नई दिल्ली/वॉशिंगटन। दुनिया भर में फैले संगठित साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक में अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी (FBI) और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर 276 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उन “स्कैम कंपाउंड्स” के खिलाफ की गई है जो अमेरिका समेत कई देशों के नागरिकों को क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर करोड़ों डॉलर की ठगी में फंसा रहे थे।
यह संयुक्त अभियान संयुक्त अरब अमीरात (UAE), थाईलैंड और चीन की सार्वजनिक सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से चलाया गया। कार्रवाई के दौरान कम से कम 9 बड़े साइबर ठगी केंद्रों को ध्वस्त किया गया, जहां से संगठित तरीके से फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म चलाए जा रहे थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क “पिग-बचिंग स्कैम” नामक तरीके से काम कर रहा था, जिसमें पहले पीड़ितों से ऑनलाइन दोस्ती या भावनात्मक संबंध बनाए जाते थे और फिर उन्हें झूठे क्रिप्टो निवेश में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया जाता था। धीरे-धीरे विश्वास जीतने के बाद पीड़ितों से बड़े पैमाने पर निवेश करवाया जाता था, जिसके बाद पूरा पैसा गायब कर दिया जाता था।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कई देशों के नागरिक शामिल हैं, जिन पर फेडरल वायर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें कुछ प्रमुख नाम Thet Min Nyi, Wiliang Awang, Andreas Chandra और Lisa Mariam शामिल हैं, जिन्हें विभिन्न देशों में गिरफ्तार किया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क अलग-अलग कंपनियों के नाम पर काम कर रहा था, जैसे Ko Thet Company, Sanduo Group और Giant Company। इन फर्जी संस्थानों के जरिए निवेशकों को आकर्षित किया जाता था और फिर उन्हें नकली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर पैसे लगाने के लिए मजबूर किया जाता था।
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FBI अधिकारियों ने बताया कि अब तक इस तरह की ठगी में हजारों पीड़ित सामने आ चुके हैं और कुल नुकसान करोड़ों डॉलर में पहुंच चुका है। कई मामलों में पीड़ितों को मानसिक दबाव में लाकर परिवार और दोस्तों से कर्ज लेने तक के लिए प्रेरित किया गया।
एक वरिष्ठ साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और पूर्व IPS अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने इस तरह के मामलों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “आज के समय में साइबर ठग भावनात्मक हेरफेर और डिजिटल विश्वास का इस्तेमाल सबसे बड़े हथियार के रूप में कर रहे हैं। ये गिरोह केवल तकनीक नहीं, बल्कि मानव मनोविज्ञान का भी गहरा उपयोग करते हैं, जिससे आम लोग आसानी से फंस जाते हैं।”
इस कार्रवाई में मेटा (Facebook और Instagram की मूल कंपनी) की भूमिका भी अहम रही। जांच एजेंसियों ने बताया कि मेटा द्वारा साझा की गई तकनीकी जानकारी और डिजिटल ट्रैकिंग डेटा ने इस पूरे नेटवर्क को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अधिकारियों के अनुसार, ये स्कैम कंपाउंड्स मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया और खाड़ी देशों में सक्रिय थे, जहां से वे वैश्विक स्तर पर पीड़ितों को निशाना बना रहे थे। हर कंपाउंड में दर्जनों लोग काम करते थे, जिन्हें अलग-अलग भाषाओं में प्रशिक्षण दिया जाता था ताकि वे विभिन्न देशों के निवेशकों को फंसा सकें।
FBI ने बताया कि एक विशेष अभियान “Operation Level Up” के तहत लगभग 9,000 पीड़ितों की पहचान की गई और उन्हें समय रहते चेतावनी देकर लगभग 562 मिलियन डॉलर के संभावित नुकसान को रोका गया।
अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान साइबर अपराध के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग का एक मजबूत उदाहरण है, लेकिन साथ ही यह भी दिखाता है कि डिजिटल ठगी के नए तरीके कितनी तेजी से फैल रहे हैं।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन, क्रिप्टो वॉलेट और मनी लॉन्ड्रिंग चैनलों की गहन जांच कर रही हैं। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड रैकेट से जुड़े और भी बड़े खुलासे सामने आएंगे।
