डिप्टी ब्रांच मैनेजर पर ग्राहक के हस्ताक्षर जाली बनाकर सरेंडर किया क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने और ₹6.8 लाख की एफडी भुनाने का आरोप; तीन साल की जांच के बाद बलिया से पकड़ी गई आरोपी

बुजुर्ग खाताधारक से ₹7.8 लाख की कथित ठगी, पूर्व बैंक मैनेजर गिरफ्तार

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By Roopa
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कोलकाता: दक्षिण कोलकाता के एक निजी बैंक की पूर्व डिप्टी ब्रांच मैनेजर को एक बुजुर्ग खाताधारक से कथित तौर पर ₹7.8 लाख की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर ग्राहक के हस्ताक्षर जाली बनाकर उसके बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर व ईमेल बदलने तथा कोरोना महामारी के दौरान औपचारिक रूप से सरेंडर किए गए क्रेडिट कार्ड का कथित रूप से दुरुपयोग करने का आरोप है।

आरोपी की पहचान ममता कुमारी के रूप में हुई है। उसे शनिवार को उत्तर प्रदेश के बलिया से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, तीन साल की जांच के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर अपना मोबाइल नंबर, अस्थायी और स्थायी पते तथा इस्तेमाल किया जा रहा फोन तक बदल दिया था, जिससे उसकी तलाश और डिजिटल गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल हो गया।

बैंक की चेतला शाखा के प्रबंधक की ओर से दर्ज शिकायत के अनुसार, बुजुर्ग ग्राहक ने महामारी के दौरान अपना क्रेडिट कार्ड सरेंडर करने के लिए बैंक से संपर्क किया था। उस समय ममता कुमारी डिप्टी ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत थी। आरोप है कि उसने ग्राहक का आवेदन स्वीकार किया और क्रेडिट कार्ड अपने कब्जे में ले लिया।

पुलिस के अनुसार, इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर ऐसा दस्तावेज तैयार किया, जिसमें कार्ड सरेंडर किए जाने की पुष्टि की गई थी और ग्राहक को इसके लिए जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र भी दिया गया। जांचकर्ताओं का आरोप है कि कार्ड को ग्राहक के सामने नष्ट नहीं किया गया, जिससे बाद में उसके दुरुपयोग की गुंजाइश बनी रही।

क्रेडिट कार्ड का नंबर दूसरे मोबाइल से जोड़ा

जांच में सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर बुजुर्ग के हस्ताक्षर वाले केवाईसी दस्तावेज का इस्तेमाल कर क्रेडिट कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर और ईमेल पते को बदल दिया। इसके बाद कार्ड से होने वाले लेनदेन के संदेश पुराने मोबाइल नंबर पर आना बंद हो गए।

पुलिस का आरोप है कि इसके बाद ममता ने कार्ड से ऑनलाइन अनधिकृत लेनदेन किए और उसकी ₹1 लाख की क्रेडिट सीमा तक रकम खर्च कर दी। बुजुर्ग को इसकी जानकारी तत्काल नहीं हुई, क्योंकि वह उस अवधि में खुद कोई ऑनलाइन लेनदेन नहीं कर रहे थे।

आरोपी ने कथित तौर पर बैंक खाते के साथ भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई। जांचकर्ताओं के अनुसार, उसने बुजुर्ग के हस्ताक्षर फिर से जाली बनाए और खाते से जुड़े मोबाइल नंबर तथा ईमेल पते में बदलाव कराया।

₹6.8 लाख की एफडी कथित तौर पर भुनाई

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बुजुर्ग के नाम पर बनी ₹6.8 लाख की एक सावधि जमा को कथित तौर पर उनकी अनुमति के बिना भुना लिया गया। आरोप है कि एफडी से मिली रकम दूसरे खाते में स्थानांतरित कर दी गई।

मामला वर्ष 2023 में तब सामने आया, जब बैंक ने बुजुर्ग ग्राहक से क्रेडिट कार्ड के बकाये भुगतान को लेकर संपर्क किया। इसी दौरान उन्हें पता चला कि जिस क्रेडिट कार्ड को वह महामारी के दौरान सरेंडर कर चुके थे, उसका इस्तेमाल बाद में भी किया गया था।

इसके बाद बैंक ने क्रेडिट कार्ड और खाते के रिकॉर्ड की जांच की। जांच में कथित अनधिकृत लेनदेन और एफडी भुनाए जाने की जानकारी सामने आई। बैंक की चेतला शाखा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जांच शुरू हुई।

डिजिटल सुराग मिटाने की कोशिश का आरोप

पुलिस के मुताबिक, नौकरी छोड़ने के बाद आरोपी ने अपने कई व्यक्तिगत विवरण बदल लिए थे। उसने मोबाइल नंबर, अस्थायी और स्थायी पते तथा इस्तेमाल किए जा रहे फोन में बदलाव किया, जिससे उसके डिजिटल सुराग तक पहुंचना कठिन हो गया।

जांचकर्ताओं ने पुराने मोबाइल नंबर से जुड़े कॉल रिकॉर्ड का विस्तृत विश्लेषण किया। इसी दौरान एक साझा नंबर सामने आया, जिसकी मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। इसके बाद टीम ने बलिया स्थित उसके घर से उसे गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद ममता कुमारी को ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाया गया। पुलिस अब कथित धोखाधड़ी में इस्तेमाल दस्तावेजों, क्रेडिट कार्ड लेनदेन, एफडी से निकाली गई रकम और उसे दूसरे खाते में भेजे जाने की पूरी श्रृंखला की जांच कर रही है।

जांचकर्ताओं के अनुसार, यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने कथित धोखाधड़ी अकेले की या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी। बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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