जम्मू में जीवन बीमा पॉलिसी सरेंडर कर ₹10.75 लाख की कथित धोखाधड़ी मामले में पूर्व बीमा कर्मचारी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया है।

₹6 करोड़ निवेश घोटाले का मामला दर्ज, कारोबारी और परिजनों पर निवेशकों से धोखाधड़ी का आरोप

Team The420
5 Min Read

मोहाली/जीरकपुर: पंजाब के मोहाली जिले के जीरकपुर में पुलिस ने कथित ₹6 करोड़ के निवेश घोटाले के मामले में एक कारोबारी, उसके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी कई कंपनियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। आरोप है कि निवेशकों को 24 प्रतिशत तक वार्षिक रिटर्न का लालच देकर करोड़ों रुपये का निवेश कराया गया और बाद में धनराशि लेकर मुख्य आरोपी फरार हो गया। पुलिस का यह भी दावा है कि आरोपी के गायब होने के बाद हरियाणा में दर्ज कराई गई गुमशुदगी रिपोर्ट का इस्तेमाल जांच को भटकाने और कथित धोखाधड़ी को छिपाने के प्रयास के रूप में किया गया। मामले में फिलहाल विस्तृत वित्तीय जांच जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में भारत भूषण उर्फ भारत फुटेला, उसके पिता प्रेम कुमार, भाई संजीव कुमार तथा केसी कंसल्टेंसी, रिकोटा एग्रो इंडस्ट्रीज, वीरक एंटरप्राइजेज, रॉक्स कैपिटल्स और प्रताप सेल्स कॉर्पोरेशन से जुड़े अन्य व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कराई गई प्रारंभिक जांच के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 406 और 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

Open Invitation to GCC Leaders: FutureCrime Summit 2026 to Showcase Emerging Technologies, Digital Forensics & Fraud Risk Management Capabilities

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने विभिन्न व्यापारिक योजनाओं में निवेश कराने के नाम पर लोगों को निश्चित और आकर्षक वार्षिक रिटर्न का भरोसा दिलाया। पुलिस के अनुसार शुरुआत में कुछ निवेशकों को मामूली लाभ देकर उनका विश्वास जीता गया, जिसके बाद उनसे बड़ी रकम निवेश कराई गई। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इसी तरीके से करोड़ों रुपये एकत्र किए गए और बाद में निवेशकों को उनकी मूल राशि वापस नहीं मिली।

पुलिस के अनुसार पांच शिकायतकर्ताओं से कुल लगभग ₹6 करोड़ की राशि जुटाई गई। शिकायतकर्ता संजीव गुप्ता ने लगभग ₹2.70 करोड़ के नुकसान का दावा किया है, जबकि रमेश कुमार ने ₹1.50 करोड़ की कथित धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। हर्षिल अरोड़ा के अनुसार उन्होंने ₹83 लाख का निवेश किया था, जिसमें से उन्हें ₹13.50 लाख वापस मिले और शेष ₹69.50 लाख की राशि फंस गई। वहीं नीरज कुमार ने ₹45 लाख के नुकसान का आरोप लगाया है। सेवानिवृत्त विधानसभा सचिव राजेंद्र कुमार नंदल ने शिकायत में कहा कि उन्होंने ₹40 लाख निवेश किए थे, जिनमें से ₹10 लाख वापस मिले, जबकि ₹30 लाख की राशि वापस नहीं मिली।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी भारत भूषण कथित रूप से नवंबर 2025 के आसपास निवेशकों से धन एकत्र करने के बाद लापता हो गया। इसके अगले दिन हरियाणा के सिरसा पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जांच अधिकारियों का दावा है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह रिपोर्ट वास्तविक गुमशुदगी की बजाय जांच की दिशा प्रभावित करने और आरोपी को कथित धोखाधड़ी के आरोपों से बचाने के उद्देश्य से दर्ज कराई गई हो सकती है। हालांकि इस पहलू की भी अलग से जांच की जा रही है।

प्राथमिकी के अनुसार निवेश की राशि विभिन्न कंपनियों और व्यावसायिक संस्थाओं के माध्यम से एकत्र की जाती थी। पुलिस अब इन कंपनियों के बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन, निवेश रिकॉर्ड और धन के प्रवाह का विश्लेषण कर रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि निवेशकों से प्राप्त राशि का उपयोग किन उद्देश्यों के लिए किया गया और क्या उसे अन्य संस्थाओं या खातों में स्थानांतरित किया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की स्वीकृति के बाद जीरकपुर थाने में एफआईआर संख्या 408 दर्ज की गई है। मामले की जांच उपनिरीक्षक जसवंत सिंह को सौंपी गई है। पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका, आपसी वित्तीय संबंधों और कथित निवेश योजना से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।

जांच एजेंसियों का कहना है कि बैंकिंग रिकॉर्ड, निवेश दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय लेनदेन का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है। यदि जांच के दौरान अन्य व्यक्तियों या संस्थाओं की संलिप्तता के प्रमाण मिलते हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने निवेशकों से अपील की है कि किसी भी योजना में धन लगाने से पहले संबंधित संस्था की वैधता, पंजीकरण और निवेश प्रस्तावों का स्वतंत्र सत्यापन अवश्य करें तथा असामान्य रूप से अधिक रिटर्न का दावा करने वाली योजनाओं से सतर्क रहें।

हमसे जुड़ें

Share This Article