टूरिस्ट और मेडिकल वीजा पर युवतियों को भारत लाने, पहचान बदलने के लिए प्लास्टिक सर्जरी कराने और होटल-रिसॉर्ट में भेजने का आरोप; फर्जी दस्तावेज, बैंक खाते और WhatsApp चैट भी जांच के दायरे में

उज्बेकिस्तान की लोला गिरफ्तार, आठ साल से विदेशी युवतियों के अवैध नेटवर्क का आरोप

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By Roopa
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लखनऊ: उज्बेकिस्तान की नागरिक लोला क्यूमोवा को उत्तर प्रदेश पुलिस ने कथित देह व्यापार नेटवर्क संचालित करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, लोला वर्ष 2018 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी, लेकिन तीन महीने बाद वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद यहां रह रही थी। आरोप है कि इसके बाद उसने उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और राजस्थान में विदेशी युवतियों को बुलाकर अवैध गतिविधियों में लगाने वाला नेटवर्क खड़ा कर लिया। एफआरआरओ से मिले इनपुट के आधार पर सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने मंगलवार को उसे गिरफ्तार किया और बुधवार को जेल भेज दिया।

विदेशी युवतियों को वीजा पर भारत बुलाने का आरोप

पुलिस की पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि लोला उज्बेकिस्तान से युवतियों को टूरिस्ट और मेडिकल वीजा पर भारत बुलाती थी। आरोप है कि यहां आने के बाद उनकी पहचान और हुलिया बदलने के लिए प्लास्टिक सर्जरी तक कराई जाती थी। इसके बाद उन्हें अलग-अलग शहरों में ग्राहकों की मांग के अनुसार भेजा जाता था।

पुलिस का दावा है कि युवतियों की बुकिंग के लिए WhatsApp ग्रुप और दलालों का इस्तेमाल किया जाता था। ग्राहकों की मांग के आधार पर उन्हें होटल, रिसॉर्ट और पार्टियों में भेजे जाने की व्यवस्था की जाती थी। जांच में सामने आए कथित नेटवर्क में अलग-अलग अवधि के लिए अलग-अलग रकम वसूले जाने की जानकारी मिली है।

बुकिंग के लिए हजारों से लाखों रुपये तक

जांच के अनुसार, नेटवर्क में कुछ समय के लिए युवती उपलब्ध कराने के नाम पर करीब ₹6,000 और रातभर की बुकिंग के लिए ₹20,000 से ₹25,000 तक वसूले जाने का आरोप है। वहीं, एक सप्ताह के लिए रिसॉर्ट में भेजने के नाम पर ₹1 लाख से ₹1.5 लाख तक रकम लेने की बात सामने आई है।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में कितनी विदेशी युवतियां शामिल थीं और उनसे जुड़े दलाल कौन-कौन थे। लोला के मोबाइल फोन और WhatsApp चैट को भी जांच का अहम आधार बनाया गया है।

जून 2025 की कार्रवाई से मिला था सुराग

मामले में पहली महत्वपूर्ण कार्रवाई 20 जून 2025 को हुई थी। क्षेत्रीय विदेशी पंजीकरण कार्यालय को आवश्यक जानकारी नहीं देने और Form C से संबंधित नियमों के उल्लंघन के बाद पुलिस और संबंधित अधिकारियों की टीम ने सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र के एक अपार्टमेंट में छापा मारा था।

उस कार्रवाई में उज्बेकिस्तान की दो महिलाओं, हॉलिडा और नीलोफर को पकड़ा गया था। पूछताछ के दौरान पुलिस को लोला के नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात सामने आई थी। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई, लेकिन वह कथित तौर पर भूमिगत हो गई थी।

फर्जी दस्तावेजों से भारत में रहने का आरोप

जांच में लोला पर फर्जी तरीके से आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार कराने का भी आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार, उसके नाम से बैंक खाते भी खोले गए थे। जांच एजेंसी अब इन दस्तावेजों और बैंक खातों के जरिए हुए लेनदेन की पड़ताल कर रही है।

गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उसके कब्जे से चार सोने की अंगूठियां, सोने की घड़ी, चेन, ब्रेसलेट, लॉकेट वाली चेन, कान की बालियां, डेबिट कार्ड, दो आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और ₹39,740 नकद बरामद किया।

अपर पुलिस उपायुक्त रल्लापल्ली बसंत कुमार के अनुसार, लोला की पूछताछ और WhatsApp चैट की जांच में आपत्तिजनक संदेश और वीडियो भी मिले हैं।

शादी कर लखनऊ में रहने का भी खुलासा

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि लोला ने लखनऊ में त्रिजिनराज उर्फ अर्जुन राणा से शादी की थी। पुलिस के अनुसार, अर्जुन खुद को पत्रकार बताता था। आरोप है कि इसके बाद लोला ने उज्बेकिस्तान और नेपाल से जुड़े लोगों के संपर्क के जरिए विदेशी युवतियों को भारत बुलाने और उन्हें यहां रखने का काम जारी रखा।

जून 2025 में लोला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले में सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र के मिनर्वा क्लीनिक के संचालक और प्लास्टिक सर्जन डॉ. विवेक गुप्ता तथा त्रिजिनराज उर्फ अर्जुन राणा के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था।

उज्बेकिस्तान में भी लुकआउट नोटिस

एसीपी गोसाईगंज ऋषभ यादव के अनुसार, जांच में यह भी पता चला है कि लोला के खिलाफ उज्बेकिस्तान में लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। पुलिस अब उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों, भारत में रहने की वैधता, विदेशी युवतियों की आवाजाही, फर्जी दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, आगे की जांच में नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, विदेशी संपर्कों और उन स्थानों की जानकारी जुटाई जाएगी जहां कथित तौर पर युवतियों को भेजा जाता था।

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