चेन्नई: तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) के शराब कारोबार में कथित बहु-करोड़ रुपये की अनियमितताओं की जांच ने नया मोड़ ले लिया है। भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन (DVAC) ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के अनुसार, ये गिरफ्तारियां राज्य के सरकारी शराब वितरण नेटवर्क से जुड़े कथित घोटाले की जांच के दौरान की गई हैं। इस कार्रवाई को जांच में महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है, क्योंकि मामला राज्य में लंबे समय से सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।
डीवीएसी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान करूर जिले के कार्तिक और उसके करीबी सहयोगी रमेश के रूप में हुई है। दोनों को 30 जुलाई, 2026 को जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद दोनों को चेन्नई की एक सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
हालांकि, एजेंसी ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में यह स्पष्ट नहीं किया कि कथित घोटाले में दोनों आरोपियों की भूमिका क्या थी। अधिकारियों ने यह भी नहीं बताया कि अब तक जांच में किस प्रकार के साक्ष्य मिले हैं। उनका कहना है कि जांच अभी जारी है और इस चरण में अधिक जानकारी सार्वजनिक करने से जांच प्रभावित हो सकती है।
यह मामला तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन (TASMAC) के कामकाज में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। TASMAC राज्य में शराब की थोक और खुदरा बिक्री का एकमात्र सरकारी उपक्रम है, जिसके माध्यम से हर वर्ष हजारों करोड़ रुपये का कारोबार होता है। ऐसे में वित्तीय अनियमितताओं या भ्रष्टाचार के आरोप शासन व्यवस्था और सरकारी राजस्व दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
जांच एजेंसियां वित्तीय रिकॉर्ड, व्यावसायिक लेनदेन, डिजिटल साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या निर्धारित प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया गया, सरकारी व्यवस्था का दुरुपयोग हुआ या किसी को अवैध आर्थिक लाभ पहुंचाया गया। इसके साथ ही विभिन्न व्यक्तियों और संस्थाओं के बीच संभावित संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।
अधिकारियों ने अभी तक कथित घोटाले से जुड़े वित्तीय नुकसान का अनुमान सार्वजनिक नहीं किया है और न ही यह स्पष्ट किया है कि आगे और गिरफ्तारियां होंगी या नहीं। हालांकि, जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जैसे-जैसे दस्तावेजी और वित्तीय साक्ष्यों का विश्लेषण आगे बढ़ेगा, अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।
डीवीएसी ने कहा है कि जांच पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है और मामले के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है। एजेंसी बैंक लेनदेन, अनुबंध संबंधी रिकॉर्ड, संचार विवरण और अन्य दस्तावेजों का विश्लेषण कर घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला स्थापित करने तथा कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक अपराधों की जांच के शुरुआती चरण में की गई गिरफ्तारियां वित्तीय लेनदेन की श्रृंखला की पुष्टि करने, दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने और अन्य संभावित आरोपियों के बीच संबंधों की जांच करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं, तो मामले का दायरा और बढ़ सकता है।
ताजा गिरफ्तारियों के बाद टास्मैक से जुड़े कथित घोटाले की जांच और तेज होने की संभावना है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित अनियमितताएं सीमित स्तर तक थीं या इसके पीछे कोई व्यापक संगठित नेटवर्क सक्रिय था। अधिकारियों का कहना है कि आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी, जबकि दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
