अमेरिकी उपभोक्ता संघ Consumer Federation of America (CFA) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश में साइबर ठगों और ऑनलाइन घोटालों के कारण अमेरिकी नागरिक हर साल लगभग $119 बिलियन (करीब ₹9.90 लाख करोड़) से अधिक की हानि उठाते हैं। यह आंकड़ा एफबीआई के इंटरनेट क्राइम कंप्लेंट सेंटर (IC3) के डेटा और ठगी की उच्च मात्रा को ध्यान में रखते हुए अनुमानित किया गया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि एफबीआई के आंकड़े केवल रिपोर्ट किए गए मामलों को दर्शाते हैं, जबकि वास्तविक हानि इससे कई गुना अधिक हो सकती है। 2024 में एफबीआई को ऑनलाइन निवेश घोटालों और अन्य साइबर ठगी के लिए लगभग $16.6 बिलियन (करीब ₹1.38 लाख करोड़) की रिपोर्ट मिली थी, जो 2023 में दर्ज $12.5 बिलियन (करीब ₹1.04 लाख करोड़) से कहीं अधिक थी।
CFA ने 2017 के एक अध्ययन को आधार मानते हुए अनुमान लगाया कि अधिकांश साइबर ठगी के मामले सरकारी एजेंसियों तक नहीं पहुँचते। अध्ययन में यह पाया गया कि केवल लगभग 14 प्रतिशत ठगी की रिपोर्ट होती है। इसी आधार पर CFA ने वास्तविक नुकसान का अनुमानित आंकड़ा $119 बिलियन रखा है।
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CFA के AI और प्राइवेसी निदेशक Ben Winters ने कहा, “हमने सबसे सतर्क और प्रमाण आधारित तरीकों से आंकड़ा तैयार किया है। यह दिखाता है कि ठगों के कारण कितनी बड़ी राशि हर साल नुकसान में जाती है। हमारी कोशिश थी कि अनुमान पर वैज्ञानिक आधार हो।”
एफबीआई और CFA के अनुसार, सबसे ज्यादा आर्थिक हानि निवेश घोटालों से होती है। इनमें “पिग बचरिंग” जैसे फर्जी निवेश शामिल हैं, जहां ठग कई महीनों तक सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों से दोस्ती या रोमांटिक संबंध बनाते हैं और उन्हें नकली क्रिप्टो निवेश योजनाओं में पैसा लगाने के लिए प्रेरित करते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 में अमेरिकी जनता ने निवेश घोटालों के लिए एफबीआई को $6.6 बिलियन (करीब ₹54,900 करोड़) की रिपोर्ट की थी, जबकि वास्तविक हानि लगभग $46.6 बिलियन (करीब ₹3.88 लाख करोड़) के करीब थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ऐसे घोटाले और बढ़ सकते हैं क्योंकि कई ऑपरेशन मानव श्रम कम कर AI और ऑटोमेशन का उपयोग कर रहे हैं। इस कारण ठगी का पैमाना बढ़ रहा है और निवेशकों के लिए जोखिम और अधिक गंभीर हो गया है।
रिपोर्ट में यह भी चेताया गया है कि डेटा ब्रोकर्स की गतिविधियों पर नियंत्रण न होने से ठग आसानी से लोगों का निजी डेटा खरीदकर उन्हें लक्षित कर सकते हैं। 2021 में Epsilon Data Management ने अमेरिकी न्याय विभाग के साथ समझौता करते हुए वृद्ध नागरिकों की जानकारी बेचने पर $127.5 मिलियन (करीब ₹1,06,000 करोड़) का भुगतान किया था।
Winters ने कहा, “डेटा ब्रोकर्स को सीमित या प्रतिबंधित करना एक मजबूत कदम होगा। यही क्षेत्र है जहां सबसे संवेदनशील और लक्षित ठगी होती है। निवेशकों और आम जनता को सतर्क रहने की आवश्यकता है और केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करना चाहिए।”
विशेषज्ञों का निष्कर्ष है कि निवेशक और उपभोक्ता डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक हों और किसी भी संदिग्ध या असुरक्षित निवेश या ऑनलाइन अनुरोध के मामले में सतर्कता बरतें। साथ ही, सरकारी एजेंसियों और नीतिकारों को साइबर ठगी रोकने के लिए डेटा सुरक्षा और नियमित निगरानी उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करना होगा।
इस मामले ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है, और इससे बचाव के लिए तकनीकी उपाय, जागरूकता और नियामक नियंत्रण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
