कोलकाता में रियल एस्टेट फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत ED ने अलिपुर और आनंदपुर में छापेमारी की। कार्रवाई फरार आरोपी सोना पप्पू से जुड़े जमीन हड़पने और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों से जुड़ी है।

रियल एस्टेट में बड़ा घोटाला उजागर: कोलकाता में ED की कार्रवाई से मचा हड़कंप

Team The420
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कोलकाता:  पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े कथित बड़े वित्तीय घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। एजेंसी ने रविवार को शहर के कई इलाकों में एक साथ छापेमारी की, जो फरार आरोपी ‘सोना पप्पू’ से जुड़े जमीन हड़पने और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों की जांच का हिस्सा बताई जा रही है।

मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क तक पहुंची जांच

ED अधिकारियों के अनुसार, यह जांच अब केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि एक व्यापक और संगठित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की ओर बढ़ रही है, जिसमें अवैध संपत्ति लेन-देन और रियल एस्टेट फ्रॉड के गंभीर संकेत मिले हैं।

सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने कोलकाता के आनंदपुर और अलिपुर क्षेत्रों में दो प्रमुख कारोबारियों के आवासों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई पहले की पूछताछ और डिजिटल सबूतों से मिले इनपुट के आधार पर की गई, जिनमें इन कारोबारियों की संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों में भूमिका की आशंका जताई गई थी।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “यह छापेमारी वित्तीय अनियमितताओं और फरार आरोपी सोना पप्पू से संभावित संबंधों की जांच का हिस्सा है।”

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सोना पप्पू पर जमीन हड़पने और धोखाधड़ी के आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार, सोना पप्पू लंबे समय से जमीन हड़पने और वित्तीय धोखाधड़ी के कई मामलों में वांछित है और फरार चल रहा है। आरोप है कि उसने कई कारोबारी समूहों और स्थानीय नेटवर्क के साथ मिलकर एक संगठित ढांचा तैयार किया, जिसके जरिए अवैध धन का लेन-देन और संपत्ति सौदों में हेराफेरी की जाती थी।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हालिया छापेमारी में जिन दो कारोबारियों के ठिकानों की तलाशी ली गई, वे इस पूरे नेटवर्क में बिचौलिये की भूमिका निभा सकते हैं। ED यह भी जांच कर रही है कि क्या उन्होंने जानबूझकर इस अवैध वित्तीय ढांचे में मदद की या वे अनजाने में इसका हिस्सा बने।

दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त

छापेमारी के दौरान ED टीमों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े डेटा जब्त किए हैं। इन सभी सामग्रियों की गहन जांच की जा रही है ताकि मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध संपत्ति लेन-देन के ठोस सबूत जुटाए जा सकें। अधिकारियों का मानना है कि ये दस्तावेज पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क कई स्तरों पर काम करता था, जिसमें संपत्ति सौदे, नकद लेन-देन और शेल कंपनियों के जरिए धन के प्रवाह को छिपाने की कोशिश की जाती थी। इस तरह की जटिल संरचना के कारण जांच एजेंसियों के लिए पूरे रैकेट का पता लगाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

स्थानीय संपर्कों के जरिए सौदों की जांच

सूत्रों के अनुसार, सोना पप्पू पर पहले से ही कई मामलों में अवैध जमीन अधिग्रहण और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं। आशंका है कि उसने स्थानीय संपर्कों और वित्तीय मध्यस्थों के जरिए ऐसे सौदे किए, जिनमें नियमों को दरकिनार किया गया।

ED के सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी छापेमारी हो सकती है, क्योंकि जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। एजेंसी अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने और पूरे वित्तीय नेटवर्क की संरचना को समझने में जुटी है।

पूरी वित्तीय श्रृंखला तक पहुंचने की कोशिश

इस खुलासे ने कोलकाता के रियल एस्टेट बाजार में बड़े पैमाने पर चल रहे कथित वित्तीय अपराधों को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नेटवर्क अक्सर जटिल लेयरिंग और फर्जी कंपनियों के माध्यम से काम करते हैं, जिससे अवैध धन की पहचान और ट्रैकिंग मुश्किल हो जाती है।

फिलहाल जांच जारी है और ED जल्द ही कई अन्य लोगों को पूछताछ के लिए बुला सकती है। एजेंसी का कहना है कि इस पूरे मामले का उद्देश्य अवैध वित्तीय लेन-देन की पूरी श्रृंखला को उजागर करना और सभी जिम्मेदार लोगों की पहचान सुनिश्चित करना है।

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