तमिलनाडु में FQL MLM और Cryptocurrency निवेश से जुड़े कथित घोटाले के छह मामलों की जांच EOW को ट्रांसफर की गई है।

क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप, तमिलनाडु में FQL के 6 केस EOW को ट्रांसफर

Team The420
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चेन्नई। तमिलनाडु पुलिस ने कथित FQL मल्टी-लेवल मार्केटिंग और क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग घोटाले से जुड़े छह मामलों की जांच Economic Offences Wing (EOW) को सौंप दी है। मदुरै समेत दक्षिण तमिलनाडु के कई जिलों से बड़ी संख्या में शिकायतें मिलने और मामले में क्रिप्टोकरेंसी के जरिए कथित लेन-देन सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में निवेशकों को असामान्य रूप से अधिक दैनिक रिटर्न और 40 से 45 दिनों में निवेश दोगुना करने का भरोसा देकर रकम जुटाने का आरोप सामने आया है।

मामले में FQL Investment Trading, FQL Exchange App और VG Investment Group Syndicate के नाम सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, कथित नेटवर्क पिछले करीब सात महीने से सक्रिय था। स्थानीय एजेंट लोगों को निवेश के लिए तैयार करते थे और क्रिप्टो ट्रेडिंग से लगातार ऊंचे मुनाफे का दावा किया जाता था। निवेशकों से रकम नकद के अलावा G-Pay और UPI के जरिए लेने का आरोप है।

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प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि जमा की गई रकम के एक हिस्से को कथित तौर पर Tether यानी USDT में बदला गया। इसके बाद यह रकम FQL और VG से जुड़े वॉलेट में क्रेडिट किए जाने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां Binance से जुड़े वॉलेट और संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी पड़ताल करेंगी। पुलिस ने फिलहाल कथित ठगी की कुल रकम का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।

पैसे निकालने की कोशिश पर खुला कथित खेल

शिकायतों के मुताबिक, शुरुआत में निवेशकों को उनके खातों में बढ़ी हुई रकम दिखाई गई। इससे उन्हें योजना में और पैसा लगाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। लेकिन जब निवेशकों ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो कथित तौर पर निकासी नहीं हो सकी। कई लोगों के खाते में दिखाई दे रही रकम तक पहुंच भी बंद हो गई।

इसके बाद कुछ निवेशकों से कथित तौर पर अतिरिक्त भुगतान की मांग की गई। इसी दौरान FQL से संबंधित एप्लिकेशन बंद हो गया और निवेशकों के लिए अपने कथित बैलेंस तक पहुंचना मुश्किल हो गया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने पुलिस और प्रशासन से संपर्क कर अपनी रकम वापस दिलाने और पूरे नेटवर्क की जांच की मांग की।

अब तक छह मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें तीन मामले मदुरै में, जबकि एक-एक मामला डिंडीगुल, विरुधुनगर और शिवगंगा में दर्ज हुआ है। पुलिस ने मामले में 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है। आरोपियों से जुड़े 13 बैंक खातों को भी फ्रीज किया गया है।

मदुरै में बड़ी संख्या में शिकायतें

मदुरै में शिकायतों का दायरा लगातार बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने भी निवेशकों से जानकारी जुटानी शुरू की है। मेलूर, अलंगनल्लूर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने कथित निवेश और नुकसान से जुड़ी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखी हैं। मदुरै जिला कलेक्ट्रेट में विशेष अधिकारी पीड़ितों की अर्जियां लेकर निवेश की रकम और कथित नुकसान का विवरण जुटा रहे हैं।

पुलिस के मुताबिक, कई निवेशकों ने शुरुआत में दिखाए गए कथित ऊंचे रिटर्न को देखकर योजना में पैसा लगाया था। बाद में निकासी रुकने और एप बंद होने के बाद उन्हें कथित धोखाधड़ी का पता चला।

मामले को EOW को सौंपने के पीछे कई कारण बताए गए हैं। इनमें बड़ी संख्या में संभावित पीड़ित, कई जिलों तक फैला नेटवर्क, क्रिप्टोकरेंसी के जरिए कथित वित्तीय लेन-देन, USDT और Binance वॉलेट का इस्तेमाल तथा संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन शामिल हैं।

साइबर और वित्तीय अपराध मामलों के विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे मामलों में केवल बैंक खातों की जांच पर्याप्त नहीं होती। नकद भुगतान, UPI लेन-देन, क्रिप्टो वॉलेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बीच धन के प्रवाह को जोड़कर देखना जरूरी होता है। इस मामले में भी जांच एजेंसी का मुख्य फोकस कथित निवेश राशि के अंतिम लाभार्थियों, डिजिटल वॉलेट और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान पर रहने की संभावना है।

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