कानपुर में मैट्रिमोनियल पोर्टल पर शादी का झांसा देकर युवती से तीन बैंक खाते खुलवाने और संदिग्ध लेनदेन कराने का मामला सामने आया है।

मैट्रिमोनियल पोर्टल पर शादी का झांसा देकर साइबर ठगी, युवती से खुलवाए तीन बैंक खाते

Team The420
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कानपुर: साइबर ठगों ने अब मैट्रिमोनियल पोर्टलों को भी ठगी का माध्यम बनाना शुरू कर दिया है। कानपुर के कल्याणपुर की रहने वाली और सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही एक युवती कथित तौर पर ऐसे ही एक जाल में फंस गई। आरोपी ने खुद को दिल्ली RAF में तैनात सूरज उर्फ रणवीर सिंह बताया, युवती से दोस्ती की और शादी का प्रस्ताव रखा। कुछ समय बाद उसने नौकरी में मदद दिलाने के नाम पर युवती से उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज हासिल कर लिए।

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इसके बाद आरोपी ने युवती के नाम पर कल्याणपुर क्षेत्र में तीन अलग-अलग बैंक खाते खुलवाए। ये खाते Kotak Mahindra Bank, Punjab National Bank और Bank of Maharashtra में खोले गए। आरोप है कि खाते खुलवाने के बाद सूरज ने उनके डेबिट कार्ड और पासवर्ड अपने पास रख लिए। युवती को कथित तौर पर यह विश्वास दिलाया गया कि इन खातों का इस्तेमाल उसके रोजगार और अन्य वित्तीय जरूरतों के लिए किया जाएगा।

आर्थिक मदद के नाम पर लिए ₹40 हजार

शिकायत के अनुसार, जून में आरोपी ने खुद को एडवरटाइजिंग एजेंसी संचालक बताते हुए युवती से आर्थिक मदद मांगी। उसने कारोबार में जरूरत का हवाला देकर उससे ₹40 हजार ले लिए। इसके बाद युवती के नाम से खोले गए तीनों बैंक खातों में करीब ₹1.5 लाख से ₹2 लाख तक के संदिग्ध लेनदेन किए गए। जब खाते उसके नाम पर थे, तो इन लेनदेन की जिम्मेदारी को लेकर युवती को बाद में परेशानी का सामना करना पड़ा।

मामला जुलाई में तब सामने आया, जब युवती को साइबर पुलिस की ओर से नोटिस मिला। नोटिस मिलने के बाद उसे अपने बैंक खातों में हो रही गतिविधियों पर संदेह हुआ और उसने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी ने लखनऊ स्थित एक ATM बूथ से भी रकम निकाली थी। इससे युवती को यह समझ आया कि उसके दस्तावेज और बैंक खाते किसी बड़े वित्तीय फर्जीवाड़े में इस्तेमाल किए जा रहे थे।

पुलिस की भनक लगते ही मोबाइल बंद कर हुआ गायब

युवती के पुलिस से संपर्क करने की जानकारी आरोपी को मिलते ही उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया। युवती के अनुसार, जब वह उससे मिलने आया था, तब उसने उसके मोबाइल फोन से अपनी पहचान से जुड़ी जानकारी और तस्वीरें भी डिलीट कर दी थीं। इसके बाद आरोपी गायब हो गया। पुलिस अब उसके संपर्कों और बैंक खातों से जुड़े लेनदेन की जांच कर रही है।

युवती ने यह भी बताया कि आरोपी का एक दोस्त मनीष दो बार उससे रुपये लेने के लिए आया था। अब मनीष का भी पता नहीं चल रहा है। पुलिस दोनों व्यक्तियों की भूमिका और उनके बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है।

वीडियो कॉल से बनाई पहचान, असली पहचान पर संदेह

युवती के मुताबिक, सूरज उससे मुख्य रूप से वीडियो कॉल पर बात करता था। कॉल के दौरान वह खुद को कंप्यूटर पर व्यस्त दिखाता था और ज्यादा बातचीत नहीं करता था। उसने युवती के परिवार वालों से भी वीडियो कॉल के जरिए ही बातचीत कराई। आरोपी ने खुद को मूल रूप से सिकंदरा का रहने वाला बताया था। पुलिस अब उसके बताए परिचय, नौकरी और पते की वास्तविकता की जांच कर रही है।

साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, मैट्रिमोनियल पोर्टल पर बने प्रोफाइल की पहचान और नौकरी से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि किए बिना भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है। a Researcher at Algoritha Security के अनुसार, ऑनलाइन रिश्तों में भावनात्मक भरोसा बनाने के बाद दस्तावेज, बैंकिंग जानकारी या पैसे मांगना बड़े खतरे का संकेत है।

ऐसे बचें मैट्रिमोनियल साइबर फ्रॉड से

किसी ऑनलाइन परिचित द्वारा बीमारी, यात्रा, कारोबार या आपात स्थिति के नाम पर पैसे मांगे जाने पर तुरंत सावधान हो जाएं। सामने वाले की नौकरी, परिवार, पता और पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। केवल चैट या सामान्य कॉल पर निर्भर रहने के बजाय वीडियो कॉल और अन्य विश्वसनीय माध्यमों से पहचान सत्यापित करें।

अपने बैंक खाते, डेबिट कार्ड, PIN, पासवर्ड, OTP और अन्य वित्तीय जानकारी किसी व्यक्ति को न दें। किसी के कहने पर अपने नाम से बैंक खाता खुलवाकर उसका कार्ड या पासवर्ड भी न सौंपें। संदिग्ध बातचीत होने पर चैट, स्क्रीनशॉट, कॉल विवरण और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर पुलिस जांच में उनका इस्तेमाल किया जा सके।

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