पणजी: गोवा में साइबर धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में साइबर पुलिस ने केरल के मुहम्मद रसिक अलावी पुलिक्कल (वय 21) को गिरफ्तार किया। आरोपी पर 90,85,000 रुपये की डिजिटल अरेस्ट के माध्यम से ठगी का मामला है। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराएँ 318(4), 319(2) और आईटी एक्ट की धारा 66-D के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 23 फरवरी 2026 से पहले आरोपी ने शिकायतकर्ता से व्हॉट्सऐप के माध्यम से संपर्क किया और खुद को ट्राय (भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण) और केंद्रीय अन्वेषण विभाग (CBI), मुंबई का अधिकारी बताया। उसने शिकायतकर्ता को धमकाया कि वह एक उच्च‑स्तरीय मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शामिल है और कमीशन के रूप में पैसे देने होंगे। इसके बाद आरोपी ने “डिजिटल अरेस्ट” की धमकी दी और कथित मामले को सुलझाने के लिए 90,85,000 रुपये ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया।
शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी का पता लगाया। जांच में सामने आया कि आरोपी उस समय केरल में था।
पुलिस कार्रवाई और जांच
साइबर पुलिस की टीम, जिनके नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक नवीन नाईक, कांस्टेबल यश कोले और सिहारमय्या माथ थे, आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए केरल गई। इस कार्रवाई में सहायक पुलिस अधीक्षक बी. वी. श्रीदेवी की देखरेख रही और साइबर अपराध शाखा के पुलिस अधीक्षक राजू राऊत‑देसाई ने मार्गदर्शन प्रदान किया। आगे की जांच पुलिस निरीक्षक दीपक पेडणेकर के माध्यम से जारी है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई, जिससे पीड़ित को त्वरित राहत मिल सके और ठगी में शामिल राशि का पता लगाया जा सके।
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साइबर धोखाधड़ी पर बढ़ती चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के डिजिटल धोखाधड़ी मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अपराधी अक्सर सरकारी या केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी बनकर लोगों को डराते और बड़ी रकम की ठगी करते हैं। यह मामला स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि साइबर जागरूकता और तेज़ पुलिस प्रतिक्रिया कितनी महत्वपूर्ण है।
गोवा पुलिस ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल आरोपी को कानून के कटघरे में लाया जाता है, बल्कि आम नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी के प्रति सतर्क भी किया जाता है।
R4C और अन्य तकनीकी संसाधनों के सहयोग से साइबर अपराध से निपटना अब और अधिक प्रभावी हो रहा है। डिजिटल लेनदेन की तेज़ ट्रेसिंग और जांच से पीड़ितों को जल्दी राहत मिलती है।
