क्यूटेक्स नामक ट्रेडिंग-गेमिंग ऐप के जरिए परिवार से करोड़ों रुपये ठगे

ट्रेडिंग ऐप से ‘पैसा डबल’ का झांसा, ₹1.5 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा; दो आरोपी गिरफ्तार

Team The420
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ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को ‘पैसा डबल’ करने का लालच देकर की जा रही साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। करीब ₹1.5 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए पीड़ित और उसके परिवार से बड़ी रकम ऐंठ ली गई।

मामला सामने आने के बाद दर्ज शिकायत के आधार पर की गई कार्रवाई में दोनों आरोपियों को रानी की सराय थाना क्षेत्र के सेमरहा अंडरपास के पास से पकड़ा गया। उनके पास से दो मोबाइल फोन, ₹5,000 नकद और एक कार बरामद की गई है।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सोशल मीडिया ग्रुपों के माध्यम से लोगों को जोड़कर एक फर्जी ट्रेडिंग और गेमिंग एप के जरिए निवेश कराने की योजना तैयार की थी।

सोशल मीडिया के जरिए जाल में फंसाया

पीड़ित अब्दुल्ला, जो सिधारी थाना क्षेत्र की असद कॉलोनी के निवासी हैं, ने शिकायत में बताया कि मो. हारिस, नाज खान, मो. नदीम, मो. फाजिल और अशरफ समेत कई लोगों ने उन्हें ट्रेडिंग में निवेश करने का प्रस्ताव दिया था।

आरोपियों ने दावा किया कि ‘क्यूटेक्स’ नामक ट्रेडिंग-गेमिंग एप के माध्यम से कम समय में निवेश की रकम दोगुनी की जा सकती है। भरोसा दिलाने के लिए पीड़ित के मोबाइल नंबर को विभिन्न सोशल मीडिया ग्रुपों में जोड़ दिया गया, जहां नियमित रूप से मुनाफे और सफल ट्रेडिंग के स्क्रीनशॉट साझा किए जाते थे।

शुरुआत में पीड़ित को छोटी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया और बाद में बड़े मुनाफे का झांसा देकर अधिक राशि लगाने के लिए कहा गया। इसी दौरान लिंक के माध्यम से पीड़ित और उसके परिवार के सदस्यों से कई बार में पैसे ट्रांसफर कराए गए।

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परिवार से भी कराई गई निवेश की रकम

शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने धीरे-धीरे पीड़ित को इस तरह विश्वास में ले लिया कि उसने अपने परिवार के अन्य सदस्यों को भी निवेश के लिए प्रेरित कर दिया।

इस तरह अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए करीब ₹1.5 करोड़ की रकम आरोपियों के बताए खातों और डिजिटल माध्यमों में ट्रांसफर कर दी गई। कुछ समय तक मुनाफे का झांसा देकर प्लेटफॉर्म पर नकली आंकड़े दिखाए जाते रहे, लेकिन बाद में पैसा निकालने की कोशिश करने पर बहाने बनाए जाने लगे।

जब पीड़ित को ठगी का शक हुआ, तब उसने पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

जांच के बाद दो आरोपी पकड़े गए

शिकायत दर्ज होने के बाद साइबर अपराध की जांच शुरू की गई। डिजिटल लेनदेन और मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।

कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों मो. हारिस और अबू फाजिल को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके कब्जे से मोबाइल फोन, नकदी और एक कार बरामद हुई है। जांच में इन मोबाइल फोन और डिजिटल खातों के जरिए किए गए लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भी इस साइबर ठगी में शामिल हो सकते हैं। मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

ट्रेडिंग स्कैम से सतर्क रहने की सलाह

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के वर्षों में फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और निवेश ऐप के जरिए ठगी के मामलों में तेजी आई है। अपराधी सोशल मीडिया, मैसेजिंग ग्रुप और ऑनलाइन विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को तेज मुनाफे का लालच देकर जाल में फंसाते हैं।

Center for Police Technology की साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ शिखा सिंह का कहना है कि इस तरह के मामलों में अपराधी अक्सर सोशल इंजीनियरिंग तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। वे पहले भरोसा बनाते हैं, फिर धीरे-धीरे बड़ी रकम निवेश कराने के लिए दबाव बनाते हैं।

उन्होंने लोगों को सलाह दी कि किसी भी अनजान ट्रेडिंग लिंक, ऐप या निवेश योजना पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच करें और लालच में आकर पैसे ट्रांसफर न करें।

यह मामला एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निवेश करते समय सतर्कता और सत्यापन बेहद जरूरी है, क्योंकि थोड़ी-सी लापरवाही भारी आर्थिक नुकसान में बदल सकती है।

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