कल्याण (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के कल्याण में कथित निवेश धोखाधड़ी के एक मामले में पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि दोनों ने 16 निवेशकों को 5% से 10% मासिक रिटर्न का लालच देकर लगभग ₹2.42 करोड़ का निवेश कराया और बाद में भुगतान बंद कर कार्यालय बंद कर दिया। मामले की जांच महात्मा फुले पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी रोहित सुरवाडे और प्रतीक गायकवाड़ ने कथित तौर पर द स्टॉकटन कंसल्टेंसी (The Stockton Consultancy) के नाम से कल्याण पश्चिम के चिकनघर क्षेत्र में एक निवेश परामर्श कार्यालय संचालित किया था। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा महाराष्ट्र निवेशकों के हितों का संरक्षण अधिनियम (MPID Act) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच जारी है।
शिकायत कल्याण पश्चिम स्थित भानुसागर सिनेमा के पास चाय की दुकान चलाने वाले लक्ष्मण निकुंज सोजित्रा ने दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, दोनों आरोपी नियमित रूप से उनकी दुकान पर आते थे और धीरे-धीरे उनका विश्वास जीतते हुए एक निवेश योजना की जानकारी देते थे। आरोप है कि उन्होंने निवेश पर हर महीने 5% से 10% ब्याज देने का दावा किया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपियों की बातों पर विश्वास कर उन्होंने मार्च 2022 से जून 2026 के बीच आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में ₹15.50 लाख जमा किए। आरोप है कि शुरुआत में लगभग दस महीने तक नियमित रूप से ब्याज का भुगतान किया गया, जिससे उनका विश्वास और मजबूत हुआ। इसके बाद कथित तौर पर भुगतान बंद कर दिया गया और बाद में कंसल्टेंसी का कार्यालय भी बंद मिला।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि शुरुआती भुगतान मिलने के कारण शिकायतकर्ता ने अनजाने में अपनी चाय की दुकान पर आने वाले अन्य ग्राहकों को भी इस निवेश योजना की जानकारी दी। इसके बाद कई लोगों ने भी आकर्षक मासिक रिटर्न के भरोसे बड़ी रकम निवेश कर दी।
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पुलिस के अनुसार, अब तक 16 निवेशकों ने शिकायत दर्ज कराई है और सभी ने मिलकर लगभग ₹2.42 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं में ऐसे निवेशक भी शामिल हैं जिन्होंने ₹1 लाख से लेकर ₹74.65 लाख तक की राशि निवेश करने का दावा किया है। बड़े निवेशों में ₹74.65 लाख, ₹25 लाख, ₹15 लाख, ₹13 लाख, ₹12 लाख, ₹10.77 लाख और ₹10 लाख जैसी रकम भी शामिल हैं।
जांच अधिकारी बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन, निवेश से जुड़े दस्तावेजों और धन के प्रवाह की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि निवेशकों से प्राप्त धनराशि का उपयोग किस प्रकार किया गया। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कथित धोखाधड़ी में अन्य सहयोगियों, शेल संस्थाओं या अतिरिक्त वित्तीय माध्यमों का इस्तेमाल किया गया था या नहीं।
पुलिस यह भी सत्यापित कर रही है कि क्या इसी प्रकार की शिकायतें अन्य निवेशकों से भी प्राप्त हुई हैं और क्या यह कथित निवेश धोखाधड़ी कल्याण से बाहर अन्य क्षेत्रों तक फैली हुई है। जांच के तहत डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग रिकॉर्ड और आरोपियों तथा निवेशकों के बीच हुए संचार का भी विश्लेषण किया जा रहा है।
वित्तीय अपराध विशेषज्ञों ने निवेशकों को ऐसे निवेश प्रस्तावों से सावधान रहने की सलाह दी है जो असामान्य या गारंटीड मासिक रिटर्न का दावा करते हैं। उनका कहना है कि किसी भी निवेश से पहले संबंधित संस्था का पंजीकरण, नियामकीय स्थिति और दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करना चाहिए तथा बिना उचित जांच के किसी भी खाते में धनराशि हस्तांतरित नहीं करनी चाहिए।
पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
