नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने Cochin Minerals and Rutile Limited (CMRL) और Exalogic Solutions Private Limited से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में कथित हवाला लेनदेन के नए सुराग मिलने का दावा किया है। एजेंसी के मुताबिक, केरल में हालिया छापेमारी के दौरान ऐसे दस्तावेज और डिजिटल सामग्री मिली है, जिनसे कथित तौर पर हवाला चैनलों के जरिए रकम के हस्तांतरण की जानकारी सामने आती है। जांच का एक पहलू टी. वीणा से कथित रूप से जुड़े वित्तीय लेनदेन पर भी केंद्रित है।
ED के कोच्चि जोन ने 18 अगस्त को Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के तहत कोझिकोड में नौ ठिकानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई CMRL से जुड़े कथित कॉरपोरेट फ्रॉड और रिश्वत भुगतान की जांच का हिस्सा थी। एजेंसी ने कहा कि तलाशी के दौरान कई डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए और संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए गए। इन सामग्रियों के आधार पर कथित धन हस्तांतरण और उससे जुड़े संपर्कों की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
ED की PMLA जांच Serious Fraud Investigation Office (SFIO) की जांच में सामने आए तथ्यों पर आधारित है। SFIO ने CMRL से जुड़े कथित कॉरपोरेट फ्रॉड और रिश्वत भुगतान की जांच की थी। एजेंसी ने 3 अप्रैल 2025 को इस मामले में अभियोजन शिकायत दाखिल की थी। SFIO की जांच के अनुसार, CMRL ने करीब 15 वर्षों की अवधि में कथित तौर पर ₹182 करोड़ के फर्जी नकद खर्च दर्ज किए थे। जांचकर्ताओं को संदेह है कि इन रकम का इस्तेमाल विभिन्न लोगों को कथित तौर पर भुगतान करने में किया गया।
ED का आरोप है कि CMRL के प्रबंधन ने, जिसके प्रमुख प्रबंध निदेशक एस.एन. शशिधरन कर्था थे, अपराध से अर्जित आय तैयार की और कई लोगों को कथित तौर पर बिना वास्तविक सेवाओं के भुगतान किया। एजेंसी के अनुसार, टी. वीणा भी कथित लाभार्थियों में शामिल थीं।
जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि वीणा की कंपनी Exalogic Solutions Private Limited को CMRL से IT Consultancy Services के नाम पर कुल ₹2.78 करोड़ मिले। ED इन भुगतानों की वास्तविक प्रकृति की जांच कर रही है। इसके अलावा एजेंसी का दावा है कि कर्था द्वारा संचालित Empower India Capital Investment Private Limited ने Exalogic को ₹50 लाख के ऋण दिए, जबकि कंपनी ने कथित तौर पर समय पर भुगतान नहीं किया।
हालिया कार्रवाई से पहले ED ने 27 मई 2026 को वीणा और CMRL के प्रमोटरों से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली थी। उस दौरान एजेंसी ने कथित तौर पर वीणा द्वारा रखे गए हस्तलिखित खातों और नोट्स को जब्त किया था। ED के अनुसार, इन रिकॉर्ड में विभिन्न लोगों के नाम, रकम के लेनदेन और खर्च का विवरण तथा दुबई भेजी गई रकम से संबंधित जानकारी दर्ज थी।
एजेंसी के मुताबिक, इन हस्तलिखित रिकॉर्ड में भारतीय रुपये के साथ UAE Dirham में भी लेनदेन दर्ज थे। दस्तावेजों में करीब AED 3,49,000 यानी लगभग ₹85 लाख के दुबई ट्रांसफर का उल्लेख होने का दावा किया गया है। इसके अलावा रिकॉर्ड में करीब ₹20.05 करोड़ के विभिन्न लेनदेन दर्ज होने की बात भी ED ने कही है।
जांचकर्ताओं ने पिछली तलाशी में जब्त डिजिटल सामग्री की भी जांच की। ED के अनुसार, एक डिजिटल डिवाइस में किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर जारी SIM कार्ड की तस्वीर मिली, जिसे कथित तौर पर Wi-Fi Router में इस्तेमाल किया जाना था। एजेंसी को संदेह है कि SIM और Router किसी अन्य व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करके हासिल किए गए हो सकते हैं और इनका उपयोग Internet-based Calls के लिए किया गया हो सकता है।
हस्तलिखित रिकॉर्ड में जिन लोगों के नाम मिले, उनके साथ-साथ कथित SIM उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति को भी 18 अगस्त की कार्रवाई के दायरे में शामिल किया गया। ED ने वीणा के पति और वरिष्ठ CPI(M) नेता मोहम्मद रियास के व्यापक सामाजिक और पेशेवर संपर्कों से जुड़े कुछ लोगों के परिसरों पर भी तलाशी ली।
इनमें कोझिकोड जिला सचिवालय के सदस्य पी. निखिल, DYFI पदाधिकारी और Destination Tourism Manager नंदुलाल, K.C.K. Dentals के मालिक और रियास के पूर्व सहपाठी पी.पी. शैजल, IT Entrepreneur फेबिश मोहम्मद, Capital Marbles and Granites के प्रबंध निदेशक वरिश कलाथिंगल और NRI फैजस शामिल थे।
ED ने कहा कि 18 अगस्त की तलाशी में जब्त सामग्री से संभावित हवाला लेनदेन के संबंध में जानकारी मिली है। एजेंसी का यह भी दावा है कि हस्तलिखित रिकॉर्ड में दर्ज रकम वीणा की ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक थी और ये रकम CMRL से कथित तौर पर प्राप्त भुगतानों से अलग थी।
मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर किए जाने की बात ED ने कही है। हालांकि, एजेंसी द्वारा लगाए गए आरोप अभी जांच और कानूनी प्रक्रिया के अधीन हैं तथा आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में होना बाकी है।
ED की कार्रवाई के बाद राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। CPI(M) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने ED पर पार्टी को निशाना बनाने का आरोप लगाया और सवाल उठाया कि रियास से परिचित लोगों के खिलाफ तलाशी क्यों की जा रही है। रियास ने भी कहा है कि वह और उनकी पार्टी इस मामले को राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर लड़ेंगे।
फिलहाल ED जब्त डिजिटल डिवाइस, वित्तीय रिकॉर्ड, कथित हवाला लेनदेन और हस्तलिखित दस्तावेजों में दर्ज नामों के बीच संबंधों की जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ कथित धन के स्रोत, उसके हस्तांतरण और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर और जानकारी सामने आने की संभावना है।
