पर उनकी गेमिंग ID को मूल्यवान बताया और उसमें पॉइंट बढ़ाने की पेशकश की। इसके लिए उनसे मोबाइल स्क्रीन शेयर करने को कहा गया। स्क्रीन शेयर करने के बाद उनका फोन अचानक बंद हो गया। दोबारा चालू करने पर गेमिंग ID और पासवर्ड बदले हुए मिले।

थलतेज निवासी नर्स दर्शिकाबेन मकवाणा के साथ कथित Blinkit refund scam हुआ। ऑर्डर नहीं मिलने पर उन्होंने Google पर Blinkit हेल्पलाइन नंबर खोजा और मिले एक मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। सामने वाले व्यक्ति ने रिफंड दिलाने का भरोसा देकर एक APK फाइल भेजी। महिला द्वारा फाइल इंस्टॉल करने के बाद उनके बैंक खाते से ₹75 हजार निकल गए। शिकायत के मुताबिक, इस लेनदेन के लिए OTP की जरूरत नहीं पड़ी।

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सैटेलाइट-जोधपुर क्षेत्र के सरगम फ्लैट्स निवासी सुरेशभाई खटवानी ने भी बैंकिंग जानकारी के कथित दुरुपयोग की शिकायत दर्ज कराई है। उनके अनुसार किसी व्यक्ति ने बैंक से जुड़ी उनकी जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद ID और पासवर्ड का इस्तेमाल कर कई लेनदेन किए गए, जिससे उन्हें ₹4.70 लाख का नुकसान हुआ।

नरोदा के आकाश गंगा बंगलोज निवासी हर्षदभाई पटेल Instagram पर निवेश से जुड़ी एक Reel देखकर कथित निवेश जाल में फंस गए। Reel में निवेश पर बेहतर रिटर्न का दावा किया गया था। संपर्क करने पर आरोपियों ने ट्रेडिंग के जरिए अमेरिकी डॉलर में मुनाफा देने का भरोसा दिलाया। इसके बाद हर्षदभाई ने कई बार रकम ट्रांसफर की और कथित तौर पर कुल ₹20 लाख गंवा दिए।

छह मामलों की जांच में सामने आए तरीकों से स्पष्ट है कि साइबर ठग अब केवल OTP हासिल करने तक सीमित नहीं हैं। फर्जी भुगतान संदेश, डर पैदा करने वाले बिल अलर्ट, स्क्रीन शेयरिंग, APK फाइल, चोरी की बैंकिंग जानकारी और सोशल मीडिया निवेश योजनाओं के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। साइबर अपराध विशेषज्ञ और पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह के मुताबिक, ऐसे मामलों में ठग तकनीकी खामी से ज्यादा लोगों के भरोसे, जल्दबाजी और डर का फायदा उठाते हैं। किसी अनजान नंबर से आए भुगतान संदेश, कस्टमर केयर नंबर या निवेश प्रस्ताव पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक स्रोत से सत्यापन करना जरूरी है।

साइबर क्राइम सेल ने मामलों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक लेनदेन, मोबाइल नंबर, डिजिटल उपकरणों और सोशल मीडिया खातों की जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने और ठगी की रकम की बरामदगी का प्रयास कर रही है।

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