नकली और कम शुद्धता वाले सोने को असली बताकर पास किए गए 30 गोल्ड लोन; आंतरिक जांच में खुलासा, शाखा प्रबंधक और स्वर्ण मूल्यांकनकर्ता की भूमिका पर सवाल

मुथूत फिनकॉर्प में ₹1.99 करोड़ का गोल्ड लोन घोटाला, शाखा प्रबंधक समेत 18 पर धोखाधड़ी का केस

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By Roopa
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कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में मुथूत फिनकॉर्प लिमिटेड की काकादेव शाखा में गोल्ड लोन के नाम पर कथित बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। कंपनी की शिकायत पर शाखा प्रबंधक समेत 18 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि नकली और बेहद कम शुद्धता वाले सोने के आभूषणों को असली बताकर करीब ₹1.99 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन स्वीकृत किया गया, जिससे कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

कंपनी के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक अमित कुमार सिंह ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर काकादेव थाना पुलिस ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक प्रदीप शुक्ला, स्वर्ण मूल्यांकनकर्ता निखिल कुमार बाजपेयी समेत 18 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।

कंपनी की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अप्रैल से जून 2026 के बीच काकादेव शाखा में कई ऐसे गोल्ड लोन स्वीकृत किए गए, जिनमें गिरवी रखे गए आभूषणों की गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। आरोप है कि ग्राहकों के साथ मिलीभगत कर कम गुणवत्ता वाले या नकली आभूषणों को अधिक शुद्धता वाला सोना बताकर लोन प्रक्रिया पूरी की गई।

आंतरिक जांच के दौरान कंपनी ने जब गिरवी रखे गए आभूषणों की दोबारा जांच कराई तो अधिकांश आभूषणों की शुद्धता केवल 8 से 15 प्रतिशत के बीच पाई गई। इसके बावजूद इन आभूषणों के आधार पर 30 गोल्ड लोन स्वीकृत किए गए। कंपनी के अनुसार, इस प्रक्रिया से उसे करीब ₹1.99 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ।

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जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि शाखा प्रबंधक प्रदीप शुक्ला और स्वर्ण मूल्यांकनकर्ता निखिल कुमार बाजपेयी ने आभूषणों की वास्तविक गुणवत्ता की जानकारी होने के बावजूद गलत मूल्यांकन किया। कंपनी का दावा है कि नियमों को दरकिनार कर लोन स्वीकृत किए गए और इस पूरी प्रक्रिया में कई ग्राहकों की भी भूमिका संदिग्ध पाई गई है।

मामले का खुलासा होने के बाद कंपनी ने संबंधित ग्राहकों से संपर्क कर गिरवी रखे गए सोने को वापस लेने और लोन की रकम जमा करने के लिए कहा। हालांकि, आरोप है कि कई ग्राहकों और संबंधित लोगों ने राशि वापस नहीं की। इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई का फैसला लिया।

शिकायत मिलने के बाद काकादेव थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित फर्जीवाड़े में कितने लोग सीधे तौर पर शामिल थे और क्या इससे पहले भी इसी तरह के गोल्ड लोन स्वीकृत किए गए थे।

जांच एजेंसियां शाखा के दस्तावेज, गोल्ड मूल्यांकन रिपोर्ट, लोन स्वीकृति प्रक्रिया और संबंधित खातों की जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने किसी संगठित तरीके से कंपनी को नुकसान पहुंचाया या यह केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित मामला है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में आरोपियों की भूमिका, वित्तीय लेनदेन और संभावित अन्य मामलों की भी पड़ताल की जा रही है।

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