विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी वीजा-पासपोर्ट और कूटरचित टिकटों के जाल में फंसे 12 युवा, पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी

सऊदी नौकरी का सपना बना धोखा, जहांगीरगंज के युवाओं से लाखों की ठगी

Roopa
By Roopa
5 Min Read

अंबेडकरनगर: विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर आजमगढ़ और जौनपुर के पांच आरोपियों ने जहांगीरगंज क्षेत्र के 12 युवाओं को निशाना बनाकर कुल 11,75,553 रुपये हड़प लिए। मामला तब उजागर हुआ जब पीड़ितों को फर्जी वीजा, पासपोर्ट और कूटरचित टिकट मिलने के बाद ठगी का अहसास हुआ। पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जहांगीरगंज के नवागांव निवासी मो. कामिल ने बताया कि जनवरी 2025 में उनकी मुलाकात बावली चौराहा पर आजमगढ़ के आरिफ (अंबारा पिपरी), मो. अली (बिलरियागंज), सुरेंद्र (अंबारी) और जौनपुर के इरशाद (ताखा पश्चिम, शाहगंज) से हुई थी। आरोपियों ने सऊदी अरब में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। शुरुआती भरोसे में मो. कामिल और उनके साथियों ने आरोपियों के विश्वास में आकर वीजा और पासपोर्ट के लिए पैसे जमा कर दिए।

इस घोटाले में मो. कामिल के अलावा मो. शमशाद, अब्दुल बासित, रजाऊल मुस्तफा (महरुआ), मो. अहफाज (सिकंदराबाद, टांडा), शरीफ, अतीकुंजमा, मो. सैफ (छज्जापुर), शमीम, अरसद अहमद, नूर मोहम्मद और मो. जाहिद (भगतपुर, बिलरियागंज, आजमगढ़) शामिल थे। सभी पीड़ितों ने अलग-अलग माध्यमों जैसे बैंक ट्रांजैक्शन, गूगल पे और नकद भुगतान से कुल 11,75,553 रुपये आरोपियों को सौंपे।

पीड़ितों के अनुसार, आरोपियों ने शुरुआत में सभी को फर्जी वीजा और पासपोर्ट थमाए और मुंबई बुलाकर कूटरचित टिकट दिए। दस्तावेजों की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने पर युवाओं को ठगी का एहसास हुआ। जब पीड़ित रुपये वापस मांगने लगे, तो आरोपी टालमटोल करते रहे। पहले पीड़ितों ने स्थानीय थाने में शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

इसके बाद नौ फरवरी को मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई। जांच के निर्देश मिलने के बाद 24 मार्च को आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जल्द ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।

FutureCrime Summit 2026 Calls for Speakers From Government, Industry and Academia

विशेष रूप से, साइबर और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में युवाओं को सावधान रहने की सलाह दी जा रही है। renowned cyber crime expert और पूर्व IPS प्रोफेसर Prof. Triveni Singh के अनुसार, “विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करना अक्सर सोशल इंजीनियरिंग और फर्जी दस्तावेज़ों के माध्यम से होता है। युवाओं को किसी भी प्रस्ताव को गंभीरता से जांचना चाहिए और बिना विश्वसनीय स्रोत के पैसे नहीं भेजने चाहिए।”

यह घटना अंबेडकरनगर और आसपास के जिलों में बढ़ती विदेश नौकरी ठगी की घटनाओं की एक नई कड़ी है। पिछले कुछ वर्षों में सऊदी अरब, रूस, कनाडा और अन्य देशों में नौकरी का झांसा देकर युवाओं से करोड़ों रुपये ठगे जा चुके हैं। इस प्रकार के मामले अक्सर फर्जी जॉइनिंग लेटर, नकली पासपोर्ट और ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से अंजाम दिए जाते हैं।

इस ठगी के खेल में अक्सर गांव और छोटे शहरों के युवा फंसते हैं। जालसाज सोशल मीडिया, वाट्सऐप ग्रुप और व्यक्तिगत संपर्क के जरिए भरोसा जीतते हैं। फिर वीजा फीस, टिकट और अन्य शुल्क का झांसा देकर पैसा वसूल करते हैं। पीड़ितों की शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने कई महीनों तक रुपये लेने के बाद दस्तावेज दिखाकर युवाओं को भ्रमित किया।

पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के दौरान आरोपियों के ठिकानों और डिजिटल ट्रांजैक्शन को ट्रेस किया जाएगा। स्थानीय अधिकारियों ने युवाओं को चेतावनी दी है कि कोई भी विदेश नौकरी का प्रस्ताव मिलने पर तुरंत जांच कर लें और संदिग्ध मामलों में पुलिस से संपर्क करें।

यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि विदेश नौकरी का लालच और जल्दबाजी में पैसा भेजना युवाओं के लिए कितना जोखिम भरा हो सकता है। अब पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ितों के पैसे की रिकवरी के लिए सक्रिय कार्रवाई कर रही है।

हमसे जुड़ें

Share This Article