क्यूटेक्स नामक ट्रेडिंग-गेमिंग ऐप के जरिए परिवार से करोड़ों रुपये ठगे

गोवा में ऑनलाइन ठगी के तीन बड़े मामले: बैंक सपोर्ट, मैट्रिमोनी और निवेश स्कैम में लोगों से ₹43 लाख से अधिक की ठगी

Team The420
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गोवा में साइबर अपराध के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हाल ही में सामने आए तीन अलग-अलग मामलों में साइबर ठगों ने लोगों को अलग-अलग तरीकों से निशाना बनाकर ₹43 लाख से अधिक की ठगी कर ली। इन मामलों में बैंक कस्टमर केयर के नाम पर धोखाधड़ी, मैट्रिमोनियल स्कैम और ऑनलाइन निवेश ठगी शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार तीनों मामलों की शिकायत रिबंदर स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है और मामले की जांच जारी है।

बैंक कस्टमर केयर बनकर 70 वर्षीय महिला से ₹30 लाख की ठगी

पहले मामले में तिसवाड़ी के करंबोलिम की 70 वर्षीय महिला को बैंक कस्टमर केयर के नाम पर ठगी का शिकार बनाया गया। महिला ने अपने Google Pay ऐप और डेबिट कार्ड से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए इंटरनेट पर बैंक सपोर्ट नंबर खोजा था।

इसी दौरान एक व्यक्ति ने खुद को राष्ट्रीयकृत बैंक का कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताते हुए महिला से संपर्क किया। आरोपी ने महिला को मोबाइल से एक विशेष ‘PORT’ संदेश भेजने के लिए कहा, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन और उससे जुड़े बैंकिंग विवरण हैक हो गए।

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने मोबाइल नंबर और उससे जुड़े बैंकिंग क्रेडेंशियल्स का दुरुपयोग कर 13 फरवरी से 27 फरवरी के बीच महिला के बैंक खातों से ₹30,98,342 विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए।

शिकायत मिलने के बाद 6 मार्च को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मैट्रिमोनियल स्कैम में महिला से ₹6.88 लाख की ठगी

दूसरे मामले में पणजी की 37 वर्षीय कामकाजी महिला को ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए निशाना बनाया गया। आरोपी ने ‘Nikah Forever’ नामक मैट्रिमोनी ऐप पर खुद को स्वीडन का नागरिक बताकर महिला से संपर्क किया और विवाह प्रस्ताव के बहाने उसका विश्वास जीत लिया।

इसके बाद आरोपी ने व्हाट्सऐप पर बातचीत जारी रखी और दावा किया कि वह 14 फरवरी 2026 को वेलेंटाइन डे के दिन गोवा आने वाला है। उसने फ्लाइट बुकिंग से जुड़े दस्तावेज भी साझा किए।

कुछ समय बाद आरोपी ने महिला को यह कहकर पैसे भेजने के लिए कहा कि वह ₹30 लाख के आभूषण लेकर आ रहा था और कस्टम विभाग ने उसे रोक लिया है। इसके बाद उसने कस्टम पेनल्टी, कानूनी फीस, पासपोर्ट ब्लैकलिस्टिंग रोकने और होटल व फ्लाइट खर्च जैसे कई बहानों से पैसे मांगे।

महिला ने उसकी बातों पर विश्वास कर 10 फरवरी से 16 फरवरी के बीच कुल ₹6,88,000 विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए।

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निवेश स्कैम में व्यक्ति से ₹5.62 लाख की ठगी

तीसरे मामले में दक्षिण गोवा के मोरमुगाओ में रहने वाले एक व्यक्ति, जो मूल रूप से आंध्र प्रदेश के निवासी हैं, को ऑनलाइन निवेश स्कैम में ठगा गया।

पुलिस के अनुसार अज्ञात आरोपियों ने व्हाट्सऐप पर संपर्क कर खुद को ‘Ashmore India LLP’ के प्रतिनिधि बताया और ‘Ashmore VIP Group D201’ तथा ‘Ashmore Group D102’ नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए निवेश का प्रस्ताव दिया।

आरोपियों ने पीड़ित को IPO में रियायती कीमत पर निवेश और अधिक आवंटन का लालच दिया और उन्हें ashmore-vip.com नामक वेबसाइट के जरिए निवेश करने के लिए प्रेरित किया।

लाभ के झांसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग चरणों में ₹5,62,998 ट्रांसफर कर दिए, जिसके बाद उसे ठगी का एहसास हुआ।

साइबर अपराध विशेषज्ञ की चेतावनी

प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ और पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह का कहना है कि हाल के वर्षों में साइबर ठग लोगों को फर्जी कस्टमर केयर, ऑनलाइन रिश्तों और निवेश योजनाओं के जरिए निशाना बना रहे हैं।

उनके अनुसार कई बार लोग इंटरनेट पर बैंक हेल्पलाइन या तकनीकी सहायता खोजते हैं और अनजाने में फर्जी नंबरों पर संपर्क कर लेते हैं, जिससे ठगों को बैंकिंग जानकारी तक पहुंच मिल जाती है।

उन्होंने सलाह दी कि बैंक या डिजिटल भुगतान सेवाओं से संबंधित किसी भी समस्या के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या सत्यापित हेल्पलाइन नंबर का ही उपयोग किया जाना चाहिए।

पुलिस की अपील

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अज्ञात कॉल, ऑनलाइन निवेश प्रस्ताव या मैट्रिमोनियल प्रोफाइल पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि या ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

अधिकारियों का कहना है कि समय पर शिकायत करने से कई मामलों में धोखाधड़ी की रकम को फ्रीज कर वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।

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