विदेश भेजने के नाम पर कथित तौर पर ₹35 लाख की ठगी और रकम वापस मांगने पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में सामने आया है। अमरिया थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के संबंध में अदालत के आदेश पर पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि विदेश भेजने का भरोसा देकर पीड़ित से बड़ी रकम ली गई और बाद में पैसे वापस मांगने को लेकर हुए विवाद में उस पर हमला कर दिया गया। हमले में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस अब कथित ठगी, हमले और मौत के बीच संबंध समेत पूरे मामले की जांच कर रही है।
मामला अमरिया थाना क्षेत्र के बालपुर माफी गांव से जुड़ा है। गांव निवासी मनप्रीत सिंह ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि उनके तहेरे भाई सुरजीत सिंह को विदेश भेजने का भरोसा देकर आरोपियों ने कथित तौर पर ₹35 लाख की रकम ली थी। परिवार को उम्मीद थी कि रकम मिलने के बाद विदेश भेजने की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। हालांकि, काफी समय बीतने के बावजूद जब कथित तौर पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई तो परिवार को रकम के साथ धोखाधड़ी किए जाने का संदेह हुआ।
शिकायत के अनुसार, सुरजीत सिंह और उनके परिजनों ने आरोपियों से रकम वापस मांगनी शुरू की। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि आरोपियों ने ₹9.50 लाख वापस किए, लेकिन बाकी रकम वापस नहीं की गई। परिवार की ओर से शेष धनराशि लौटाने की मांग जारी रहने के बाद विवाद और गंभीर हो गया।
मनप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि इसी विवाद के बाद सुरजीत सिंह पर जानलेवा हमला किया गया। हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने के कारण उनका इलाज जारी रहा, लेकिन सोमवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अदालत का रुख किया।
अदालत में दाखिल प्रार्थना पत्र में मनप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि विदेश भेजने के नाम पर रकम लेने वाले लोगों ने बाद में सुरजीत सिंह के साथ मारपीट की और उनकी जान लेने का प्रयास किया। शिकायत पर विचार करने के बाद अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज कर जांच के निर्देश दिए। इसके बाद शुक्रवार को पुलिस ने संबंधित कानूनी धाराओं के तहत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
मामले में नामजद आरोपियों में हापुड़ जिले के बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के कनिया कल्याणपुर गांव निवासी अनुज सिद्धू और राजीव गिल, मेरठ जिले के परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के बिलोलपुर गांव निवासी अंकुश चौधरी, अमरोहा जिले के रजबपुर थाना क्षेत्र के असावर गांव निवासी सचिन चौधरी के अलावा मुकुल शर्मा, मुनीश, मोनू शर्मा और एक अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं। पुलिस सभी आरोपियों की कथित भूमिका की जांच कर रही है।
जांच में पुलिस के सामने यह भी महत्वपूर्ण होगा कि ₹35 लाख की रकम किस माध्यम से आरोपियों तक पहुंची, विदेश भेजने के नाम पर पीड़ित को कौन से दस्तावेज या आश्वासन दिए गए थे और ₹9.50 लाख की वापसी किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस बैंक खातों, लेनदेन, मोबाइल बातचीत, दस्तावेजों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर कथित वित्तीय लेनदेन की पूरी कड़ी सामने लाने का प्रयास कर सकती है।
सुरजीत सिंह की मौत के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित हमला कब और किन परिस्थितियों में हुआ, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और हमले में लगी चोटों तथा बाद में हुई मौत के बीच चिकित्सकीय संबंध क्या था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, अस्पताल के उपचार संबंधी रिकॉर्ड और चिकित्सकीय दस्तावेज जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं।
फिलहाल पुलिस ने अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी जांच का विषय हैं और उनकी पुष्टि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी। पुलिस घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने, परिजनों और अन्य संभावित गवाहों के बयान दर्ज करने तथा आरोपियों की भूमिका की जांच में जुटी है। विदेश भेजने के नाम पर कथित ठगी, रकम वापसी को लेकर विवाद, जानलेवा हमला और उसके बाद हुई मौत ने इस मामले को गंभीर आपराधिक जांच का विषय बना दिया है।
