दिल्ली पुलिस ने Instagram पर नौकरी का झांसा देकर लड़कियों को कथित रूप से स्पा सेंटरों में भेजने वाले अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का खुलासा किया है।

इंस्टाग्राम पर नौकरी का झांसा देकर मानव तस्करी, दिल्ली पुलिस ने 10 पीड़ितों को बचाया

Team The420
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नई दिल्ली: दक्षिण जिले की अंबेडकर नगर थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान तीन नाबालिगों को भी पकड़ा गया, जबकि कुल 10 पीड़ितों को सुरक्षित बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, गिरोह दिल्ली, गुजरात और उत्तर प्रदेश में सक्रिय था और सोशल मीडिया, खासकर Instagram के जरिए कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाली लड़कियों को नौकरी और अधिक वेतन का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था।

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मामले की जांच दक्षिणपुरी इलाके से 9 मई को 15 वर्षीय एक लड़की के लापता होने की शिकायत के बाद शुरू हुई। परिजनों की शिकायत पर अंबेडकर नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने लड़की की तलाश के दौरान उसके सोशल मीडिया संपर्कों, संभावित ठिकानों और आवाजाही से जुड़े सुरागों की जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को ऐसे नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली, जो लड़कियों को दिल्ली से दूसरे राज्यों में ले जाकर कथित तौर पर स्पा सेंटरों में काम कराने के लिए इस्तेमाल करता था।

सोशल मीडिया से बनाया जाता था शिकार

पुलिस के मुताबिक, गिरोह में लड़कियों को फंसाने वाले भर्ती एजेंट, समन्वयक, परिवहन उपलब्ध कराने वाले लोग और स्पा संचालक शामिल थे। आरोपी सोशल मीडिया पर युवतियों से संपर्क कर उन्हें आकर्षक नौकरी, अच्छी सैलरी और बेहतर भविष्य का भरोसा देते थे। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाली लड़कियों को विशेष रूप से निशाना बनाया जाता था।

जांच में सामने आया कि दिल्ली में विनय उर्फ महादेव कथित तौर पर समन्वयक की भूमिका निभाता था। वह लड़कियों के परिवहन, ठहरने और अन्य लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं को संभालता था। गुजरात के कच्छ जिले के मुद्रा में दमानी सुशील हरीश कथित तौर पर स्पा का प्रमुख संचालक था। पुलिस अब आरोपियों के बीच संपर्क, पैसे के लेनदेन और पीड़ितों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है।

1,500 किलोमीटर दूर मुद्रा से पीड़िता बरामद

लापता 15 वर्षीय लड़की की तलाश में पुलिस टीम ने करीब 1,500 किलोमीटर की दूरी तय की और गुजरात के कच्छ जिले के मुद्रा पहुंची। जांच के दौरान पता चला कि पीड़िता को टीजीआर होटल में संचालित एक स्पा सेंटर में रखा गया था। पुलिस ने वहां कार्रवाई कर लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया।

मौके से स्पा संचालक दमानी सुशील हरीश और लक्ष्य को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इसके बाद गिरोह के दूसरे सदस्यों तक पहुंचने के लिए पूछताछ और डिजिटल सुरागों की जांच शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता की बरामदगी इस नेटवर्क की कार्यप्रणाली को समझने में अहम साबित हुई।

बलिया के स्पा सेंटर से सात लड़कियां बरामद

जांच के अगले चरण में पुलिस टीम उत्तर प्रदेश के बलिया पहुंची। वहां मेलोडी स्पा सेंटर से सात लड़कियों को बरामद किया गया। इस कार्रवाई में मोनू शर्मा और संजीव मौर्य उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया गया। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन लड़कियों को किस माध्यम से वहां लाया गया था और उन्हें नौकरी के नाम पर क्या वादे किए गए थे।

इसके बाद जांच दिल्ली तक पहुंची। गणेश नगर इलाके में कार्रवाई कर पुलिस ने दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बरामद किया। इस मामले में खुशी उर्फ पूजा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब सभी बरामद पीड़ितों के बयान दर्ज कर उनके परिवारों से संपर्क करने और उनकी सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया पूरी कर रही है।

नेटवर्क के विस्तार की जांच जारी

पुलिस के अनुसार, गिरोह की कार्यप्रणाली में सोशल मीडिया से संपर्क बनाने के बाद परिवहन और ठहरने की व्यवस्था करना तथा पीड़ितों को दूसरे राज्यों के स्पा सेंटरों तक पहुंचाना शामिल था। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क ने अब तक कितनी लड़कियों को निशाना बनाया और इसके पीछे कितने अन्य लोग जुड़े हैं।

पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, संपर्क सूची और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य गिरोह के पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क और उसके संभावित अन्य ठिकानों का पता लगाना है। बरामद 10 पीड़ितों में नाबालिगों की मौजूदगी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ मानव तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और पीड़ितों की जानकारी भी सामने आ सकती है।

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