आगरा | 6 जनवरी 2026 — जनपद के सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों (SRO) पर स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शंस (SFT) की रिपोर्टिंग में गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। तय समयसीमा के भीतर जानकारी साझा न किए जाने के कारण आयकर विभाग के रडार पर करीब ₹5,000 करोड़ के लगभग 12 हजार बैनामे आ गए हैं। विभागीय आकलन के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024–25 के दौरान हुए बड़े संपत्ति सौदों का ब्योरा अब तक आयकर निदेशालय (आसूचना एवं आपराधिक अन्वेषण) को नहीं भेजा गया।
31 मई की डेडलाइन के बाद भी नहीं पहुंची जानकारी
नियमों के मुताबिक, जिन संपत्ति सौदों में मूल्य ₹30 लाख या उससे अधिक है, उनकी रिपोर्टिंग एसएफटी के तहत अनिवार्य है। संबंधित सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को यह विवरण निर्धारित प्रारूप में 31 मई 2025 तक जमा करना था।
हालांकि, अब तक यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। अधिकारियों के अनुसार, जिले में हर साल 10 से 12 हजार ऐसे बैनामे होते हैं, जिनमें बड़ी रकम का लेनदेन शामिल रहता है। अनुमान है कि कम से कम ₹5,000 करोड़ के सौदों की सूचना अभी विभाग तक नहीं पहुंची।
एसएफटी: कर चोरी पकड़ने का अहम इंटेलिजेंस टूल
कर विशेषज्ञों का कहना है कि एसएफटी केवल औपचारिक रिपोर्टिंग नहीं, बल्कि आयकर विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण इंटेलिजेंस मैकेनिज़्म है।
आयकर विशेषज्ञ दीपेंद्र मोहन के अनुसार:
“आयकर विभाग एसएफटी को लेकर बेहद सख्त है। देरी या अधूरी जानकारी पर संबंधित विभागों और संस्थानों पर पेनल्टी भी लगाई जा सकती है।”
बैनामों पर टीडीएस और निगरानी के नियम
आयकर अधिनियम के तहत—
- ₹50 लाख या उससे अधिक के बैनामे में खरीदार को 1% टीडीएस काटना अनिवार्य है।
- विशेषज्ञों के मुताबिक, ₹10 लाख या उससे अधिक के संपत्ति सौदों पर भी निगरानी शुरू हो जाती है।
- पैन कार्ड न होने की स्थिति में फॉर्म-60 भरना जरूरी है, अन्यथा भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
Final Call: FCRF Opens Last Registration Window for GRC and DPO Certifications
कौन-कौन से लेनदेन एसएफटी के दायरे में आते हैं
बैंक लेनदेन
- एक वित्तीय वर्ष में ₹10 लाख या उससे अधिक की नकद जमा
- चालू खाते में यह सीमा ₹50 लाख
- ₹50 लाख या उससे अधिक की नकद जमा/निकासी
- एक व्यक्ति के सभी खातों को जोड़कर आकलन (एफडी सहित)
क्रेडिट कार्ड लेनदेन
- ₹1 लाख नकद जमा
- ₹10 लाख या उससे अधिक का भुगतान (चेक/ऑनलाइन)
शेयर और म्यूचुअल फंड
₹10 लाख या उससे अधिक के निवेश की रिपोर्टिंग
जमीन-जायदाद के सौदे
- ₹30 लाख या उससे अधिक के बैनामे
- सर्किल रेट भी आधार में शामिल
नकद भुगतान
₹2 लाख से अधिक के नकद भुगतान पर रिपोर्टिंग अनिवार्य
एसआरओ कार्यालयों पर बढ़ेगी सख्ती
आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक, जिन सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों ने समय पर एसएफटी रिपोर्टिंग नहीं की, उनके खिलाफ कार्रवाई और स्पष्टीकरण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। आवश्यकता पड़ने पर पेनल्टी भी लगाई जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बड़े संपत्ति सौदों और नकद लेनदेन पर विभाग की निगरानी और कड़ी होगी।
