बीरभूम में पूर्व बस चालक के घर छापेमारी के दौरान करीब ₹29 करोड़ नकद और 15 किलो सोना बरामद किया गया है।

₹29 करोड़ नकद और 15 किलो सोना बरामद: पश्चिम बंगाल में पूर्व बस चालक के घर छापेमारी से खुला कथित अवैध सिंडिकेट का राज

Team The420
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बीरभूम (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पूर्व बस चालक के घर से करीब ₹29 करोड़ नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद किया है। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती धातु मिलने के बाद पुलिस और जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह संपत्ति कहां से आई और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क सक्रिय था। प्रारंभिक जांच में पुलिस को कथित रूप से एक अवैध सिंडिकेट से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई बीरभूम जिले के मोहम्मद बाजार क्षेत्र के देउचा इलाके में स्थित मिनार मंडल के घर पर की गई। मंगलवार देर रात शुरू हुई तलाशी बुधवार शाम तक जारी रही। अधिकारियों को बरामद नकदी की गिनती पूरी करने में 18 घंटे से अधिक समय लगा। बड़ी मात्रा में नोटों को गिनने के लिए पुलिस ने पांच कैश-काउंटिंग मशीनों का इस्तेमाल किया।

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जांच अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी के दौरान घर से करीब ₹28.5 करोड़ नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद हुआ। नकदी को 35 नायलॉन बैगों में रखा गया था। कई जगहों पर नोटों के बंडल दीवारों के किनारे और कमरों में रखे मिले। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद पुलिस ने पूरे मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता और संभावित अवैध गतिविधियों से जोड़कर जांच शुरू की है।

पुलिस ने कार्रवाई के बाद मिनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि बरामद नकदी और सोना उसके रिश्तेदार तुलु मंडल से संबंधित हैं। तुलु मंडल बीरभूम के एक पत्थर कारोबारी बताए जा रहे हैं और उनका नाम पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता अनुब्रत मंडल के करीबी सहयोगियों में लिया जाता रहा है।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बरामद संपत्ति किस माध्यम से जुटाई गई थी। पुलिस वित्तीय लेनदेन, संपत्ति के दस्तावेज, बैंक खातों और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों को संदेह है कि मिनार मंडल का घर कथित अवैध गतिविधियों के संचालन या धन रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

इस मामले में राजनीतिक कनेक्शन की जांच भी तेज कर दी गई है। तुलु मंडल को पहले अनुब्रत मंडल का करीबी माना जाता था। अनुब्रत मंडल लंबे समय तक बीरभूम में तृणमूल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रहे हैं और राज्य की राजनीति में प्रभावशाली चेहरों में शामिल रहे हैं। हालांकि, बरामद संपत्ति और कथित सिंडिकेट से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद नकदी और सोने के वास्तविक मालिक, इसके स्रोत और इसके इस्तेमाल की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस नेटवर्क का संबंध अवैध कारोबार, वित्तीय हेराफेरी या किसी अन्य संगठित गतिविधि से है।

राज्य सरकार की ओर से भी इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार और अवैध नेटवर्क के खिलाफ सख्त कदम बताया गया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पुलिस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सार्वजनिक धन की लूट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

फिलहाल पुलिस ने बरामद सामग्री को जब्त कर लिया है और आगे की जांच जारी है। जांच एजेंसियां अब आरोपी के संपर्कों, वित्तीय रिकॉर्ड और कथित सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान अगर और लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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