शेयर बाजार में भारी मुनाफे का झांसा देकर फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर कराया निवेश; ₹42 लाख ट्रांसफर कराने के बाद निकासी के लिए मांगी गई अतिरिक्त रकम

फर्जी शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से सराफ कारोबारी से ₹42 लाख की साइबर ठगी, महाराष्ट्र पुलिस ने शुरू की जांच

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By Roopa
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नई दिल्ली: महाराष्ट्र के सतारा जिले के फलटण में एक सराफ कारोबारी से फर्जी ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए ₹42 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, साइबर ठगों ने फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताया और शेयर ट्रेडिंग तथा एआईएफ (ऑल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड) में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया। आरोप है कि शुरुआत में फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर लगातार बढ़ता हुआ लाभ दिखाकर पीड़ित का विश्वास जीता गया और फिर बैंक ट्रांसफर तथा यूपीआई के जरिए उससे ₹42 लाख अलग-अलग किश्तों में जमा करा लिए गए। जब पीड़ित ने अपनी निवेश की गई राशि और मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने विभिन्न शुल्क और मार्जिन के नाम पर अतिरिक्त रकम की मांग शुरू कर दी और बाद में संपर्क पूरी तरह समाप्त कर दिया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता अर्थ मनीष गाधी (25), जो फलटण के निवासी और सराफ कारोबारी हैं, से अज्ञात व्यक्तियों ने संपर्क कर दावा किया कि वे शेयर बाजार में निवेश और हाई-रिटर्न ट्रेडिंग के विशेषज्ञ हैं। आरोपियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेश करने पर कम समय में असाधारण लाभ कमाया जा सकता है।

जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने निवेश संबंधी जानकारी साझा कर और आकर्षक रिटर्न का भरोसा देकर धीरे-धीरे पीड़ित का विश्वास हासिल किया। उन्होंने दावा किया कि उनके प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ट्रेडिंग और एआईएफ निवेश के अवसर सामान्य वित्तीय संस्थानों से कहीं अधिक लाभदायक हैं, जिससे शिकायतकर्ता लगातार अधिक धन निवेश करने के लिए प्रेरित होता गया।

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शिकायत के मुताबिक, पीड़ित ने आरोपियों के निर्देश पर विभिन्न बैंक खातों और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में बैंक ट्रांसफर तथा यूपीआई के माध्यम से कई किश्तों में कुल ₹42 लाख जमा किए। पुलिस का कहना है कि इस दौरान फर्जी ऑनलाइन डैशबोर्ड पर लगातार बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया जाता रहा, जिससे शिकायतकर्ता को विश्वास हो गया कि उसका निवेश सफलतापूर्वक बढ़ रहा है।

हालांकि, जब पीड़ित ने अपनी निवेश की गई राशि और कथित लाभ निकालने की कोशिश की तो स्थिति बदल गई। आरोप है कि आरोपियों ने भुगतान जारी करने के बजाय ट्रेडिंग पोजिशन रिलीज करने, मार्जिन जमा करने और अन्य औपचारिकताओं का हवाला देकर अतिरिक्त धनराशि जमा करने की मांग शुरू कर दी। हर बार निकासी का अनुरोध करने पर कोई नया बहाना बनाकर भुगतान टाल दिया गया।

लगातार प्रयासों के बावजूद जब रकम वापस नहीं मिली तो पीड़ित को अपने साथ धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ। इसके बाद आरोपियों ने फोन कॉल और व्हाट्सएप संदेशों का जवाब देना भी बंद कर दिया, जिससे निवेश की गई राशि और दिखाए गए मुनाफे की वसूली संभव नहीं हो सकी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने फलटण शहर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

पुलिस अब बैंक खातों, यूपीआई लेनदेन, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि जिन खातों में रकम भेजी गई, वे वास्तविक खाताधारकों के थे या संगठित साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल खातों का हिस्सा थे। जांच एजेंसियां पूरे वित्तीय नेटवर्क और संभावित अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाल रही हैं।

साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाली साइबर ठगी लगातार अधिक संगठित और तकनीकी रूप से उन्नत होती जा रही है। अपराधी वैध निवेश कंपनियों जैसी दिखने वाली वेबसाइट और मोबाइल ऐप बनाकर निवेशकों का भरोसा जीतते हैं तथा शुरुआती दौर में नकली मुनाफा दिखाकर अधिक निवेश के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि किसी भी प्लेटफॉर्म पर निवेश से पहले उसकी वैधता और नियामकीय पंजीकरण की स्वतंत्र रूप से जांच करें, केवल सोशल मीडिया या अनजान लोगों की सलाह पर पैसा निवेश न करें और साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का संदेह होते ही तुरंत बैंक तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सूचना दें, ताकि धनराशि को ट्रेस करने और नुकसान कम करने की संभावना बढ़ाई जा सके।

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और तकनीकी एवं वित्तीय साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से ऑनलाइन निवेश योजनाओं में असामान्य या सुनिश्चित मुनाफे के दावों से सावधान रहने और किसी भी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले उसकी प्रामाणिकता की पूरी तरह जांच करने की अपील की है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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