मुरादाबाद: हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर स्थित मशरूम प्लांट में कूलिंग सिस्टम लगाने के नाम पर करीब ₹3.70 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने ऑटोक्राफ्ट टवर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप खन्ना की शिकायत पर राजस्थान के अलवर स्थित सेल्सियस रेफ्रिजरेशन कंपनी से जुड़े चार लोगों अनिमेश दोसान, हनी पोखरियाल, चंद्र यादव और पवन शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्लांट में कूलिंग सिस्टम लगाने के बाद उसे सही तरीके से संचालित करने के नाम पर आरोपियों ने लगातार अतिरिक्त रकम वसूली और बाद में फर्जी बिलों के जरिए भुगतान को सही ठहराने की कोशिश की।
सिविल लाइंस की देव विहार कॉलोनी निवासी संदीप खन्ना के अनुसार, हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर गांव में उनका मशरूम प्लांट है। मशरूम उत्पादन के लिए नियंत्रित तापमान और वातावरण की जरूरत होती है, इसलिए उन्होंने प्लांट में कूलिंग सिस्टम लगाने के लिए अलवर की सेल्सियस रेफ्रिजरेशन कंपनी से संपर्क किया था। दोनों पक्षों के बीच सिस्टम लगाने को लेकर सहमति बनी और कंपनी की ओर से करीब ₹96 लाख की लागत से कूलिंग सिस्टम लगाया गया।
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₹96 लाख का सिस्टम लगाने के बाद शुरू हुआ अतिरिक्त भुगतान
शिकायत के मुताबिक, सिस्टम लगाए जाने के बाद उसकी कार्यक्षमता उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। प्लांट में कूलिंग व्यवस्था ठीक से काम नहीं कर रही थी और उत्पादन प्रभावित होने लगा। जब संदीप खन्ना ने कंपनी से इसकी शिकायत की तो आरोपियों ने कथित तौर पर सिस्टम की क्षमता बढ़ाने की जरूरत बताई।
कभी 66 टन अतिरिक्त कूलिंग क्षमता लगाने तो कभी क्षमता को बढ़ाकर 200 टन करने की बात कही गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सिस्टम की तकनीकी समस्या दूर करने के बजाय आरोपियों ने अलग-अलग चरणों में अतिरिक्त रकम की मांग शुरू कर दी। प्लांट के बेहतर संचालन और कूलिंग क्षमता बढ़ाने का भरोसा देकर उनसे लगातार भुगतान कराया गया।
कम क्षमता की कॉइल, अधिक क्षमता के बिल का आरोप
मामले में सबसे गंभीर आरोप कूलिंग कॉइल और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर लगाया गया है। संदीप खन्ना का कहना है कि आरोपियों ने प्लांट में अपेक्षाकृत कम क्षमता वाली कूलिंग कॉइल लगाई, जबकि भुगतान और सामान की क्षमता दर्शाने वाले बिलों में अधिक क्षमता की कॉइल का उल्लेख किया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, इस अंतर का पता शुरुआत में नहीं चल सका। आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए बिल और तकनीकी जानकारी के आधार पर भुगतान किया जाता रहा। इसके अलावा आरोपियों ने कूलिंग सिस्टम का पासवर्ड भी उपलब्ध नहीं कराया। इससे सिस्टम की सेटिंग, संचालन और तकनीकी स्थिति की स्वतंत्र जांच करना मुश्किल बना रहा।
दूसरी कंपनी से जांच कराने पर खुला मामला
लगातार समस्या बनी रहने और अतिरिक्त रकम की मांग बढ़ने के बाद संदीप खन्ना को संदेह हुआ। उन्होंने किसी दूसरी कूलिंग सिस्टम लगाने वाली फर्म से संपर्क किया और प्लांट में लगे उपकरणों तथा कूलिंग व्यवस्था की जांच कराई। शिकायतकर्ता का दावा है कि इसी तकनीकी जांच के दौरान सिस्टम की वास्तविक क्षमता और लगाए गए उपकरणों को लेकर कथित गड़बड़ियों का पता चला।
इसके बाद पुराने भुगतान, बिलों और सिस्टम में लगाए गए उपकरणों की जानकारी का मिलान किया गया। आरोप है कि दस्तावेजों और वास्तविक उपकरणों के बीच अंतर सामने आया। संदीप खन्ना ने पुलिस को दी शिकायत में दावा किया कि कंपनी से जुड़े लोगों ने अलग-अलग बहानों और क्षमता बढ़ाने के नाम पर उनसे कुल करीब ₹3.70 करोड़ ले लिए।
चार लोगों पर केस, पुलिस ने शुरू की जांच
सिविल लाइंस थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अनिमेश दोसान, हनी पोखरियाल, चंद्र यादव और पवन शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
जांच के दौरान कूलिंग सिस्टम से जुड़े अनुबंध, बिल, भुगतान का रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन, तकनीकी दस्तावेज और प्लांट में लगाए गए उपकरणों की वास्तविक क्षमता की जांच महत्वपूर्ण होगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि आरोपियों ने किस आधार पर अलग-अलग क्षमता के सिस्टम लगाने की बात कही और भुगतान के लिए कौन-कौन से दस्तावेज उपलब्ध कराए।
फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। पुलिस के सामने यह भी स्पष्ट करना होगा कि कथित तौर पर वसूली गई ₹3.70 करोड़ की रकम किस-किस माध्यम से ली गई और कंपनी से जुड़े अन्य लोगों की इसमें कोई भूमिका थी या नहीं। आरोप साबित होने से पहले आरोपियों को दोषी नहीं माना जा सकता।
