गोरखपुर में नकली सोना गिरवी रखकर Gold Loan लेने की कथित कोशिश के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

नकली सोना दिखाकर Gold Loan लेने की कोशिश, Gorakhpur में दो गिरफ्तार

Team The420
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गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में नकली सोना गिरवी रखकर Gold Loan लेने की कथित कोशिश का मामला सामने आया है। कैंट पुलिस ने बैंक से धोखाधड़ी के प्रयास के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान चौरी चौरा क्षेत्र के लक्ष्मणपुर बिस्वा निवासी दुर्गविजय कुमार और झंगहा क्षेत्र के ब्रह्मपुर निवासी सरवन कुमार निषाद के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ IDBI Bank की ओर से कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

खाता खुलवाने के अगले दिन Loan के लिए पहुंचे

मामले की शुरुआत 19 अगस्त को हुई, जब दोनों आरोपी बैंक के कार्यालय समय में पहुंचे। बैंक प्रबंधन के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि उन्होंने 18 अगस्त को बैंक में खाता खुलवाया था। इसके बाद उन्होंने उसी खाते के आधार पर Gold Loan के लिए आवेदन किया।

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Loan प्रक्रिया के तहत आरोपियों ने बैंक के सामने सोने के आभूषण प्रस्तुत किए। बैंक कर्मचारियों को सोने की शुद्धता को लेकर संदेह हुआ और निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसकी जांच कराई गई। जांच में सोना नकली पाए जाने का दावा किया गया। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को सूचना दी।

बैंक की जांच में सामने आया नकली सोना

IDBI Bank के मैनेजर प्रसून कुमार ने बुधवार को कैंट थाने में तहरीर देकर दोनों आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने नकली सोना दिखाकर बैंक से Gold Loan हासिल करने की कोशिश की।

बैंक अधिकारियों के मुताबिक, Gold Loan स्वीकृत करने से पहले गिरवी रखे जाने वाले सोने की शुद्धता और वास्तविकता की जांच की जाती है। इसके लिए बैंक में निर्धारित प्रक्रिया के तहत कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय होती है। इसी जांच के दौरान कथित तौर पर प्रस्तुत सोने के नकली होने का पता चला।

Loan जारी होने से पहले खुल गई पोल

मामले में बैंक की जांच महत्वपूर्ण रही, क्योंकि आरोपियों द्वारा प्रस्तुत सोना Loan स्वीकृत होने से पहले ही जांच में नकली पाया गया। इससे बैंक को संभावित वित्तीय नुकसान से बचाने में मदद मिली।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने नकली सोना कहां से हासिल किया था और क्या इससे पहले भी उन्होंने किसी बैंक या वित्तीय संस्थान में इसी तरह की कोशिश की थी। उनके पास मौजूद दस्तावेजों और अन्य सामान की भी जांच की जा रही है।

गोलघर चौकी की टीम ने की गिरफ्तारी

बैंक से शिकायत मिलने के बाद कैंट पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार, गोलघर चौकी इंचार्ज के नेतृत्व में गठित टीम ने दोनों आरोपियों को क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि Gold Loan लेने की कथित योजना में दोनों की भूमिका क्या थी और क्या उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।

पहले भी की गई ऐसी कोशिशों की जांच

पुलिस अब आरोपियों के पिछले रिकॉर्ड और वित्तीय गतिविधियों की भी जांच कर सकती है। खासतौर पर यह पता लगाया जाएगा कि उन्होंने इससे पहले किसी बैंक में नकली आभूषण या अन्य संपत्ति को गिरवी रखकर Loan लेने की कोशिश तो नहीं की थी।

इसके अलावा दोनों आरोपियों के बैंक खाते, हालिया लेनदेन और खाता खुलवाने से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि बैंक खाता खुलवाने और अगले दिन Gold Loan के लिए पहुंचने के पीछे कोई पूर्व नियोजित योजना थी या नहीं।

बैंक ने ग्राहकों की जांच प्रक्रिया पर दिया जोर

बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि Gold Loan देने से पहले सोने की गुणवत्ता और वास्तविकता की जांच की जाती है। इस प्रक्रिया के लिए अलग से कर्मचारी नियुक्त किए जाते हैं, ताकि नकली सोने के आधार पर Loan जारी न हो सके।

फिलहाल कैंट पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। जांच का फोकस नकली सोने के स्रोत, कथित धोखाधड़ी की योजना और संभावित अन्य मामलों का पता लगाने पर है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति या संगठित नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

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